सात सामाजिक पापकर्म -
1.सिद्धान्त के बिना राजनीति
2.काम के बिना धन
3.विवेक के बिना सुख
4.चरित्र के बिना ज्ञान
5.नैतिकता के बिना व्यापार
6.मानवता के बिना विज्ञान
7.त्याग के बिना पूजा
:-महात्मा गांधी
बेंच और ईंट हटाकर बड़बोले शिक्षा मंत्री और मुँहफट मुख्यमंत्री को ढांचा थामकर खड़े रहने को बोला जाना चाहिए! थामे रहो निर्लज्जों जबतक नया भवन नहीं बन जाए!
कहां तो AI वाले CM बिहार में विश्वस्तरीय मैथ्स और केमिस्ट्री का विश्वविद्यालय बना रहे थे और कहां बच्चे जीवित रहने की गारंटी के साथ स्कूल पढ़ाई भी नहीं कर सकते!
यहाँ अलीनगर विधानसभा की मा० विधायक को लंदन में अपने नाप का जींस मिल गया, इससे बिहार के बाढ़ पीड़ितों के साथ साथ इस जर्जर स्कूल के विद्यार्थियों का जीवन सफल हो गया!
एक जींस शिक्षा मंत्री और एक जींस मुख्यमंत्री के लिए लाईं कि नहीं लाईं?
#RJD #Bihar
आज गांधी जयंती है।
और आज ही, हज़ारों नौजवान वोट चोरी के ख़िलाफ़ सड़कों पर हैं - शांतिपूर्वक, बिना हिंसा के, अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए।
उनकी माँग साफ़ है: ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें। लोकतंत्र बचाओ।
और Modi-Shah सरकार का जवाब? लड़के-लड़कियों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है। सैकड़ों हिरासत में हैं। उनका कसूर सिर्फ़ यह कि उन्होंने वोट चोरी पर सवाल पूछा।
बापू ने यही सिखाया था - सच बोलो, शांति से लड़ो। और यही सरकार को सबसे ज़्यादा डराता है।
क्योंकि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं।
ज्ञानेश कुमार जाएँगे। और जिस सिस्टम ने उन्हें बिठाया है, वो भी जाएगा।
डिग्री कॉलेजों में उर्दू, फारसी, अरबी, मैथिली एवं संस्कृत विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हेतु अविलंब अधिसूचना जारी कर बहाली प्रक्रिया प्रारंभ करने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार को पत्र लिखा। #TejashwiYadav#Bihar#jobs#professores
मोदी-शाह हर चुनाव के पहले ज्ञानेश कुमार को आंकड़ा दे देते हैं कि भाजपा को कितने सीट चाहिए! और उसी हिसाब से SIR करवाया जाता है!
बिहार और बंगाल में अवैध चुनाव हुआ है! बिहार और बंगाल का चुनाव फिर से करवाया जाना चाहिए!
भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण दे रखा है कि भाजपा के लिए काम करो और हम आपको कुछ नहीं होने देंगे!
बिहार, बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र...में विपक्ष हारी नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की मदद से भाजपा को जिताने का काम किया गया है!
#TejashwiYadav
#CEC #EC
@yadavtejashwi #RJD
बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की रूह कंपकपाने वाली तस्वीर! टोर्च की रोशनी में गर्भवती का ऑपरेशन!
बाढ़ और संकट के समय बिहार का दौरा नहीं करने वाले तथा केवल चुनावों में ही बिहार आकर बिहार को ही बदनाम एवं अपमानित करने प्रधानमंत्री जी बिहार आएंगे और फिर 21 सालों की एनडीए सरकार के जंगलराज का रोना रोएंगे।
विगत 𝟐𝟖 दिनों से बिहार बाढ़ की विभीषिका से ही नहीं बल्कि सुखाड की भी मार झेल रहा है।राज्य में 𝟑𝟓 फीसदी से कम बारिश हुई है। भीषण सूखे के कारण राज्य के लाखों हेक्टेयर जमीन में खड़ी फसलें नष्ट हो रही है। लाखों किसानों का लागत मूल्य भी नहीं निकल रहा। सूखे का सरकार ने अभी तक कोई आंकलन भी नहीं किया है। किसानों के सामने आजीविका का संकट है।
दूसरी तरह बिहार विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित है। राज्य के 𝟓𝟎 लाख लोग बाढ़ प्रभावित है लेकिन फिर भी एनडीए की संवेदनहीन सरकार बाढ़ पीड़ितों की कोई सुध नहीं ले रही। खानापूर्ति के लिए नाम मात्र की गिनी चुनी कुछ सामुदायिक रसोई और राहत शिविर शुरू किए थे वो भी फंड की कमी के चलते 𝟐-𝟒 दिन में ही बंद कर दिए गए।
अब बताइए जरा, जिन गरीबों के मकान गिर गए, जिनके घरों में पानी भरा है, जिनकी दिनचर्या का सामान जैसे जूते-चप्पल, कपड़े और बर्तन पानी में बह गये हैं, जिनके घरों के पास अब भी बदबूदार पानी जमा है वहाँ इस बेशर्म सरकार ने राहत शिविर बंद कर दिए है, बताइए वो बाढ़ पीड़ित इन परिस्थितियों में कहाँ जाएँगे?
सरकार के खजाने पर पीड़ितों का हक़ है लेकिन वो सारा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया? इस सरकार ने ना कोई राहत दी और ना ही कोई तिरपाल व खाने पीने का सामान?
बिहार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है। 𝟐𝟎𝟏𝟓 में जब हमारी महागठबंधन की सरकार थी तब आपदा प्रबंधन और वित विभाग राजद के पास था तब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय लालू प्रसाद जी की सलाह पर हमने बजट में यह प्रावधान कराया था कि बाढ़-सुखाड़, प्राकृतिक आपदा और संकट के समय राज्य के कुल बजट की चार फीसदी राशि को आकस्मिक निधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है। अब आप बजट के अनुरूप हिसाब लगाइए कि बिहार की आकस्मिक निधि कितनी होगी? कहाँ गई वो राशि?
बिहार के किसानों की समस्याओं को सरकार सुन नहीं रही है। बाढ़ के कारण लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में लगी धान, मक्का, सब्जी और केले की फसल बर्बाद हुई है। क्षतिग्रस्त फसल का कोई मुआवजा नहीं मिला है।
मेरे पत्र लिखने और लगातार बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठाने पर दिखावटी तौर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी को बिहार भेजा गया। अब उस दौरे पर उन्होंने क्या रिपोर्ट 𝐬𝐮𝐛𝐦𝐢𝐭 की, राहत पुनर्वास तथा नुकसान का कितना आंकलन किया इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है।
प्रधानमंत्री राहत कोष जिसे कोरोना में खत्म कर पीएम केयर्स फंड (𝐏𝐌 𝐂𝐀𝐑𝐄𝐒 𝐅𝐮𝐧𝐝) बनाया गया, उस फण्ड से बिहार की मदद क्यों नहीं की गई?
गोवा, अरुणाचल प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों को मिलाकर उनकी जितनी कुल जनसंख्या है उससे अधिक आबादी बिहार में बाढ़ से प्रभावित है लेकिन गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को बिहार की कोई फिक्र नहीं? बिहार की कोई सहायता नहीं? क्या यह बिहार के साथ भेदभाव नहीं है?
बाढ़ के बाद भी 𝟏𝟎𝟎 करोड़ के दीये जला बाढ़ पीड़ितों का जिया जलाने वाले सत्ताधारी संवेदनहीन लोग अब अपनी एक लाख-दो लाख की सैलरी देने की प्रतीकात्मक नौटंकी कर रहे है। इन सबकी सैलरी मिलाकर कुल 𝟐-𝟑 करोड़ रुपए भी जमा नहीं होंगे। क्या 𝟓𝟎 लाख लोगों के लिए ये 𝟐-𝟑 करोड़ रुपए पर्याप्त रहेंगे?
अरे आपके अंदर हिम्मत है तो सरकार से मदद करवाओ ना? डबल इंजन सरकार इसी को कहते है क्या??
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार से है और उन बेचारे की इतनी भी हैसियत नहीं कि प्रधानमंत्री से आग्रह कर सके कि हे हुज़ूर; एक बार मेरे राज्य का दौरा कर लीजिए। बिहार में प्रथम बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है, बिहार से 𝟖 केंद्रीय मंत्री और एनडीए के कुल 𝟒𝟐 सांसद है, 𝟐𝟓𝟎 से अधिक 𝐌𝐋𝐀/𝐌𝐋𝐂 है लेकिन सब नकारे और निकम्मे है। जनता ऐसे नकारे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
कथित डबल इंजन सरकार बाढ़ पीड़ितों को अविलंब 𝟏𝟓 हज़ार की मदद तथा सुखाड़ और बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वेक्षण करा उन्हें यथाशीघ्र मुआवजा दें।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस पर सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं।
महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के लिए आपका संघर्ष और समर्पण प्रेरणादायी है। महिला सशक्तिकरण के साथ समाज में उनकी बराबरी और हिस्सेदारी की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।
बेशर्म बिहार सरकार कल प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिवस पर ‘आशीर्वाद का दीया’ नामक सरकारी कार्यक्रम का आयोजन कर बिहार जैसे ग़रीब राज्य में 100 करोड़ रूपए का दीया-बाती व तेल के साथ-साथ बाढ़ प्रभावितों का जिया भी जलाएगी।
बिहार बाढ़ से त्राहिमाम कर रहा है, 49 लाख लोग बाढ़ प्रभावित है। उनकी सहायता करने की बजाय डबल इंजन सरकार मोदी के प्रचार में 100 करोड़ रूपए नाले में प्रवाहित करेगी। शर्मनाक! कोई लोकलाज नहीं! घोर निंदनीय!
Greetings to all engineers on #EngineersDay. Engineering community playing a vital role in nation building through their vision and hardwork.
Tributes to the legendary engineer of India, Bharat Ratna M. Visvesvaraya on his birth anniversary.
मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।
मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।
नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।
आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।
https://t.co/LJKkkNMrGM
#ChhatronKiGoonj
Chongtham Vikram Singh ji, a renowned musician from Manipur, went downstairs to ask some men to lower the noise outside his home. He was beaten to death for it.
A father, killed outside his own home, in his own country's capital. After many such incidents, every Northeast family in Delhi is asking the same question today - are we safe here?
What are Shah's MHA and Delhi Police doing to stop this growing lawlessness, especially against people from the Northeast?
There must be a swift investigation, and the culprits must be brought to justice. My condolences to Vikram ji's family.
बिहार में बाढ़ आपदा को लेकर माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिख आग्रह किया है कि वो अविलंब बिहार का दौरा कर विनाशकारी बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करे तथा बिहार की मदद के लिए तत्काल 𝟓 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता राशि के अलावा राज्य को हरसंभव मानवीय एवं अन्य जरुरी सहायता उपलब्ध कराएं।