विपक्ष ने आज संसद में विरोध के दौरान एक शॉर्ट प्ले किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर आए। राहुल गांधी ने भी चंदा दानपात्र में डाला और पुजारी अयोध्या सांसद के पैर छूते दिखाई दिए।
फिर पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर भाग गए
#Parliament
कल आपने एक कुपढ़, घटिया और निकृष्ट प्रवृत्ति के आदमी के मुँह से नेहरू जी के बारे में सुना!
सुनिए क्या कह रही हैं हिंदी की सुप्रसिद्ध साहित्यकार महादेवी वर्मा जी-
“22 साल के थे वे, तब उनकी पत्नी नहीं रही”
उसके बाद हमने जब कहा कि भाई दोनों बच्चे छोटे हैं... एक लड़की थी, एक लड़का, छोटे-छोटे। दोनों इतने छोटे हैं, आप विवाह कर लें।
तो उन्होंने हमसे बड़ी बात कही, "मनोहरा देवी मरी नहीं हैं, मुझ में समा गई हैं। तो मैं अब दोनों हूँ।"
असल में वहाँ जब खबर पहुँची न उनकी बीमारी की... चले तो जब गाँव की सीमा में पहुँचे तो उनकी पत्नी को जला कर के लोग लौट रहे थे।
अंतिम समय में नहीं देखा उन्होंने लेकिन उनके चरित्र पर कोई धब्बा नहीं है।
��क वो और एक नेहरू जी। नेहरू जी भी ऐसा है कि हमेशा कहते थे "महादेवी, मैं तो नास्तिक हूँ।"
हमने कहा "भाई, अब कभी देखेंगे हम तुम्हारी नास्तिकता।"
तो जब कमला जी को वहाँ... निधन उनका हो गया और जला के आए तो भस्म यहाँ प्रवाहित की।
बिल्कुल उसी कर्मकांड के साथ... धोती पहन के, जनेऊ डाल के, जैसा कहा पंडितों ने।
और इतनी भस्म उन्होंने एक डिब्बी में रखी... चाँदी की डिब्बी में। उसको हमेशा अपने सिरहाने रखते थे वो।
तो जब कुछ दिन हो गए, दिल्ली मैं गई थी, देखा मैंने। तो मैंने कहा "जवाहर भाई, अब बताएं, आप नास्तिक हैं कि आस्तिक?"
तो उनके आँसू आ गए। कहने लगे "महादेवी, आज तो मैं आस्तिक हूँ।"
"क्योंकि यह ठीक है, कमला की भस्म तो मैंने प्रवाहित करा दी लेकिन मुझे लगता है वह है, वह मुझे देखती है।"
दो को मैंने देखा... इतने ज़्यादा अपनी पत्नी के प्रति इतना स्नेह रखना बड़ा मुश्किल है।
Bro left this world decades ago, but still gets a cameo in almost every Parliament session.
That's not relevance. That's legacy. 🐐
#NehruTheTallest#AStatesman#Congress
Sharjeel imam giving insight about how after protests LEFT and Rt wings attacked muslims and common students in JNU
Both are anti-muslims and violent parties
Muslims need to understand this
Listen about how police helped goons
19_20 का नहीं पूरे 19_26 का फर��क है,
गोल्डन वर्ड्स लेट शफीकुर रहमान बर्क साहब सांसद
"हमारी बर्बादियों पे मुस्कुराओ न चमन वालो,
गुजरनी एक दिन तुम्हारे सर से भी क़यामत है।
The brutality unleashed by the police on protesting students near Jantar Mantar is deeply disturbing. Yet, for many of us, it painfully revives the memories of an even darker chapter—the horrific assault on students at Jamia Millia Islamia and Aligarh Muslim University in December 2019.
Inside university campuses, students were chased, mercilessly beaten, and subjected to violence that seemed intended not merely to disperse a protest, but to break their bodies and spirits. Those haunting images remain etched in our collective memory.
To add to the injustice, the committee constituted to investigate the incident eventually gave the police a clean chit, leaving countless students and citizens feeling that accountability had once again been denied.
A democracy cannot thrive when students are treated as enemies for raising their voices. Campuses should be places of learning and debate—not sites of fear and brutality.
ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है बढ़ता है तो मिट जाता है
ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा
ख़ाक-ए-सहरा पे जमे या कफ़-ए-क़ातिल पे जमे
फ़र्क़-ए-इंसाफ़ पे या पा-ए-सलासिल पे जमे
तेग़-ए-बे-दाद पे या लाशा-ए-बिस्मिल पे जमे
ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा
Credits @haidersaif0@miles2smile_
दिल्ली में हुई किरकिरी के बाद भाजपा ने अपने ��ार्यकर्ताओं का आह्वान किया था कि सभी राज्यों की राजधानी में कांग्रेस कार्याल��� का घेराव करे।
उस आह्वान के बाद पटना का हाल देख लीजिए, कांग्रेसी भी तैयार बैठे थे, फिर वही हुआ जो इस वीडियो में दिख रहा है।
@INCIndia @BJP4India
अगर ऐसी तस्वीरें और वीडियो आने लगे तो दिल्ली पुलिस वालों और देश के लिए गलत होगा पुलिस वालों को भी छात्रो के साथ बरबरता करने से पहले सोचना होगा घर उन्हें अकेले ही जाना है?