पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ़,रोहतास जिला कांग्रेस कमिटी ने जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।
जनता के मुद्दों पर कांग्रेस का संघर्ष जारी है,
युवा, किसान और आम जनता की आवाज़ बुलंद है।
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
Students are the soul of this country. For decades one leader stood with them when it mattered.
Today the fight to protect their future has begun. Be ready to hit the streets for students' futures.
The resistance is calling.🔥✊
Rahul Gandhi is not just leading the opposition - he’s leading the people.
His fearless stand and consistent fight for justice are inspiring millions across India.
Thousands of furious students and NSUI activists have surrounded Raj Bhavan in Lucknow today, raging against the NEET paper leak and the broken CBSE OSM Evaluation System.
They’ve given a clear ultimatum: Education Minister Dharmendra Pradhan must resign NOW - and NTA must be banned immediately.
The youth are done staying silent. This fight has just begun.🔥✊
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
बिहार के पत्रकारों में ये खासियत तो जरूर है, वे किसी तरह का दिखावा नहीं करते हैं, आपको बताएंगे भी कि मालिक ने बुलाया था, बोटी खिलाया है, और उन्हीं के लिए भौंकूंगा...... मुझसे निष्पक्ष पत्रकारिता का उम्मीद मत रखना।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, किसनपुर (सुपौल) की यह हालत बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
जब गार्ड "डॉक्टर" बन जाए और व्यवस्था जवाबदेह न रहे, तो जनता का भरोसा कैसे बचेगा?
बिहार को दिखावे नहीं, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और जवाबदेही चाहिए।