सिर्फ जगन्नाथ रथ यात्रा देखने के लिए कैलिफोर्निया से भारत पहुंचा विदेशी यात्री।
हिंदू धर्म की इस भव्य यात्रा को देखने के लिए विदेशी भी उत्साहित है। यह विदेशी श्रद्धालु दस सालों से इस यात्रा का इंतजार कर रहा था।
यही हिंदू धर्म की खूबसूरती है कि लोग विदेश से भी इसे महसूस करने भारत आना चाहते हैं।
स्पेन में 13 वर्षीय एक युवती का उसके पड़ोसी ने अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी को केवल 9 साल की सजा सुनाई गई।
सजा के केवल 6 साल पूरे करने के बाद उसे पैरोल पर रिहा कर दिया गया और वह फिर उसी शहर में लौट आया। एक दिन बस स्टॉप के पास उसकी मुलाकात पीड़िता की मां से हुई।
उसने तंज कसते हुए पूछा, "तुम्हारी बेटी कैसी है?"
मां का सब्र टूट गया। वह पेट्रोल लेकर लौटी, आरोपी पर पेट्रोल डाला और उसे आग लगा दी।
आरोपी गंभीर रूप से झुलस गया और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
महिला भागी नहीं। सदमे की हालत में होने के बावजूद उसने आसपास मौजूद लोगों को बताया कि उसने क्या किया है और पुलिस के आने का इंतजार किया।
उसे साढ़े पाँच साल की सजा सुनाई गई; लेकिन उसे माफ़ किए जाने की मांग को लेकर चले व्यापक जन अभियान के बाद रिहा कर दिया गया।
जो लोग सरकार पर सवाल कर रहे हैं की सोनम वांगचुक को कैसे उठाया गया है जबकि ये सब कोर्ट के ऑर्डर के बाद किया गया है
वो कॉक्रोच देखे
साल 2011, दिल्ली के 'रामलीला मैदान' में 'बाबा रामदेव' काँग्रेस सरकार के खिलाफ 'काले धन' को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे
सभी आंदोलनकारी रात को आराम से सो रहे थे
तभी 'सोनिया गाँधी सरकार' ने 5 हज़ार पुलिस वालों को भेजकर सोते लोगों पर लाठीचार्ज करवा दिया था।
*नेहरू की गद्दारी*
*संसद के रिकॉर्ड में*
*सबूत के साथ मौजूद है*
*देश से इतना बडा विश्वासघात*
*इतिहास में-शायद ही*
*किसी देश के प्रधानमंत्री ने*
*अपने देश की जनता के साथ कीया हो*
सूत्रों से पता चला है, कि वांगचुक पिछले 3-4 दिनों से चादर में छुप कर अमित शाह को whatsapp msg कर रहे थे... कि प्रभु बचा लो... ये कामी वामी पूरे दिन खाना भकोसते रहते हैं.. नाचते गाते रहते हैं... मै यहाँ भूखा मर रहा हूँ... इससे पहले कि मै निबट जाऊं... मुझे बचा लो प्रभु.
इतने दिनों से अमित शाह इनके msg read नहीं कर रहे थे.
सुनने में आया है कि कल देर रात अमित शाह को भेजे गए Whatsapp msg के दोनों Tick Blue हो गये.. और आज सुबह वांगचुक का Rescue हो गया ..!
देश का दुर्भाग्य यह है कि नियम न मानने वाले मेजॉरिटी में हैं; इसलिए उन्हें खुद पर शर्म नहीं आती।
देश की राजधानी का यह हाल है कि साइकिल के लिए बनाए गए ट्रैक पर धड़ल्ले से स्कूटी चलाई जा रही है। छोटे-छोटे बच्चे, जो यह सोचकर साइकिल लेकर निकलते हैं कि बड़े लोग कुछ तो नियमों का पालन करेंगे, वही इन गंवारों के स्कूटरों के पहियों के नीचे आकर अपनी जान गंवा देंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुछ युवाओ ने कुनाल कामरा के खिलाफ पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया
पोस्टर मे कुत्ता कुणाल कमरा पर सूसू कर रहा है
प्रदर्शनकारियों का कहना था,“हम छात्रों की वास्तविक समस्याओं का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंदू धर्म के प्रति नफ़रत फैलाने वालो का कभी समर्थन नही करेंगे