@sukumoon_@BeingSalmanKhan See even one muslim died who tried to fight with that terrorist and take his Riffle but our media and you andhbhakt will never see this
Killing a innocent is like killing all humanity
And for your kind information
Either islam Either Hinduism no religion support terrorism
@sukumoon_@BeingSalmanKhan Insan galat ho sakta hai uska dhram nahi
You can't understand Islam either humanity too..
kuch din pehle muslim ko sirf isliye maara jaaraha tha kyunki woh muslim hai
Train main to police ne hi maar diya tha 3 muslim ko sirf muslim hone par
To kya hindu bhi atankwadi hue kya?
अपने एक वोट की ताकत समझिये!
देश भर में हो रहे भयंकर भेदभाव और अन्याय को मिटाएगा - आपका एक वोट
15 अगस्त तक 30 लाख सरकारी पदों की भर्ती का काम शुरू करवाएगा - आपका एक वोट
1 जुलाई से गरीब महिलाओं के खाते में ₹8,500/माह खटाखट पहुंचाएगा - आपका एक वोट
युवाओं को 1 लाख/वर्ष की पहली नौकरी दिलवाएगा - आपका एक वोट
आपको अधिकार देने वाले संविधान की रक्षा करेगा - आपका एक वोट
अपनी सरकार चुनने का अधिकार सुरक्षित कर लोकतंत्र बचाएगा - आपका एक वोट
वंचितों के हक़, भागीदारी और आरक्षण की रक्षा करेगा - आपका एक वोट
जल, जंगल, ज़मीन पर आदिवासियों का अधिकार क़ायम रखेगा - आपका एक वोट
INDIA को दिया आपका हर वोट, मज़बूत लोकतंत्र और सशक्त नागरिक बनाएगा।
मोदी के मंत्री कह रहे हैं कि मेवात, हरियाणा में जुलूस निकालने वालों के पास हथियार थे, पुलिस बंदोबस्त नाकाफी था। हरियाणा में सरकार की नाकामी साफ-साफ दिख रही है, लेकिन हम जानते हैं कि कार्रवाई एकतरफा होगी।जो लोग बंदूक लेकर घूम रहे हैं, मासूम लोगों की जान और माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो मस्जिदों का अपमान कर रहे हैं, उन्हें ‘हृदय सम्राट’ बुलाया जाएगा और उनका महापंचायतों में सम्मान किया जाएगा
ट्रेन में मुसलमानों को पहचान कर हत्या करने की घटना फासीवाद और नरसंहार की मानसिकता की उपज
- जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने गृह मंत्री को लिखा पत्र, कहा- राजनीतिक उद्देश्यों से ऊपर उठकर राष्ट्रसेवा को अपनी प्राथमिकता मानते हुए सख्त कदम उठाएं और दंडात्मक कार्रवाई करें
नई दिल्ली, 01 अगस्त 2023। जमीअत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने ट्रेन में एक आरपीएफ कांस्टेबल के जरिए अपने वरिष्ठ एएसआई टीकाराम और तीन अन्य मुसलमानों की पहचान कर उनकी हत्या करने पर अपना गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। इस घटना को उन्होंने फासीवाद और नरसंहार की मानसिकता की उपज बताया है।
मौलाना मदनी ने इस संबंध में देश के गृह मंत्री को एक पत्र भेजा है और घटना की प्रवृत्ति और इसकी गंभीरता की ओर ध्यान आकर्षित किया है। मौलाना मदनी ने अपने पत्र में कहा है कि यह कोई अलग-थलग कार्रवाई नहीं है बल्कि वर्षों से जारी नफरती अभियान का परिणाम है, जिसमें देश के सत्ताधारी राजनीतिक दल के नेता, यहां तक कि मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्री और टीवी मीडिया भी समान रूप से भागीदार हैं। इन सभी ने देश में जो नफरत का बीज बोया है, उसका खामियाजा आज देश की मासूम जनता को जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
मौलाना मदनी ने कहा कि बार-बार धर्म संसदों और प्रदर्शनों में मुसलमानों के नरसंहार का नारा लगाने वाले खुद को आजाद और कानून से ऊपर समझ रहे हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की जाती, जिसके कारण वह अब पूरे हौसले के साथ ऐसे नरसंहार पर आधारित नारे लगा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के भिवानी का है, जहां बीते कल कथित तौर पर बजरंग दल के कार्यकर्ता यह नारा लगा रहे थे “मुल्ले काटे जाएंगे, राम राम चिल्लाएंगे“। इसी तरह टीवी मीडिया पर घृणा आधारित नारों के साथ कार्यक्रम आयोजित होते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता मुसलमानों को मारने और सबक सिखाने की धमकियां देते हैं, लेकिन देश पर सत्तासीन जिम्मेदार लोग उनकी तरफ आंखें बंद किए हुए हैं, जिसका स्पष्ट परिणाम है कि अब यह नारे चरितार्थ होते प्रतीत हो रहे हैं।
मौलाना मदनी ने अपने गहरे दुख एवं चिंता को व्यक्त करते हुए गृह मंत्री का ध्यान आकर्षित किया है कि वह देश में नफरत के इस वातावरण की गंभीरता से समीक्षा करें और राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्र की सेवा को अपनी प्राथमिकता मानते हुए कठोर कदम उठाएं और दंडात्मक कार्रवाई करें।
मौलाना मदनी ने कहा कि रेल द्वारा देश की जनता लाखों की संख्या में रोजाना यात्रा करती है। उनकी जान-माल की सुरक्षा रेलवे की जिम्मेदारी है, लेकिन जब रेलवे के सुरक्षाकर्मी ही नफरत के जहरीले वातावरण से प्रभावित होकर निर्दोष सवारी पर गोली चलाएं तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है? इस संबंध में एक पत्र भारत सरकार के रेल मंत्री को भी प्रेषित किया गया है और तत्काल कार्रवाई के लिए उनका ध्यान आकर्षित किया गया है। इसके साथ ही यह मांग की गई है कि न्याय को सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र, पारदर्शी और त्वरित जांच कराएं और मृतकों को उचित मुआवजा दिया जाए।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक नेताओं से आग्रह करते हैं कि वह अपने प्रभाव और मंच का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें और नफरत भरे भाषण या विभाजनकारी विचारों को फैलाने से बचें। राजनीतिक स्वार्थ के लिए धार्मिक भावनाओं का शोषण न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक और विविधतापूर्व समाज की नींव को भी कमजोर करता है। साथ ही सिविल सोसायटी के संगठनों, धार्मिक नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मीडिया पर इस बात के लिए जोर देते हैं कि नफरती अभियान के खतरों के बारे में जागरूकता पैदा करें और संवाद एवं शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए मिल कर काम करें।
Bachpan mein suna thha ke Paap kya hota hai, har Hindu jaanta hai. Nirdosh ka shraap kaise lagta hai, yeh bhi har Hindu jaanta hai.
Joh paap uss train par hua, kya aap ussko apnaane ke liye, ussey apne ghar aur parivaar par lagvaane ke liye taiyaar ho?
Soch lo. Mehnga padhega.
पुलिस की वर्दी में छुपे इस आतंकवादी को कब फांसी की सजा दी जाएगी?
ट्रेन में बैठे मुसाफिरों की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए चेतन सिंह की वहां ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन इसने अपने सीनियर कॉन्स्टेबल की हत्या की फिर उसने पूरे ट्रेन में चुन चुन कर 3 मुसलमानों को यह कहते हुवे मौत के घाट उतार दिया कि "हिंदुस्तान में रहना है तो मोदी योगी कहना हो। यह सामान्य घटना नहीं बल्कि आतंकवाद का मामला है और पुलिस की वर्दी में छुपे ऐसे देशद्रोही और आतंकवादी देश के लिए काला दाग और धब्बा है,vफांसी की सजा होनी चाहिए ताकि अगली बार कोई और पुलिस की वर्दी में दहशतगर्दी के बारे में ना सोच सके।
ASI मीणा, चूड़ीवाला अज़गर कई, मधुबनी का रहने वाला अब्दुल क़ादिर , और मो. हुसैन के खून का ज़िम्मेदार अकेला चेतन सिंह नहीं है
देश का गोदी मीडिया, उनके तमाम समर्थक ,नफरती वॉट्सऐप फ़ॉरवर्ड करने वाले ज़हरीले लोग, हर रोज़ हिंदू मुस्लिम के नाम पर राजनीति , डिबेट , झूठ और ज़हर फैलाने वाले सब नफरती शामिल हैं
हर घर में zombie बना दिए हैं तुम घिनौने लोगों ने
आख़िर में जो चेतन ने कहा उससे साफ ज़ाहिर है
ये हत्याएं नफ़रत की घटिया और सांप्रदायिक राजनीति का परिणाम है
ये कितना भयावह है। जिसे ट्रेन में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी दी गई थी वो रक्षक ही भक्षक और राक्षस बन गया
क्या अगली बार किसी हथियार से लैस वर्दी वाले को देख आप सुरक्षित महसूस कर पाएँगे ?
3 बेक़ुसूर हिंदस्तानीयों को RPF के चेतन सिंह ने चलती ट्रेन में पॉइंट ब्लेंक रेंज से सिर्फ़ इसलिए उड़ा दिया क्योंकि वो मुसलमान थे..
1. अब्दुल क़ादिर
2.महम्मद हुसैन
3.असग़र हुसैन
सोचिए,अगर ये तीनों मुसलमान चेतन सिंह को मार कर अपनी जान बचाने में कामयाब हो जाते तो अब तक RPF के जवान के क़त्ल के इल्ज़ाम में इन तीनो पर आतंकवादी का ठप्पा लग गया होता।
और फिर शुरू होता NSA/UAPA का खेल।।
ख़ैर,
इसने अपने सीनियर टीकाराम मीणा साहब का भी क़त्ल किया जिन्हें 40 लाख देने का एलान हो चुका है।
पर उन 3 निर्दोष मुसलमानों के परिवारों को कुछ नहीं मिलेगा सिवाय हम सब की थोड़ी बहुत सहानुभूति के😢
#JaipurExpressTerrorAttack
@erbmjha Bhai poore society sab log BHI khayenge na suar to bhi
Problem nahi suar hum log nahi khate hamara Khana haraam hai Tum log khao Apne ko koi problem NAHI daily Khao koi issue NAHI namak Mirchi kam pade mere se lo koi problem NAHI Bhai lekin lafde jhagde mat failao
@erbmjha Waise Maine BHI Apne society main hi har Saal Bakra kaat ta Hoon
Aur 800 rs kilo meat
Ramesh Bhai
Deepak Bhai
Sab ko deta Bhai aur hum sab milkar Eid Diwali sab banate
Pata nahi Kaisi Kaisi society hai Bhai Jahan baccho ke dilo main nafrat sikhate
@erbmjha Sahi baaat hai Bhai Koi BHI festival celebrate kyun Karne ka chahe bakrid ho chahe Eid hoye
Chahe Diwali hoye chahe holi hoye kyun Karne ka society main
Rules is rules
For every tom dick and ramesh Bhai 😂🤣🤣
@NoJonny2 @erbmjha Gandhi ko kaun maara
Indira Gandhi ko kaun mara
Atankwaad ka koi dharam nahi
Baat karne tameej to sikhle
Tum imandaar atanqwadi
White collar
😂 😂 😂
@ARaghuvan7 @erbmjha Bhai us post par jo bhi likha woh indian muslim face karta hai kuch bewakoof logo ke wajah se
Mere bahot acche hindu friend hai
Lekin Twitter wale hindu bhai kuch jyaada kattar nahi hogaye
So basically Ajay Bisht & @Uppolice found 3 men who very conveniently have “no family connections” to kill Atiq & his brother.
That’s how all terrorist organisations recruit their hitmen btw.