देश को जानने का हक है,
आज तक के इतिहास में पहली बार EVM सुप्रीम कोर्ट पहुँचीं। हरियाणा की पंचायत चुनाव वाली उन मशीनों की जांच में 4 साल लगे… और पाँचों में टेंपरिंग पाई गई, नतीजे पलट दिए गए।
सवाल EVM का नहीं,
सवाल लोकतंत्र की विश्वसनीयता का है।
जब नड्डा भाषण दे रहे थे उसी दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड बेहोश हो गए।
ना नेताजी का भाषण रुका ,ना कोई नेता मंच से उठे।
Arthur Schopenhauer ने लिखा था “Compassion is the basis of morality”
इनमें देश के नागरिकों के लिए करुणा तक नहीं, morality तो दूर है!
मुरादाबाद में फांसी लगाने वाले BLO सर्वेश सिंह ने सुसाइड नोट में लिखा -
'रात-दिन काम करता रहा, फिर भी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया। रात मुश्किल से कटती है, दिन को चैन नहीं मिलता। मुझे क्षमा करना'
'मैं जीना तो चाहता हूं, पर क्या करुं। बेचैनी व घुटन में खुद को डरा महसूस कर रहा हूं'
UP सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर के ट्रस्ट पर आरोप है कि उन्होंने मेरठ में 46 दलितों को गंभीर बीमार/विस्थापित बताकर उनकी 19 बीघा जमीन 10 करोड़ रुपए में खरीद ली। इसके 1 साल बाद ही इस जमीन के पास सरकारी टाउनशिप आ गई। इस वजह से अब इस जमीन का रेट 4 गुना हो गया है।
नियम है कि दलित व्यक्ति या तो गंभीर बीमार हो, या फिर विस्थापित हो रहा हो। तभी वो जमीन बेच सकता है। "दैनिक भास्कर" ने जमीन बेचने वाले कई लोगों से बात की। उन्होंने कहा कि न तो वो बीमार हैं और न ही कहीं जा रहे। जमीन की खरीद फरोख्त प्रक्रिया में मंत्री पर सवाल उठे हैं।
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अन्याय+पाखण्ड+भूत +प्रेत+देवी+देवता+ भगवान उँच+नीच+बर्बादी+वेद+ग्रन्थ+धर्म+ वर्ण+जाती+हिन्दू+भ्रष्टाचार+असमानता=हिन्दू राष्ट्र कैसे?
या
संविधान+विज्ञान+समाज+शिक्षा+समता+ समानता+बंधुता+भाईचारा+मानवता+न्याय + सुरक्षा+स्वास्थ्य+दृष्टिकोण+उत्थान+हक+
अधिकार=गणराज्य से दर्द किसको..?
‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ का नारा तो हर कोई लगाता है, लेकिन भगतसिंह के विचारों और उनके रास्ते पर चलने की बारी आती है तो सब किनारा कर लेते हैं। देश सिर्फ नारों से नहीं, विचारों और संघर्षों से बदलता है।