@BasantBaheti3 मुझे बड़े सपने देखने का नशा था,
मंज़िल मिलते ही, होश आ गया !
जेबें तो भर गईं इन कागज़ के टुकड़ों से,
पर ज़िंदगी का सुकून ना जाने कौन खा गया..
सर पास की चोटी फतह हो गई, हमारी बैंक ऑफ़ इंडिया अधिकारी संगठन, ओडिशा यूनिट के महामंत्री @KamaljitBOIOAOU जी द्वारा, पर 5 Days Banking अभी भी फाइलों की घाटी में अटकी है।
गांधारीयों, अब तो पट्टी खोलो!
बैंकरों की यह मांग सुविधा नहीं, Work-Life Balance की जरूरत है।
#5DaysBanking