"इनकार करने वालों से कह दो, जल्द ही तुम पराजित होगे और नरक की ओर हाँके जाओगे और वह बुरा ठिकाना है।"
(सूर: आले इम्रान:12)
#Islamophobia_In_India#RSSTerrorists
Dear Prime Minister Ambani,
Please accept my humble apologies for not realizing that you are the real boss of India.
Naturally, you would prefer to maintain your monopolistic exploitation of the great people of India, but would you nonetheless consider allowing Starlink to compete?
There are many areas of India, as there are in all countries, with no Internet access, which denies children the opportunity for education and for small businesses the opportunity to sell their goods to a global market. Starlink would change their lives for the better.
Thank you 🙏
मैं 10-12 साल से कार चला रहा हूँ और पहली बार करीब एक महीने पहले ऐसा हुआ कि मेरी कार अचानक बंद हो गई। कोई नोटिफिकेशन भी नहीं आया, जबकि बात-बात पर नोटिफिकेशन देने वाली XC90 Car बस अचानक बंद हो गई।सर्विस सेंटर फोन किया तो उन्होंने कहा कि आजकल ऐसे इश्यू आ रहे हैं। आप 30 मिनट रुक जाइए, उसके बाद धीरे-धीरे सेंटर ले आइए। वैसा ही हुआ... 30 मिनट बाद स्टार्ट हो गई और सेंटर आ गई।वहाँ उन्होंने कहा कि इंजन में कुछ इश्यू है। हमने पूछा क्यों हुआ, तो बोले कि शायद खराब पेट्रोल डल गया होगा, क्योंकि कार 36 जगह जाती है, कहीं भी डल गया होगा।अब मैं सोच रहा हूँ... माइलेज तो कम हुआ है, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन उतना हम लोग नोटिस भी नहीं करते। मगर सोचिए... अगर इतनी अच्छी, सबसे सुरक्षित कही जाने वाली कारों के इंजन पर भी खतरा आ सकता है, तो भविष्य में हमारे पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम का क्या होगा?गडकरी जी की गलती हो या पेट्रोलियम मंत्रालय की... लेकिन अगर ईंधन की क्वालिटी या नई फ्यूल पॉलिसी की वजह से लोगों को इंजन का नुकसान, कम माइलेज और लाखों की गाड़ी पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़े, तो इसका जवाब कौन देगा? आखिर आम लोगों की गाड़ियों पर ये कैसा प्रयोग हो रहा है?
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्तार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।
ख़ान Sir का पूरा वीडियो देखिए तो आपको पूरी सच्चाई पता चलेगी।
इस लड़ाई को यादव-मुस्लिम मत बनाइये BJP दोनों की दुश्मन है।
सब लोग देखते रहिए सरकार जल्द से जल्द ED,CBI, इनकम टैक्स की रेड भी खान Sir पर करायेगी। सरकार ने तैयारी करनी शुरू कर दी होगी ।
गरीब बच्चों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को तो बख्श दो मोदी जी ।
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“गाय का दूध पिया करो, इनका घी भी खाया करो और इसका गोश्त खाने से बचो, क्यों की इसका दूध और घी में शिफा है और इसका गोश्त में बीमारी है”
(मुस्तद्रक 8232)
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