ये बुजुर्ग NEET पेपर लीक होने के कारण अपने जवाब बेटे को खो दिया है, जो कि एक मात्र औलाद थे!
अब ये जंतर मंतर पर हो रहे CJP प्रदर्शन में शामिल छात्रों को अपने औलाद की तरह प्यार बांट रहे हैं, अपने हाथों से खाना खिला रहें!
मैं अब से सिर्फ उन्हीं सवालों का जवाब दूंगी, जो जरूरी हैं। आप सब (मीडिया) वही सवाल पूछते हैं, जो सरकार आप से पुछवाना चाहती है।
• क्या आपने सरकार के मंत्रियों से सवाल पूछा?
• क्या आपने धर्मेंद्र प्रधान से पूछा कि वो इस्तीफा कब देंगे?
• छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन PM मोदी सदन में नहीं आए, क्या आपने सवाल पूछा?
• क्या आपने अमित शाह से पूछा कि छात्रों पर लाठियां क्यों चलवाईं, बच्चे हॉस्पिटल में क्यों हैं? किसलिए... क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?
जब आप सरकार से ये सवाल करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी।
: कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
ए डिग्री दूबे,
बहुत बुड़बक आदमी हो भाई
लड़के का The Indian Legal Profession and Code of Ethics का पेपर था
Exam का समय: 11:00AM-02:00PM
राहुल जी का धरना शाम को करीब 03:15 बजे शुरू हुआ
दिमाग़ से पैदल हो तुम चोमू
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
कल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मामले का संज्ञान लिया और आज छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के ‘चिता आंदोलन’ पर दमनकारी पुलिस कार्रवाई हो गई।
जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के आमरण अनशन का 14वाँ दिन था। उन्हें भी, सोनम वांगचुक जी की तरह, पुलिस उठाकर भाग गई।
अहंकार के नशे में चूर यह सत्ता संवाद नहीं; दमन चुनती है।
#KenBetwa #Satyagraha
Prabal Pratap, you’re our hero.
We, the people of India, salute you, young man.
You risked your career and showed the judiciary its place by breaking the norm, replacing “Your Honour” with “Mr. Judicial Servant.” You reminded them that they are servants of the Indian judiciary and the people of India. You did what the people of the Republic of India wanted to do. You represent the ongoing condition and sentiments of the 1.4 billion people of this country.
Thank you for your service.
Thank you, Prabal Pratap. 🙏🏻🫡🇮🇳