24 ghante se viral इस video को देखने के बाद भी, सबके टैग होने का बाद भी,
@Uppolice@ghaziabadpolice का कोई अपडेट न्ही कोई clarification न्ही ।
क्यूँकि अगले प्रोटेस्ट मे यही तो इनके जवान बनके सादे कपड़ो में GenZ को मारने के काम आने है ।
@CMOfficeUP@myogioffice@myogiadityanath - गुरुजी वह जरा law न ऑर्डर देख लेते थोड़ा ।
पार्टी भक्तों की नयी स्क्रिप्ट आ चुकी है
1.होनहार छात्रों के सम्मान में इस्तीफा हुआ है
2.नया शिक्षा मंत्री rss का ब्राह्मण
3. आंदोलन खत्म करके मास्टरस्ट्रोक।
4. रिज़र्वेशन के नाम पर लडऩा
5. पंजाब पेपर लीक का विरोध कब होगा, ये सवाल आंदोलन करने वालों से करना ।
खुश हो जाओ बे 😀
Friendsssssss
दुखी मत हो अंध भक्तों
आपके खुश होने के लिए रेजिग्नेशन को मास्टरस्ट्रोक बताने वाली स्क्रिप्ट रेडी हो गई है जल्द ही आपके व्हाट्सएप पर आने वाली है फिर उसको पढ़कर खुश हो लेना।
दुखी मत हो
आईटी सेल मेहनत कर रहा।
बस कुछ देर और।
थोड़ा सब्र
दुखी मत होना 😜
कूप मंडूकों / पार्टी भक्तों कुछ और घंटे इंतजार करो आपका आईटी सेल फिर से कुछ नई कहानी आपको सुना देगा और आप फिर वही सुनकर खुश हो लेना कि यह भी कोई मास्टरस्ट्रोक है।
फालतू दिमाग मत लगाओ कि सब कुछ सही होने के बावजूद आपके मंत्री जी को क्यों इस्तीफा देनापड़ा आपके बस के बाहर है समझना।
बहुत से ऐसे लोग होंगे ,
जिनका समझ में नहीं आ रहा होगा कि आखिर रेजिग्नेशन क्यों हुआ तो मैं उनको बताना चाहता हूं कि आप ज्यादा सोचकर दिमाग मत खराब करो क्योंकि आपको समझ में नहीं आएगा।
आप कूप मंडूक (कुए के मेंढक) हो।आप वही न्यूज़ पा रहे हो जिसमें दिन रात आप सही हो। रहने दो आप।😜😆
चोरी की सजा ज्यादा से ज्यादा कितनी होगी 2 ,4साल।
इतने ही बड़े भक्त हो की 2 साल की सजा में तुम खुश रहोगे। कसम से सच्चे भक्त होते ना मृत्यु दंड मांगते। लेकिन खैर तुम तो पार्टी के बनाए हुए भक्त हो।
मैं सच में अभी तक नहीं समझ पा रहा हूं कि तुम लोग चुप कैसे हो।
धर्म और राम की बात जब करते हो न
तो मुझे तुरंत याद आता है कि पार्टी भक्ति के चक्कर में
राम मंदिर में चोरी
को भी तुमने पार्टी भक्ति में नजरअंदाज कर दिया है।
तुम केवल पार्टी के बने हुए भक्त हो, जब वह बोलती है तो धर्म याद आता है,जब बोलती है चुप रहो तो चुप रहते हो।
तुम्हारा फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन करना ,इतनी घटिया झुनझुना है कि निर्भया जैसे केस में, न्याय दिलाने में 10 साल लग गए ।
समस्या हमे इस सड़ चुके शिक्षा , न्याय ,स्वास्थ्य के लापरवाह और घटिया रवैये से है, जो कि अब बर्दाश्त नहीं होता ।
अभी भी तुम मुख्य समस्या नहीं समझ पा रहे हो।
पिछले 10 सालों में 150 पेपर लीक जिन्हें सरकार ने माना , असल में तो पता नहीं कितने हुए होंगे , जिनका पता ही नहीं चला ,
उनमें सजा किसी को नहीं मिली, किसी के भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई, समस्या इस बात से है।
FSSAI वालों इस आदमी पर FIR करवाकर जेल में डलवाओ वरना ये तुमलोगो की नौकरी खा जाएगा।
केक को बोल रहा है कि केक नहीं कैंसर है। तुम लोगों जिस स्वादिष्ट केक को अप्रूवल दी थी ये बंदा बोल रहा कलर और पॉम ऑयल है।
वाह साहब वाह…! कितनी आसानी से कह दिया- जनहित याचिका खत्म कर दो…! अरे भई, इतनी जल्दी क्या है सिस्टम समेटने की?
आज कह रहे हो PIL बंद करो… कल को ये भी कह दोगे- अदालत की भी ज़रूरत नहीं है!
मान लिया… कुछ लोग misuse करते हैं पर इसका मतलब ये थोड़ी है कि पूरी व्यवस्था ही उठा के फेंक दो? जनहित याचिका क्या है पता है? वो आवाज़ है उस आदमी की…
जो खुद अदालत तक पहुँच ही नहीं सकता।
गाँव का आदमी… गरीब आदमी… जिसके पास ना पैसा है, ना पहुँच है… उसी के लिए तो ये रास्ता बनाया गया था!
और आज उसी को बंद करने की बात हो रही है…? तो सीधी बात है साहब, दिक्कत misuse से नहीं है… दिक्कत ये है कि अब आवाज़ ज़्यादा उठने लगी है।