प्रिय युवा साथियों,
आज का युवा सिर्फ़ नौकरी नहीं माँग रहा, वह अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा है। भर्तियों में रोस्टर प्रणाली से छेड़छाड़, आरक्षित वर्गों के पदों में साजिशन कटौती, और OMR/सीट घोटालों के ज़रिये मेहनतकश अभ्यर्थियों के सपनों पर बार-बार वार किया जा रहा है। यह केवल अनियमितता नहीं, यह युवाओं के भविष्य पर सीधा कुठाराघात है।
इन्हीं सवालों, इन्हीं पीड़ाओं के विरुद्ध कल, मंगलवार 27 जनवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे बाड़मेर कलेक्ट्रेट के समक्ष बेरोज़गार एवं पीड़ित युवाओं द्वारा विशाल विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया है। मैं आप सबसे अपील करता हूँ अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर अपने हक़, अधिकार और सम्मान की इस लड़ाई को मज़बूती दें। आपकी मौजूदगी ही सरकार की साज़िशों और नकारेपन को सबसे सशक्त चुनौती है।
यह आवाज़ थार के इन धोरों के बीच से उठी है और ऐसे में मेरी जिम्मेदारी और भी दुगुनी हो जाती है। मैंने ये हालात देखे हैं, मैं इस दौर से गुज़रा हूँ, मैं युवाओं का दर्द समझता हूँ। मैं आपके साथ खड़ा हूँ आज भी, कल भी और हमेशा, जब युवा एकजुट होता है, तो इतिहास बदलता है।
@PremSmeena49 सर का उपन्यास हर विद्यार्थी को पढ़ना चाहिए जो विद्यार्थी अपने ही घर का मेहमान बन जाता है एक सरकारी चाय की खोज में , उसके संघर्षशील जीवन पर आधारित उपन्यास "सरकारी चाय के लिए" - प्रेम शंकर चरड़ाना जी
@JATbera1 नमस्ते सर RAJASTHAN HIGH COURT 4TH GRADE में कुछ स्टूडेंट्स ने गलत इन्फोर्मेशन FORM को Fill करते समय भर दी है क्या उन्हें वापस सही करने का मौका दिया जाएगा या फिर यथावत रखा जाएगा इसपर थोड़ा गौर करे काफी स्टूडेंट्स के प्रॉब्लम है जैसे DOB, नाम में ज्यादातर
@alokrajRSSB@alokrajRSSB नमस्ते सर RAJASTHAN HIGH COURT 4TH GRADE में कुछ स्टूडेंट्स ने गलत इन्फोर्मेशन FORM को Fill करते समय भर दी है क्या उन्हें वापस सही करने का मौका दिया जाएगा या फिर यथावत रखा जाएगा इसपर थोड़ा गौर करे काफी स्टूडेंट्स के प्रॉब्लम है जैसे DOB, नाम में ज्यादातर
@alokrajRSSB नमस्ते सर RAJASTHAN HIGH COURT 4TH GRADE में कुछ स्टूडेंट्स ने गलत इन्फोर्मेशन FORM को Fill करते समय भर दी है क्या उन्हें वापस सही करने का मौका दिया जाएगा या फिर यथावत रखा जाएगा इसपर थोड़ा गौर करे काफी स्टूडेंट्स के प्रॉब्लम है जैसे DOB, नाम में ज्यादातर
मेरे अनुसार,राजस्थान GK का वेटेज 50% करना एक संतुलित समाधान हो सकता। इसके बजाय, इसे 30-40% तक बढ़ाया जा सकता है,ताकि स्थानीय अभ्यर्थियों को लाभ मिले, लेकिन परीक्षा पूरी तरह GK-केंद्रित न हो जाए। बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए 5-7% की सीमा तय करना व्यावहारिक हैं @alokrajRSSB