फेसबुक पर एक शिक्षिका हैं, उन्होंने पोस्ट किया है:
पता नहीं हर जिले में ऐसा है या केवल अमेठी में छह महीने से यह हो रहा है कि तीन तीन महीने तक एमडीएम का कन्वर्जन कास्ट नहीं आता है...
130 बच्चों में प्रतिदिन 122/125 बच्चे तक उपस्थित रहते हैं,परीक्षा में तो शत प्रतिशत उपस्थिति रहती है..उन्हें गुणवत्ता पूर्ण भोजन कराने का खर्च कितना है अंदाज़ा लगाइए ..फल,सब्जियां,दाल,तेल,मसाले की कीमत तो जाने दें नमक की कीमत भी ग्रांट पास करने वालों को पता नहीं होगी...
साथ ही भोजन बनाने में एक महीने में लगभग चार गैस सिलेंडर का खर्च होता है और सिलेंडर तथा दूध का एक रुपया सरकार नहीं देती है..( सिलेंडर मुफ़्त न दें तो उसपर सब्सिडी ही दे देते,लेकिन नहीं जी मास्टर उसे अपनी जेब से दें या एमडीएम में एडजस्ट करें,अब जिनके यहां अधिक नामांकन और कम उपस्थिति है वह तो एडजस्ट कर भी लें पर जिनके यहां नामांकन और उपस्थिति लगभग प्रतिदिन समान हो वह क्या करें?)
लोकल होने के कारण हमें बनिया से लेकर सब्जी,फल वाले सामान उधार दे देते हैं पर आख़िर कितने महीने वह उधार दें और अगर मास्टर अपने पास से लगाए तो कितना लगाए और कब तक लगाए क्योंकि महीने में पांच दस हज़ार नहीं बीसों हज़ार रुपए भोजन में खर्च होते हैं..
मास्टर चोर हैं,निकम्मे हैं,भ्रष्टाचारी हैं मान लिया किंतु बड़े साहब लोग आप लोग एक महीने ही बिना ग्रांट के गुणवत्ता पूर्ण भोजन बनवा कर बच्चों को खिला दें ताकि हम लोग आपसे सीख सकें कि बिना पैसों के कैसे नियमों का पालन होता है..
बाक़ी रसोइयां लोगों की इतनी कड़ी मेहनत,काम के घंटों के हिसाब से महीने में मात्र दो हज़ार रुपए मानदेय है और वह भी हर महीने रेगुलर न आकर तीन चार महीनों में मिलता है उसकी तो कोई सुधि ही नहीं लेने वाला है(काश इन्हें मनरेगा से जोड़ देते तो भी कुछ बेहतर होता)
स्कूल में अपने बच्चों का मुँह देखकर हर समस्या भूल जाने वाले मास्टर किससे गुहार लगाएं, कहां जाएं?
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@CMOfficeUP से आग्रह है कि इसका संज्ञान लें और निदान करें। साथ ही, यह भी देखें कि क्या यह समस्या व्यापक है?
आपमें से किसी की भी कोई पहुँच हो शिक्षा विभाग तक तो इसे आगे बढ़ाएँ।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जनहित में कराते हुए निर्देश दिया कि कोई फाइल 4 दिन से ज्यादा न रोकी जाए ।
संत कबीर नगर में चयन वेतन मान की फाइलों को 2 माह से अधिक से रोका गया है ।
@AnkurRajBJP313@myogiadityanath@thisissanjubjp
शिक्षक अपना छुट्टी और रविवार छोड़कर प्राथमिकता पर SIR का काम कर रहा है ,माननीय मुख्यमंत्री जी के 3 दिवस के फाइल निपटाने के निर्देशो की अवहेलना कर एक टेबल पर 15 दिन से अधिक चयन वेतन मान की फाइलों को रोका जा रहा है ।
@myogiadityanath@thisissanjubjp@basicshiksha_up
लखनऊ गोरखपुर इंटरसिटी 15032 से यात्रा कर रहा हूं।
D5 बोगी में सीट नंबर 89 पर।
सीट पूरी तरह से टूटी हुई है।
आज के समय में एक आम यात्री @indianrailway__ से ये उम्मीद नहीं करता है।
@AshwiniVaishnaw