प्रेस कांफ्रेंस का कमरा पत्रकारों से खचाखच भरा हुआ था. राहुल जी से जातिगत जनगणना पर एक सवाल पूछा गया- जवाब में उन्होंने पूछा
- आपमें से कितने दलित हैं?
एक हाथ नहीं उठा
- आपमें से कितने आदिवासी हैं?
एक हाथ नहीं उठा
- आपमें से कितने लोग OBC हैं?
एक हाथ नहीं उठा
उनका जवाब साफ़ था - यही कारण है कि जाति जनगणना की आवश्यकता है, सच्चाई जानने के लिए
@RahulGandhi
#क्या_ये_पत्रकार_कहलाने_लायक_हैं.? आप ही बताइए.! 🙏
अभी दो दिन पहले भोपाल में 'आजतक' चैनल का 'पंचायत मध्यप्रदेश' नाम से एक कॉनक्लेव हुआ। वहां के दो नज़ारे देखिए फिर बताइए ये पत्रकार कहलाने लायक हैं?
दृश्य एक -
मंच पर एंकर चित्रा त्रिपाठी के सवालों के घेरे में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर थीं। नेहा ने कहा आप 'रिमोट से लंहगा उठाने' वाले नेता से सवाल क्यों नहीं पूछतीं?
यह चर्चित और अश्लील गाना बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का है।
चित्रा का जवाब था कि 'वो पांच लाख वोटों से जीते हुए हैं इसलिए उनसे सवाल नहीं किया जा सकता। उनसे सवाल पूछना जनता का अपमान होगा।'
चित्रा के तर्क (असल में कुतर्क) से तो इस देश में किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि से सवाल नहीं किया जा सकता। पंच, सरपंच से लेकर सीएम, पीएम तक सब वोट से ही चुने जाते हैं। कोई पांच वोट से जीते या पांच लाख वोट से क्या फ़र्क पड़ता है.!
दृश्य दो -
'आजतक' का वही कॉनक्लेव। मंच पर एंकर श्वेता सिंह भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर से सवाल कर रहीं हैं। प्रज्ञा ने राष्ट्रपिता के हत्यारे नथूराम गोडसे को सही और गांधी जी को गलत ठहराया। प्रज्ञा ने देश के पहले आतंकवादी गोडसे का पक्ष लेते हुए उसे देशभक्त बताया और कहा कि गांधी ने गलत किया था इसलिए गोडसे ने हत्या की।
प्रज्ञा खुद आतंकवादी घटना (मालेगांव बम विस्फोट) में आरोपी हैं।
जिस समय प्रज्ञा गोडसे को देशभक्त बता रही थीं एंकर श्वेता सिंह ने कोई प्रतिवाद नहीं किया बल्कि खुशी से मुस्कुरा रही थीं।
जिस गांधी के सामने अभी चार दिन पहले नरेंद्र मोदी सहित दुनिया भर के नेता नतमस्तक थे उसके सम्मान में श्वेता सिंह ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
अब आप बताइए क्या ये सचमुच पत्रकार हैं?
#BoyCottGodiMedia
इंडिया 2014 के बाद
2014 से पहले महंगाई पर विरोध होता था
2014 के बाद सब कुछ महँगा देश को आगे बढ़ाने के लिए हुआ है
2014 से पहले मीडिया सत्ता से सवाल करता था
2014 के बाद मीडिया विपक्ष से सवाल करता है
2014 से पहले लोग बोलते थे सरकारे सुनती थी
2014 के बाद सिर्फ़ मन की बात चलती है
2014 से पहले सिलेंडर महँगा लगता था
2014 के बाद सब चंगा है
2014 से पहले PM मीडिया के सवालों का जवाब देते थे Press conference करते थे
2014 के बाद मीडिया ही सारा दिन पीएम को डिफेंड करता रहता है , प्रेस कांफ्रेंस तो भूल ही जाओ
2014 से पहले बॉलीवुड वाले मुद्दों पर बोलते थे
2014 के बाद सब तलवे चाट रहे है सरकार के
2014 से पहले किसान धरना देते थे तो मीडिया उन्हें किसान कहता था
2014 के बाद किसान धरना दे तो आपको पता है IT सेल के ANI और दो शब्द वाले पत्रकार क्या कहते है
लिखने को अभी बहुत कुछ है चलो जाने दो और लिखूँगा तो अंधभक्त रोने लगेंगे , ख़ैर जिसको अच्छे दिन नहीं चाहिए वो इस पोस्ट को रीट्वीट कर सकता है
राजस्थान : जातिवाद ने फिर ले ली दलित छात्र की जान.
स्कूल के टीचर राजकुमार यादव जातिसूचक शब्दों से कर रहा था प्रताड़ित. छात्र ने की सुसाइड, जयपुर के पावटा के नवोदय स्कूल की घटना.
@PavanKaushik3@khankhanparvej1@BoltaHindustan@ArvindKejriwal@INCIndia@PavanKaushik3 ji india me muft ka gyan batne wale bahut milte hai. Agar koi sarkar health aur education par subsidy karta hai ya muft deta hai to isme minimum 10000 ka saving hota hai jisse wo koi dusra kam kar sakta hai. Avi har middle class education aur health expenditure.
@MohitBharatYBP Ek ki life pr itna dard kam se kam ye avi sakushal laut aya hai .dalit log ko jaan se maar diya jata hai balatkar kiya jata hai soshan hota hai uska kya. Ek pahlu ko mat dekho sab pahlu pr baat kro. Desh hamesha se ek jamat ka hi hukumat rha hai.
यूपी के जौनपुर में 6 लड़के एक नाबलिग बेटी को घर से उठाकर ले गए
वीडियो इतना बीभत्स है कि देखकर रूह कांप जाए।
पापा.मम्मी मुझे बचा लो...प्लीज मुझे बचा लो !
इन हैवानों में आशीष, पप्पू,गोरे, विक्की, प्रमोद,शेषमणि शामिल थे
इनकी हिम्मत तो देखिए सबक सिखाने के लिए खुद वीडियो वायरल कर दिया