5 से 7 दिन हो गए हैं हाइट टेंशन बिजली के पॉल को क्रैक हुए और कर्मचारियों द्वारा नया खंबा लगाने के लिए खड़ा कर दिया गया है लेकिन अभी तक फोन नहीं लगाया गया कृपया कोई घटना घटने से पहले कॉल को लगाया जाए @UPPCLLKO@PVVNLHQ BAROLA sec 49 near gali no 11
हमारे आदर्श और प्रेरणापुंज आजादी के लड़ाई के नायक और भारत भूमि के स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीद- ए - आजम भगत सिंह जी को उनके जयंती पर कोटि कोटि नमन
#टीम_शेर_सिंह_राणा#अपना_घर_अपना_झंडा
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में आपका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। आपका जीवन, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
महान वैज्ञानिक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के शिल्पकार प्रो. सतीश धवन जी की जयंती पर शत-शत नमन।
IIT बॉम्बे ने दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
कैंपस में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने मार्च निकाला और साफ कहा कि वे बुलिंग के आगे नहीं झुकेंगे।
संस्थान ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर को सस्पेंड नहीं किया गया है। उन्हें सिर्फ डीन पद से हटाया गया है, वो भी जांच तक।
डायरेक्टर के इस्तीफे की खबर भी झूठ निकली। न प्रोफेसर पर कोई बड़ी कार्रवाई हुई, न डायरेक्टर को कुछ हुआ।
अफवाहें उड़ाने वाले अब शांत हैं क्यूँकि सच अब धीरे धीरे सामने आ रहा है
इस चिराग को बुझाने के लिए कोई सीमा-पार के आतंकवादी नहीं आये हैं, और जिन्होंने इस चिराग को बुझाया है, वे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अनजान भी नहीं हैं लेकिन जब व्यवस्था में दीमक लगती है तब ऐसे कर्तव्यनिष्ठ चिरागों का बुझना एक घटना मात्र बनकर रह जाता है और आम जन भविष्य में किसी ऐसी ही घटना के इंतजार में इसे भूल जाया करते हैं क्योंकि दीमक लगी व्यवस्था मरने की ओर अग्रसर है।
सादर श्रद्धांजलि प्रताप सिंह जी🙏
@shri_kys@Shri_PF
#weareskpf
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारा भाई अब हमारे बीच नहीं रहा। लेकिन प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ जिस तरह से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, वह तर्कसंगत नहीं लगता।
नियम बिल्कुल स्पष्ट है—अगर आप नकल या चीटिंग करते हैं, तो कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
: IIT बॉम्बे के एक छात्र
फोन से नकल करता IIT बॉम्बे का छात्र साहिल वाकोड़े ,
अब प्रोफेसर के ऊपर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाने वाले माफ़ी मांगेंगे या फिर इसे AI वीडियो बताकर पल्ला झाड़ कर भाग जायेंगे?
खेजड़ली धाम, जोधपुर में विश्व प्रसिद्ध खेजड़ली मेले में शामिल होकर पर्यावरण एवं प्रकृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले 363 वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस पावन अवसर पर गुरु श्री जंभेश्वर भगवान के मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। खेजड़ली धाम केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति समर्पण, त्याग और संरक्षण की अमर प्रेरणा का प्रतीक है। यहां की पवित्र धरा आज भी उन वीर-वीरांगनाओं के अद्वितीय बलिदान की गौरवगाथा सुनाती है, जिन्होंने वृक्षों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह पवित्र स्थल हमें सिखाता है "सिर सांठे रुंख रहे तो भी सस्तो जान" अर्थात, वृक्षों की रक्षा के लिए प्राणों का बलिदान भी सस्ता है।
इस पावन मेले में आप सभी परिवारजनों द्वारा मिले आत्मीय स्नेह, सम्मान और अपनत्व के लिए हृदयतल से कोटि-कोटि आभार। आप सभी का यह स्नेह और विश्वास सदैव सेवा एवं जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
जाट एसोसिएशन सार्वजनिक रूप से आईआईटी बॉम्बे के प्रोफ़ेसर सूर्यनायना के साथ है |
प्रोफेसर सूर्यनायन द्वारा चीटिंग पकड़ कर कोई असंवैधानिक काम नहीं किया था | बल्कि विश्वविख्यात आईआईटी बॉम्बे की साख बचाई थी |