महोदय @dgpup साहब @Uppolice इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
महोदय @uttarakhandcops इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
महोदय @CPDelhi साहब @DelhiPolice इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
السلام علیکم و رحمتہ اللہ وبرکاتہ
@JRMSalmanHasan
Urs e Razvi Jamia tur Raza me hone waale program Imam Ahmad Raza international conference me Awaam ke liye waterproof pandal ka intezam kiya jaaye
@jrmheadoffice@FarmanHasanKha1
तस्वीर है 20 दिसंबर 2019 की और जगह है मेरठ। जुमे का दिन था। पूरे देश में मुसलमान इस्लामोफोबिक कानून CAA और NRC के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट कर रहे थे। लोगों ने जुमे की नमाज़ पढ़कर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च किया। लेकिन पुलिस के रोकने पर भगदड़ मची और तनाव बढ़ गया, जिसमें पुलिस ने लाठियां कम और गोलियां ज़्यादा चलाईं। उस दिन मेरठ में ऐसे लोगों की जान गई जो अनपढ़ थे, मज़दूरी करते थे। प्रोटेस्ट से दूर-दूर तक उनका कोई लेना-देना नहीं था।
पहला नाम आसिफ़, उम्र 20 साल। आसिफ़ ई-रिक्शा चलाने के लिए सुबह 10 बजे घर से निकला था। लेकिन ख़बर आई कि आसिफ़ को गोली लगी है। और गोली बिल्कुल दिल के क़रीब मारी गई थी, जो सीने को चीरते हुए कमर से निकल गई��� ऐसा कैसे हो सकता है कि गोली सैकड़ों मीटर दूर से चलाई जाए और शरीर के आर-पार हो जाए।
दूसरा नाम मुहम्मद आसिफ़, उम्र 33 साल। टायर वालों के यहां मज़दूरी करता था। 3 बच्चे थे और बीवी पेट से थी। आसिफ़ नमाज़ पढ़कर घर आ रहा था। अकेला कमाने वाला था, परिवार ��िराए के घर में रहता था। आसिफ़ को गोली पीठ में मारी गई, जो सीने की तरफ़ से बाहर निकल गई थी। फिर से वही सवाल, गोली दूर से मारी गई या बिल्कुल क़रीब से।
तीसरा नाम ज़हीर, उम्र 45 साल। भैंसों के चारे की मज़दूरी करते थे। काम से घर लौटे थे। खाने का सामान लेने जाली वाली गली में बाहर निकले। पुलिस ने उसी गली में गोली मारी और गोली भी कनपटी पर मारी, जो आर-पार हो गई। फिर से वही सवाल, गोली दूर से मारी गई या बिल्कुल क़रीब से।
चौथा नाम अलीम, उम्र 23 साल। रोटी बनाने का काम करता था। कोतवाली के पास एक होटल है, वहीं अलीम रोटी बनाया करता था। पुलिस ने दोपहर में ही वह होटल बंद करवा दिया था। अलीम घर लौट रहा था। और उसी वक़्त उसे सिर के पिछले हिस्से में गोली मारी, जिसकी वजह से पीछे से सिर बुरी तरह फट गया था। फिर से वही सवाल, गोली दूर से मारी गई या बिल्कुल क़रीब से।
पांचवां नाम मोहसिन, उम्र 30 साल। दो बेटों का बाप था मोहसिन, एक चार साल का और दूसरा छह महीने का। भैंसों का चारा लेने गुलज़ार इब्राहिम गली से निकला ही था कि पुलिस ने उसी जगह बिल्कुल दिल पर गोली मारी, जिसकी वजह से पीठ की ��ाल तक फट गई थी। फिर से वही सवाल, गोली दूर से मारी गई या बिल्कुल क़रीब से।
बहरहाल, इन पांचों लोगों में कुछ बातें कॉमन थीं। एक तो ये कि पांचों अनपढ़ थे। दूसरी ये कि CAA, NRC के बारे में कुछ जानते ही नहीं थे। तीसरी ये कि मज़दूर तबके से थे। चौथी ये कि प्रोटेस्ट में शामिल ही नहीं थे। पांचवीं और सबसे अहम बात ये थी कि पुलिस प्रशासन ने पांचों की मय्यत को घर नहीं ले जाने दिया। पांचों की डेड बॉडी इस शर्त पर दी गई ���ि सीधा क़ब्रिस्तान लेकर जाओगे। ये सब जानकारी हमने खुद इन लोगों के घर जाकर ली थी। लेकिन किसे सुनाएं। उस मुल्क में इंसाफ़ की बात करें जहां लोग मुसलमानों के रोने पर हँसते हैं। अगर आप उस वक़्त इस दहशतगर्दी का सड़कों पर आकर विरोध करते तो शायद आज दिल्ली की सड़कों पर आप लोगों का खून न लगा होता। अल्लाह हमारे शहीदों को जन्नत-उल-फ़िरदौस में जगह दे। आमीन।
#Islamophobia_In_India #JantarMantar #cjp
ये तस्वीर 15-16 दिसंबर 2019 की रात की है। ये वो मुसलमान छात्र हैं जो NRC, CAA के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट कर रहे थे और कुछ वो छात्र हैं जो सिर्फ़ जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में पढ़ने बैठे थे।
जब पुलिस ने मुसलमानों पर लाठीचार्ज किया और मुस्लिम बच्चों ने वहां से निकलने की कोशिश की तो दिल्ली पुलिस ने इन छात्रों को इस तरह हाथ ऊपर करवाकर जाने दिया जैसे ये कोई आतंक'वादी हो।
बहुसंख्यक समाज के एक बड़े तबके ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके खूब खिल्ली उड़ाई गयी थी।
डरपोक, उपद्रवी और ना जाने क्या-क्या कहकर मुसलमानों के जज़्बात और दुःख-दर्द का मज़ाक बनाया गया।
और मीडिया, मीडिया के मुंह से बस मुसलमानों के लिए 'उपद्रवी और उग्रवादी' ही निकलता थ��।
ख़ैर, अगर आप उस वक़्त दिल्ली पुलिस की दहशतगर्दी का विरोध करते तो आज दिल्ली पुलिस की हिम्मत न होती कि वो इस तरह एहतिजाज करने वाले छोटे बच्चों/बच्चियों पर भी लाठी चलाती।
आज दिल्ली पुलिस ख़्वातीन के साथ दुर्व्यवहार ना करती। उनको सरेआम सड़क पर ना घसीटती।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ,स्टूडेंट की आवाज़
से गूंजा अलीगढ़,
अब्दुल हमारा जो भी करता दिल गुर्दा कलेजी
सब लगा के करता है।
हमे डर है कहीं कठोर कार्यवाही हुई तो इनका
और इनके परिवार का जीना मुश्किल हो जाएगा,
दिल्ली प्रोटेस्ट में एक मुस्लिम लड़के के रात में
कॉप्स पहुंच गए, एक दूसरे लड़के के ससुराल
पहुंच गए हैं।
बहुत सतर्क रहिए थोड़ा मौका दूसरों को भी दीजिए।।
ये होता है विरोध और जनदबाव का असर।
छात्रों ने गोदी मीडिया का बहिष्कार कर उसे उसकी पत्रकारिता की ज़िम्मेदारियाँ याद दिलाईं। अब वही मीडिया छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और उनकी माँगों पर बात करने को मजबूर दिखाई दे रहा है।
एबीपी न्यूज़ की यह मांगें देखिए।
दुनिया झुकती है, झुकाने वाला चाहिए।
सैल्यूट है उन छात्रों को, जिन्होंने अपने शांतिपूर्ण और संगठि��� विरोध के ज़रिए मीडिया को उसकी ज़िम्मेदारियों का एहसास कराया। अब गोदी मीडिया भी इस तरह का बयान जारी करने पर मजबूर हो रहा है।
15 द���संबर 2019 को जामिया में CAA-NRC का विरोध कर रही हमारी बहनो पर पुलिस ने बेहद बेरहमी से कार्रवाई की थी, छह साल बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है।
सावधान हो जाएं मियां जी !
CJP आंदोलन में बांग्लादेश मुसलमान पाकिस्तान कश्मीर बगैरह वाले भूत की इंट्री हो चुकी है ज़मीनी हक़ीक़त समझें खासकर मेवात के युवाओं का खून ज्यादा उबाल मार रहा है तो फ़िर आज़म खान की जौहर यूनीवर्सिटी को बचाएं अपना सहयोग दें, कुछ ना हो सके तो दर्शक बन कर मेच का आनंद लें ✌️
मुसलमान अगर इस बार बकरा ईद पर भाईचारे की मिसाल दे सकता है, और वो गाय काटने पर, गाय को खरीदने पर बैन लगा सकता है ।
तो क्या हम 10 मिनट की परमिशन नमाज पढ़ने की नहीं दे सकते, जितना हिंदुस्तान हिंदुओं का है, उतना ही मुसलमानों का भी है..!
तैयार हो इस हैशटैग्स के लिए 👇
#ReleaseHasanSiddiqi
एक बात याद हमेशा रखना “मज़हब” कोई भी हो ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठाना और बोलना, बारी आपका भी आ सकता है, क्योंकि यह दुनिया है ज़रूरत पड़ जाती है..!
हसन सिद्दीकी को रिहा करो,
ट्वीट किसी और ने किया, उसपर कारवाई तो हुई लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई, हसन ने रिपोस्ट किया, हसन कि गिरफ्तारी हो गई, जबकि कड़ी कारवाई उसपर होनी चाहिए जिसने पोस्ट कि है…
#ReleaseHasanSiddiqi
उत्तरप्रदेश के मथुरा में ऋषभ सिंह नामी युवक मस्जिद के सामने एक बड़ा ध्वज लेकर पहुँच गया, वहाँ मौजूद लोगों के सामने लहराने लगा, इसका वीडियो बनाया गया, आपत्तिजनक गाना लगाया गया, वीडियो वायरल हो गया, उम्मीद है @mathurapolice ऋषभ सिंह के खिलाफ सख्त कारवाई करेगी…
भोपाल में शर्मनाक घटना! बजरंग दल और VHP के गुंडों ने एक मुस्लिम युवक को होटल से घसीटकर नंगा किया, गोबर और स्याही पोत दी, जबरन "जय श्री राम" का नारा लगवाया और पूरे शहर में घुमाया। "Love Jihad" का झूठा बहाना! लड़की खुद पुलिस को बता चुकी है कि 5 साल से दोनों लिव-इन में थे, कोई जबरदस्ती या लव जिहाद नहीं था। फिर भी इन हिंदुत्वी गुंडों ने बेरहमी से पीटा और अपमानित किया।
पुलिस मौके पर मौजूद थी, फिर भी चुपचाप तमाशा देखती रही। ये हिंदुत्व नहीं, नंगी गुंडागर्दी है! ये RSS-BJP की ब्रांच है जो कानून को अपने हाथ में ले रही है।
किसी निर्दोष व्यक्ति को जानवर की तरह ट्रीट करना क्या हिंदू संस्कृति है? इनका धर्म इतना कमजोर हो गया है की हर जगह जबरदस्ती जय श्री राम के नारे लगवाने पर रहें है..... भोपाल पुलिस, CM मोहन यादव, अब भी आँखें बंद करके बैठे हो?
आ��ान सैफ़ी कि माँ चीख चीखकर इंसाफ कि गुहार लगा रही हैं। इकलौते बच्चे कि हत्या ने उन्हें अकेला कर दिया है। इस दर्द में वो दिल्ली कि मुख्यमंत्री @gupta_rekha को पुकार रही हैं। क्या कोई इस माँ कि सुनने वाला है?
द��ल्ली के त्रिलोकपुरी में 6 से 8 लोगों ने 16 साल के अयान सैफी की चाकू मारकर हत्या कर दी। आज अयान को कोटला मुबारकपुर के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मिल्लत टाइम्स ने परिवार के लोगों से बातचीत की, जिसमें कई बातें सामने आई हैं:
- 1 मई 2026 की शाम अयान को 6 से 8 लोगों ने चाकू मारकर हत्या कर दी।
- घटना के बाद आरोपियों ने बेखौफ होकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया।
- 6 से 8 आरोपियों के नाम सामने आने क��� बावजूद अब तक केवल 2 की गिरफ्तारी हुई है।
- मुख्य आरोपी चुन्नू, जो खुद वकील है, कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
- परिवार के मुताबिक, वह खुलेआम कहता था- मेरे रिश्तेदार वकील हैं, मुझे बचा लेंगे।