2 फरवरी 1922 का दिन था असहयोग आंदोलन पूरे देश में अपने चरम पर पहुंच चुका था चारों तरफ से ब्रिटिश सरकार घिरती हुई नजर आ रही थी, भारतीयों में एकजुटता अद्वितीय हो चुकी थी पूरे देश में लोग ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार कर रहे थे और अपने अपने स्तर पे हर नेता आंदोलन कर रहा था।
इसी कड़ी में 2 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले सेवानिवृति सिपाही व स्थानीय नेता भगवान अहीर जी ने भी वहां के स्थानीय बाजार में शराब बिक्री,खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों आदि के विरुद्ध आंदोलन किया।
पुलिस ने आंदोलनकारियों पे सख्ती दिखाते हुए आंदोलन के मुख्य नेताओं को गिरफ्तार करके चौरी चौरा पुलिस थाने में नजरबंद कर दिया।
इस गिरफ्तारी ने पहले से ही त्रस्त लोगों के अंदर और ज्यादा गुस्सा भर दिया।
4 फरवरी 1922 मुंडेरा बाजार में इसके खिलाफ जुलूस निकाला गया जुलूस जब थाने के पास पहुंचा तो पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए भीड़ का मजाक उड़ाते हुए उन पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया तो लोगों ने भी जवाब में पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया।
हालत बेकाबू होता देख पुलिस वालों ने भीड़ पे अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई जिससे भीड़ का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने पूरे थाने को घेरकर आग लगा दी जिसमें 23 पुलिस वाले मारे गए।
इस घटना से आहत होकर गांधी जी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया क्योंकि क्योंकि गांधी जी हिंसा के समर्थक नहीं थे।
ब्रिटिश सरकार ने इस घटना में भगवान अहीर जी सहित लगभग 200 लोगों को गिरफ्तार किया और 19 को फांसी की सजा सुनाई गई जिसे बाद में मदन मोहन मालवीय जी व रघवदास जी के प्रयासों से कम कर दिया गया।
इस घटना ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा को मोड़ के रख दिया यहां से भारतीय युवाओं के मन में क्रांति की नई चिंगारी जली, आज इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण क्रांतिकारी घटना "चौरी-चौरा घटना"के रूप में देखा जाता है।
पश्चिम बंगाल में हुए उपचुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है
अब भाजपा की इस बड़ी जीत की समीक्षा ये है कि एक विधानसभा के एक बूथ का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है
एक बूथ पर कुल वोट हैं 772, जबकि भाजपा को मिले वोट हैं 909
अब समझ आया भाजपा क्यों जीत रही?
बंगाल चुनाव के बाद अचानक 4 हजार EVM क्यों जली या जलवाई गई थीं?
वोट चोरी से जीत रही है भाजपा, बूथ के कुल वोटों से अधिक वोट पा रही है भाजपा, परिणाम आते ही दस्तावेज और ऑनलाइन आंकड़े बदल देता है चुनाव आयोग, EVM जलवा दी जाती हैं और इस प्रकार से भाजपा को विजेता घोषित करवा देता है चुनाव आयोग
#वोट_चोरी
शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण केस में नया मोड़ आ गया है। दवा कारोबारी पिता ने बेटे के दोस्त और दारुल उलूम देवबंद के मुफ्ती पर आयुष के अपहरण का आरोप लगाया है। देवराज मलिक ने कहा- 16 सितंबर को हाईकोर्ट में पेशी के बाद से मेरा बेटा घर नहीं आया।
आयुष के पिता के मुताबिक, बेटे के दोस्त कारी सुल्तान और मुफ्ती अब्दुल्ला ने उसका दोबारा धर्म परिवर्तन करा दिया है। अब वे दोनों उन पर भी प्रॉपर्टी का हिस्सा देने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस आयुष के पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
The amount of hate muslims of India have for Hindus is unbelievable
Listen to this conversation where an abdul is spilling the beans
You all know right the podcaster is a Hindu and a fake muslim
❤️de ka Bhai chaara
जमुई घटना में नंदन यादव का नाम आते ही पूरे यादव समाज को दोषी बना दिया गया जबकि 5 आरोपी अन्य जातियों से थे।
लेकिन सारे यादवों ने आरोपियों के फुल एनकाउंटर की मांग की किसी ने आरोपियों का बचाव नहीं किया।
जबकि लड़का लड़की भी यादव समाज से थे उसी दिन दरभंगा में 2 लड़के एक लड़की को उठाकर ले जा रहे थे।
तभी दुकानदार बबलू यादव ने जान पर खेलकर उनको पकड़ लिया और लड़की को छुड़ा लिया।
लेकिन क्या किसी ने इस यादव की तारीफ की नहीं की क्यों करेंगे अच्छी बात के लिए पोस्ट क्यों करेंगे बस बदनामी खोजनी है।
जैसे छिपकली को भ्रम होता है कि कमरे की छत उसने ही रोक रखी है वैसे ही निमो को भ्रम है कि सपा सरकार बनाने या रोकने की दम उसी में है।😂
जबकि भाई 5 साल से दम लगा रहा है लेकिन कांग्रेस सरकार नहीं बनवा पाया।
अब भाई कहेंगे हमको कांग्रेस से मतलब नहीं लेकिन भाई 100 में से 99 ट्वीट कांग्रेस के लिए पेल देता है।😂
सूत्रों के हवाले से आई ये ख़बर बेहद स्वागत योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी हार सामने देखकर, ‘पीडीए’ के दबाव-जवाब में अपने सहयोगी दलों को इधर-उधर छटकने से बचाने के लिए, कुछ चुनावी विशेषज्ञों की सलाह पर निम्न विवरण के अनुसार सीटें देने की योजना पर काम कर रही है :
- आरएलडी : 73 सीटें
- सुभासपा : 39 सीटें
- निषाद पार्टी : 31 सीटें
- अपना दल : 19 सीटें
यूं देखे तो ये एक सराहनीय बात है लेकिन पीडीए की जनसंख्या के अनुपात में ये भी आधे से कम ही है, इसीलिए ये योजना बुरी तरह असफल ही होगी। भाजपा का ये बड़ा प्लान इसलिए भी फ़ेल ही होगा क्योंकि :
- धर्म-धन चुराकर रामघात करनेवाले
- दुखी-माता का अपमान करनेवाले,
- बच्चों पर लाठियाँ चलवानेवाले
- भ्रष्टाचार-महंगाई-बेरोज़गारी बेतहाशा बढ़ानेवाले
- शिक्षा-परीक्षा में महा-घपला करनेवाले
- स्वास्थ्य सेवाओं को बीमार करनेवाले
- बिजली के लिए तड़पानेवाले
- सड़कों और अन्य निर्माणों को जानलेवा बनानेवाले
- चारित्रिक पतन के नये कीर्तिमान बनानेवाले
- झूठे मुक़दमों व फ़ेक एनकाउंटर करनेवाले
- लोगों के घरों-दुकानों पर बुलडोज़र चढ़वानेवाले
- लोगों को पुलिस हिरासत में मरवानेवाले
- प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालय तक बंद शिक्षालय बंद करवानेवाले
- टीचरों से चारा इकट्ठा करवानेवाले
- आशा, आंगनबाड़ी, सहायिका और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को आंदोलन करने पर मजबूर करनेवाले
- व्यापारियों-दुकानदारों-कारोबारियों का अधिकतम मुनाफ़ा घूस में खा जानेवाले
- खिलाड़ियों तक से पैसा खानेवाले
- कलाकारों के यश भारती सम्मान और उनको मिलनेवाली सम्मान राशि समाप्त करनेवाले
- किसान, मज़दूर, मेहनतकश और पेशेवरों व अन्य सभी को उनका हक़-अधिकार न देनेवाले
- अल्पकालिक अग्निवीर लाकर सालों से भर्ती के लिए मेहनत करनेवालों का मनोबल तोड़नेवाले
- विज्ञान और वैज्ञानिकों को मान न देनेवाले
- 69000 जैसी अनेक भर्तियों में आरक्षण मारनेवाले
- देश की संपत्ति बेचनेवाले
- संविधान को बदलने की साज़िश करनेवाले ‘भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों’ को अब जनता पूरी तरह नकार चुकी है और सदैव के लिए विदा करने के लिए बेसब्र है।
जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई।
जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। #Bihar
प्रोटेस्टर:- अरे ये भाजपाई है सब, आप जाइए
बूढे अंकल:- क्यो जाए
प्रोटेस्टर:- आपकी समझ नही आएगा
आप बलात्कारी PM की पार्टी को सपोर्ट करने वाले लोग है
बूढे अंकल:- तेरी समझ नही आएगा
प्रोटेस्टर:- आपका बच्चा मरा है क्या
बूढे अंकल:- बकवास मत कर
प्रोटेस्टर:- सीनियर सिटिजन है इसलिए इज्जत कर रहा
बूढे अंकल:- तेरी ऐसी की तैसी
प्रोटेस्टर:- हा भाजपाई हो तो भाग जाओ यहां से
ये सफेद बाल और WhatsApp University का ज्ञान लेने वाले अंकल लोगो को बढी दिक्कत है युवाओ के इस आन्दोलन से !!
जंतर मंतर पर बच्चों के साथ हुई बर्बरता में सबसे बड़ा हाथ DG CRPF का है क्योंकि इन्होंने ही बच्चों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था।
DG ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
अगर आप मेरी बात से सहमत हैं तो पोस्ट को आगे बढ़ा दो।
#DG_CRPF_Must_Resign
प्रदर्शनकारी असली छात्रों और हुड़दंगी उत्पाती के बीच का फर्क जान लीजिए
छात्रों के प्रोटेस्ट में कई हुड़दंगी घुस गए हैं,कई पॉलिटिकल वर्कर भी, ये आंदोलन बर्बाद करने में लगे हैं। छात्रों को इनकी पहचान करनी होगी, इनको पुलिस के हवाले करना होगा और इनके उकसावे में नहीं आना होगा।
आप हमें सच के लिए देखते हो ना, तो कान खोलकर सुन लो।
जिस भी छात्र ने पुलिस पर हाथ उठाया, तो News Pinch एक-एक का चेहरा क़ायदे दिखाएँगे। सब पर मुकदमा होगा। जिन लोगों ने मारपीट की,उसका वीडियो हमारे साथी @vinay_sultan ने रिकॉर्ड किया है। सब कैमरे पर है, @DelhiPolice हमारे पर चैनल पर वीडियो देखकर सबकी पहचान कीजिए,जेल में डालिए
कुछ ऐसे हि प्रोटेस्ट को बदनाम किया जाता है।
गोदी मीडिया पुराने वीडियो निकालकर छात्र आंदोलन का बता रही हैं।
UGC के विरोध में जो रैली निकली थी तब पुलिस को मारे थे उसे आज का बता रहे हैं।
ये बहुत गंभीर समस्या है हमारे देश की,देश के अस्पतालों में जो डॉक्टर्स हैं पढ़े लिखे हैं या फिर वो भी पेपर खरीदकर पास हुए है ये आरुषि हॉस्पिटल मुंबई का केस है। जहां पे ये लड़की अपने भाई का इलाज कराने के लिए ले गई थी और अचानक से डॉक्टर ने सारे ऑर्गन्स फेलियर बता दिए और उसकी डेथ हो जाती है सिर्फ नॉर्मल बुखार आने से....