@varanasipolice थाना चौबेपुर में दी गई शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर शोषण, गर्भपात और पैसों की ठगी की गई है। अब आरोपी रोशन यादव और उसके दोस्त जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कृपया पीड़िता को न्याय दिलाएं और तुरंत कार्रवाई करें। @Uppolice
जब चौबेपुर (वाराणसी) इंस्पेक्टर साहब को मुकदमा लिखवाना ही नहीं था । तो लड़की को सुबह से लेके अकेले लड़की को रात के 8 बजे तक थाने में बैठाने का क्या मतलब है । और फिर लड़की द्वारा ही लड़के को बुलवाकर लड़का पक्ष को आने पर लड़की से ये कह देना कि जाओ हम तुम्हारा मुकदमा नहीं लिखेंगे।
@IndianOilcl@MoPNG_eSeva booked a subsidized LPG cylinder on 15 Jun 2026 and paid ₹1004 online. My distributor (Khalilabad Gas Service, UP) marked the booking as "Completed" on 22 Jun without delivering the cylinder. I have payment proof & WhatsApp chat. Kindly investigate 🙏
हमारे देश को @raghav_chadha जैसे ही नेता की जरूरत हैं। जब से देख रहा हूं आम आदमी के ही मुद्दे उठाते हैं।
बँक आम आदमी की मेहनत की कमाई को चुपके से खत्म कर रहे हैं। मिनिमम बैलेंस पेनल्टी, एक्स्ट्रा ATM इस्तेमाल करने की फीस, इनएक्टिविटी चार्ज, स्टेटमेंट फीस, NEFT कॉस्ट, लोन प्रोसेसिंग चार्ज, नॉमिनी बदलने की फीस, डिमांड ड्राफ्ट चार्ज और भी बहुत कुछ।
राघव चढ्ढा ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा फीस को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि एक सरकारी नौकरी के लिए लाखों अभ्यर्थियों से परीक्षा फीस ली जाती है, लेकिन पद बहुत कम होते हैं। ऐसे में अगर सरकार पर्याप्त नौकरियां नहीं दे पा रही है, तो अभ्यर्थियों से ली गई फीस को रिफंड करने पर विचार क्यों नहीं किया जाता?
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार छात्रों की फीस से अपना खर्च चला रही है? इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे युवाओं और बेरोजगार छात्रों की आवाज बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक मुद्दा मान रहे हैं।
मामला अब “नौकरी नहीं तो फीस रिफंड” की मांग के साथ चर्चा का विषय बना हुआ है।
L
जब आम नागरिक कुछ हजार रुपये के सालाना मोबाइल प्लान में अपना काम चला सकता है, तो सांसदों को ₹1.5 लाख सालाना इंटरनेट और फोन भत्ता क्यों? क्या वाकई आधिकारिक संचार के लिए इतनी बड़ी राशि जरूरी है, या यह सुविधा जरूरत से ज्यादा है?
अगर निजी कंपनियों के 1 साल के प्लान ₹2,500–₹3,000 में डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग दे रहे हैं, तो फिर ₹12,500 महीना किस आधार पर तय किया गया? क्या सांसदों की संचार जरूरतें इतनी असाधारण हैं कि खर्च आम दरों से कई गुना बढ़ जाए? यह अंतर खुद ही कई सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ी चिंता पारदर्शिता की है। क्या इस भत्ते का कोई स्पष्ट ऑडिट होता है? क्या जनता जानती है कि इस राशि का उपयोग वास्तव में आधिकारिक काम में ही हो रहा है या नहीं? लोकतंत्र में जवाबदेही सिर्फ जनता के लिए नहीं, जनप्रतिनिधियों के लिए भी होनी चाहिए।
देश में जहां करोड़ों लोग महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, वहां जनप्रतिनिधियों के भत्तों पर खुलकर चर्चा क्यों नहीं होती? आम आदमी के खर्च पर हर बार सवाल उठते हैं, लेकिन सत्ता और विशेषाधिकारों पर चुप्पी क्यों?
लोकतंत्र में सवाल उठाना विरोध नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। अगर ₹1.5 लाख सालाना भत्ता उचित है तो उसका तर्क और हिसाब साफ-साफ सामने आना चाहिए। वरना जनता यह पूछने का अधिकार रखती है कि क्या यह सुविधा वाकई जरूरी है या सिर्फ एक और अनदेखा विशेषाधिकार।
क्या UP Board की 10वीं/12वीं मार्कशीट या सर्टिफिकेट में नाम, जन्मतिथि, पिता/माता का नाम गलत है?
अब घबराओ मत! छोटी-मोटी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है (जॉब, कॉलेज एडमिशन, पासपोर्ट में दिक्कत)। घर बैठे मोबाइल से Name/DOB Correction के लिए अप्लाई करो।
(UPMSP Samadhan Portal से आसान प्रोसेस) 👇
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (2026 अपडेटेड):
1. वेबसाइट पर जाएँ: Google में "upmsp samadhan portal" सर्च करें या डायरेक्ट लिंक: https://t.co/QzOnHDEm9R पर क्लिक करें।
2. रजिस्ट्रेशन/लॉगिन: Mobile No. और Email से Register करें (पहली बार)। Already registered? Login करें।
3. सेवा चुनें: लॉगिन के बाद "संशोधित अंक पत्र जारी करना" या "संशोधित प्रमाण-पत्र / जन्म तिथि में संशोधन" (Revised Marksheet / Certificate with Name/DOB Correction) वाला ऑप्शन चुनें।
4. डिटेल्स भरें: Class (High School/Intermediate), Roll Number, Passing Year, Name (जैसा अभी है), Father's Name, School Code आदि भरें। सुधार वाली डिटेल्स (नया नाम/DOB) स्पष्ट लिखें।
5. जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें:
° आधार कार्ड / Birth Certificate (सही नाम/DOB का प्रूफ)
° Affidavit (नोटरी से नाम बदलाव का)
° पुरानी मार्कशीट/सर्टिफिकेट की कॉपी
° Gazette Notification (अगर बड़ा नाम चेंज है, वैकल्पिक)
° स्कूल से साइन वाला आवेदन (अगर जरूरी)
6. फीस पेमेंट: फीस लगभग ₹500-₹1000 (सुधार के प्रकार पर, ऑनलाइन पेमेंट करें। नाम/माता-पिता नाम सुधार के लिए ₹1000 तक हो सकती है)।
7. सबमिट और ट्रैक: Application Submit करें। Registration ID नोट कर लें। "कार्यवाही की स्थिति" सेक्शन में स्टेटस चेक करें। अप्रूवल के बाद Revised Marksheet/Certificate पोस्ट से आएगा या ऑफिस से कलेक्ट कर सकते हैं (30 कार्य दिवस में)।
और जानकारी coment मे 👇
UP Police Computer Operator grade A भर्ती में टाइपिंग परीक्षा के नियम अचानक बदले गए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
यह गंभीर विषय न्यूज पेपर में भी में प्रकाशित हुआ।
भर्ती बोर्ड से निवेदन है कि प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में तुरंत उचित कदम उठाया जाए।
UP Police Computer Operator grade A 2023 भर्ती में टाइपिंग परीक्षा के नियम अचानक बदले गए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
यह गंभीर विषय न्यूज पेपर में भी में प्रकाशित हुआ।
अभ्यर्थियों के हित में तुरंत उचित कदम उठाया जाए।
@upprpb@CMOfficeUP
@DGPUPPolice
@UPGovt
UP Police Computer Operator grade A
भर्ती में टाइपिंग परीक्षा के नियम अचानक बदले गए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
भर्ती बोर्ड से निवेदन है कि प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में तुरंत उचित कदम उठाया जाए।
@upprpb@CMOfficeUP
@DGPUPPolice
@myogiadityanath
UP Police Computer Operator grade A 2023 भर्ती में टाइपिंग परीक्षा के नियम अचानक बदले गए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ
यह गंभीर विषय न्यूज पेपर में भी में प्रकाशित हुआ
अभ्यर्थियों के हित में तुरंत उचित कदम उठाया जाए।
@upprpb@CMOfficeUP@myogiadityanath@dgpup
UP Police Computer Operator grade A भर्ती में टाइपिंग परीक्षा के नियम अचानक बदले गए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
यह गंभीर विषय न्यूज पेपर में भी में प्रकाशित हुआ।
भर्ती बोर्ड से निवेदन है कि प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में तुरंत उचित कदम उठाया जाए।