बूंदों ने मिलकर साजिश की है
तभी आसमान ने बूंदों से मिलकर
बारिश की हैं..! मन तो भीगा था
तेरी मोहब्बत मैं पहले ही
पर अब तन भी भीगा है
बूंदों की साजिश मैं
उफ्फ! तेरा ये इश्क...
जब भी कुछ लिखने का
दिल ना करे चंद अश्कों की बूंदे
कागज पर गिरा देना
जो गहराई समझता होगा जज्बातों की
कागज देखकर तसल्ली के
दो लफ़्ज वो तुमको जरूर लिखकर भेजेगा।
शुभ संध्या♥️
क्या कहूँ कि मेरे लिए
आपका प्रेम,क्या है.......
जैसे,एक अदृश्य सा स्पर्श ,
एक अनछुआ सा अहसास ,
जैसे सुगंधित सा परिजात ,
जैसे अनकहा सा कोई राज ,
जैसे सूखी धरती पर बरसात,
जैसे शिव पार्वती की स्वर्गीय बात ।
मेरा प्रेम आपके लिए.....
जैसे उषा काल की सुनहरी किरण ,
जैसे दूभ पर ठहरी श्वेत ओस की बूंदें ,
जैसे जेठ के मौसम में ठंडी पवन ,
मेरा प्रेम आपके लिए.....
जैसे एक भटकती आत्मा ,
मोक्ष के लिए चाहती आपसे मिलन,
बिछड़े नही फिर जन्मों जनम।।
रचना....
@Shiv4477
मुझ से मिलन की आस उसे भी थी
मेरे दीदार की प्यास
शायद उसे भी थी
अरसे बाद हुआ उसे अहसास
इश्क का
सावन की पहली बारीश खास उसे
भी थी
@Su_hani8@___pankhuri
@VaishuPand
@TanuGupta85590
@AditiSingh01
@zafarsah1 बहुत खूब ♥️
ज़िन्दगी की हर खुशियों पर तेरा नाम लिख दिया
दिल से निकली दुआओं में तुझे शामिल कर लिया
एक ख्वाब में गुम हो जाऊंगी मैं और मेरी पुरी जिंदगी
क्योंकी मेरा ख्वाब तो तुम ही हो......
Bahut khoobsurat 👌👌❤️❤️
मुहब्बत दो किनारे बीच की दरिया रवानी है |
कहीं मौसम बहारों का कहीं आंखों का पानी है ||
जिसे हम पा नहीं सकते जिसे हम खो नहीं सकते,
मिटा दे इश्क में खुद को मुहब्बत वो कहानी है ||
Good morning 💞 @___pankhuri 💞
@vivan0909 वाह ♥️
मेरी तो तस्वीर भी बोलती है
लेकिन सुनते नही हो आप
जब बोलती थी चुप नहीं होती थी
तो आप ही कहते थे कितना बोलती है
चुप हो जा आज
मेरा चुप होना भी खलेगा
जब मेरा ना बोलने का पता चलेगा
एक दिन तो मुझे शान्त हो ही जाना है
तब तक तो आपके ही कान पकाना है ।
कहीं पर दिन निकलता है
कहीं पर रात होती है
कहीं पे है बहुत सूखा
कहीं पे बरसात होती है
बड़ी तरतीब से करती है
कुदरत काम को अपने
दिखावे की न उसमें
कोई यारो बात होती है।
शुभ रात्रि♥️