सुनो लड़की......
तुम्हारे मखमली पैरों के धमक ने रचे हैं...
कथक के सुर के ताल...
जब तुम्हारे पायजेब के घुँघरू खिलखिलाते हैं...तो खिल उठते है...
परिजात यकायक🧡❤️ @shayari_in_
जब मेरी अंतिम यात्रा निकले,
तो वह उन्हीं कंधों से होकर गुज़रे,
जिन्होंने कभी मुझे थामा नहीं,
फिर भी मेरे भीतर
एक अजीब-सा आश्वासन बनकर रहे।
मैं चलूँ उनके साथ
उस अंतिम सत्य तक,
जहाँ प्रेम पाने या खोने का विषय नहीं रहता,
जहाँ देह राख हो जाती है
और आत्मा स्मृति।
और मेरी समस्त यादें
चिता की अग्नि में नहीं,
उनकी आँखों की नमी में
कुछ देर और जीवित रहें।
जैसे किसी प्राचीन नदी का जल
समुद्र में विलीन होकर भी
अपना अस्तित्व पूरी तरह नहीं खोता।
जब मेरी अस्थियाँ
गंगा की गोद में उतरें,
तो जल पूछे
किसका प्रेम था यह,
जो प्रतिदान न पाकर भी
इतना निर्मल रहा?
और लहरें उत्तर दें
यह उस स्त्री का प्रेम है
जिसने किसी पुरुष को
अपना अधिकार नहीं,
अपनी प्रार्थना समझा था।
जिसने साथ की उम्मीद से अधिक
स्मरण को महत्व दिया,
और जिसने प्रेम को
मिलन में नहीं,
समर्पण में पूर्ण होते देखा।
तुम्हारी नर्म हथेलियाँ किसी प्रार्थना की पंक्तियों सी लगती हैं। निर्मल, सुकुमार और शांत। उन्हें छू लेने भर से मन में एक अनकहा आदर उतर आता है, मानो कोमलता ने स्वयं तुम्हारा स्पर्श ओढ़ लिया हो।..🌿
इंस्पेक्टर : “वर्दी पहन ले पता लग जाएगी डरते क्यों हैं ”
अभिनय सर : “मैंने पहन के उतार दी 2017 में”
इंस्पेक्टर : “मर्द होते तो पहनते”
ये सुनके मैंने तत्काल सोनू टेलर के यहाँ वर्दी सिलने को दे दी, अगर आपको भी अपनी मर्दानगी साबित करनी है तो वर���दी पहन लीजिए।
#SSCReforms
@khurpenchh
साधक के लिए आवश्यक है कि वे न्यूनतम हिंसा करें।वाणी,भोजन,कर्म सबमें।
योगानंद जी से उनके शिष्यों न�� पूछा था कि खान पान कैसा रखें तब उन्होंने कहा था जो रुचे वही खाओ।जब ईश तत्व तुम्हे पकड़ लेगा तब तामसिक वृत्तियां स्वतः छूटने लगेंगी बस क्रिया प्राणायाम का अभ्यास जारी रखना
#यूं_ही