यहीं पर अभिनय सर ने पूरे नैरेटिव की ���ोल खोल दी 🔥
शालिनी: क्या भारत सच में ताकतवर बन रहा है?
अभिनय सर: हमारे ज़माने का सबसे बड़ा पाखंड। हम कहते हैं कि हम भगवान राम को ले आए, लेकिन ट्रंप की इजाज़त के बिना रूस से तेल भी ��हीं ला सकते।
शालिनी: सरकार कहती है कि पहले के प्रधानमंत्रियों पर भी इस बात का दबाव था कि भारत क्या खरीद सकता है।
अभिनय सर: मेरे पिता मुझे नए कपड़े देने से सिर्फ इसलिए मना नहीं कर सकते, क्योंकि उनके पिता को कभी वे कपड़े नहीं मिले थे।
शालिनी: लेकिन मनमोहन सिंह को तो 'खामोश प्रधानमंत्री' कहा जाता था।
अभिनय सर: उस आदमी ने 170 प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं। हमारे प्रधानमंत्री ने तो एक भी नहीं की। लोग इस पर नाराज़ भी क्यों नहीं हैं?
जम्मू कश्मीर में आम आदमी पार्टी के MLA मेहराज मलिक को पुलिस ने खतरनाक/बेहद सख्त PSA लगाकर गिरफ्तार कर लिया था
AAP MP संजय सिंह जम्मू कश्मीर गए थे साथ दिल्ली से AAP विधायक और पूर्व मंत्री इमरान हुसैन भी थे
आज संजय सिंह और इमरान हुसैन को श्रीनगर में सरकारी गेस्ट से निकलने ही नहीं दिया जा रहा... जम्मू कश्मीर पुलिस तैनात है
संजय सिंह को गिरफ्तारी के विरोध में धरना देना था और प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी लेकिन उसकी भी इजाजत नहीं है?
अब क्या देश मे विपक्ष के नेता धरना और प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं कर सकेंगे?
ये हो क्या रहा है?
दुकान पर आर्डर 810 रूपये का, Swiggy पर वही आर्डर आया 1473 का
◆ सोशल मीडिया पर @SunderjiJB ने स्विग्गी को टैग कर पूछा सवाल
◆ सेम आर्डर पर डिलीवरी एप ने वसूले 663 रूपये ज्यादा
Swiggy | #SwiggyOrder | Swiggy
नाम- नरेश कुमार, दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव
काम- दिल्ली की नई शराब नीति को शराब घोटाला बनाने और केजरीवाल सरकार ठप्प करने में अहम भूमिका
इनाम- रिटायरमेंट के एक साल बाद भी सरकारी बंगला, गाड़ी और सुविधाएं बरकरार!
बतौर दिल्ली के मुख्य सचिव, नरेश कुमार को सरकारी बंगला नंबर E-1/1, सत्य मार्ग, नई दिल्ली अलॉट हुआ था।
60 साल की उम्र होने पर वो 30 नवंबर 2023 को रिटायर होने वाले थे।
पर उनकी "तथाकथित सेवाओं” के मद्देनजर बीजेपी की केंद्र सरकार ने बिना दिल्ली के मुख्यमंत्री से सलाह मशविरा किए, 6 महीने का सेवा विस्तार दिया।
6 महीने पूरे होने पर नरेश कुमार को 1 June 2024 से फ़िर 3 महीने का सेवा विस्तार मिला, जो कि 31 अगस्त 2024 को पूरा हुआ।
यानि दो बार विस्तार के बाद, नरेश कुमार की सरकारी सेवा 31 अगस्त 2024 को औपचारिक रूप से ख़त्म हुई, पर अभी तक वो उसी सरकारी बंगले में रह रहे हैं जो उन्हें बतौर मुख्य सचिव अलॉट हुआ था।
ये वही नरेश कुमार हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल के पहले तीन महीने में ही दिल्ली की नई शराब नीति को घोटाले की दिशा देकर सीबीआई जांच की तरफ़ मोड़ दिया था।
अपने कार्यकाल के दूसरे चरण में, यानि 9 महीने के सेवा विस्तार के दौरान इन्होंने दिल्ली का प्रशासन पूरी तरह ठप्प करवा दिया था।
दिल्ली जल बोर्ड और पीडब्ल्यूडी इनके खास निशाने पर थे जिसने बहते सीवर, गंदे पानी और टूटी सड़क को आप सरकार के आख़िरी एक साल की पहचान बना दी।
इसी “मैन मेड” या यूँ कहें “मुख्य ���चिव मेड” नैरेटिव और क्राइसेज़ का नतीज़ा था कि दिल्ली की जनता में केजरीवाल सरकार के प्रति एक हद तक नाराज़गी पैदा हुई जो आम आदमी पार्टी की हार का महत्वपूर्ण कारण बनी।
जब नरेश कुमार का दूसरा सेवा विस्तार 31 अगस्त 2024 को पूरा हुआ तो क़यास थे की उन्हें उनकी “अभूतपूर्व सेवाओं” के बदले मोदी सरकार कोई महत्वपूर्ण पद देगी।
पर मोदी सरकार से “विशेष सेवा” के बदले “विशेष पद” के अभिलाषियों की क़तार शायद ��ुछ ज़्यादा बड़ी है जिसमें रिटायर���ड जज, रिटायर्ड केंद्रीय सचिव स्तर के अधिकारी हैं लिहाज़ा पिछले 10 महीनों से नरेश कुमार पद विहीन रहे हैं।
पर कमाल की बात ये है कि किसी भी सरकारी पद पर न होते हुए भी नरेश कुमार नई दिल्ली के चाणक्यपुरी जैसे पॉश इलाके में टाईप VI बँगले पर क़ाबिज़ हैं!!
जहाँ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चंद्रचूड़ तक पर सरकारी बंगला ख़ाली न करने पर सवाल उठाया गया,
जहाँ क़यास लगाया जा रहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी जल्द ही अपना बंगला ख़ाली कर देंगे,
ऐसे में नरेश कुमार के मामले पर हर तरफ़ चुप्पी कुछ कहती है।
और ये चुप्पी सिद्ध करती है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनवाने में ईडी, सीबीआई, दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग से कहीं ज़्यादा बड़ी भूमिका नरेश कुमार की थी।
लिहाज़ा अब वो जब तक चाहें लुटियंस दिल्ली में शानदार सरकारी बंगले में सभी सरकारी सुविधाओं के साथ रह सकते हैं!
और उनक��� मिली इस “स्पेशल सुविधा” से बाक़ी ब्यूरोक्रेट्स भी प्रेरणा पायें कि वो अगर संविधान की बजाए मोदी सरकार के प्रति वफ़ादार रहेंगे तो इनाम में कोई कंजूसी नहीं होगी…
जय हिन्द!!
UP के BJP बिजली मंत्री ने खोली बिहार की पोल
कहा- "बिजली होगी तभी तो फ्री दी जाएगी"
बिहार की JDU-BJP सरकार ने 125 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा की ह���
और ख़ुद BJP वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फ़जीहत करा रहे हैं
उत्तर प्रदेश में बच्चे बंद स्कूल के गेट पर खड़े रो रहे हैं... वे पढ़ना चाहते है, लेकिन भाजपा सरकार ने उनके भविष्य पर हमेशा के लिए ताले लगा दिए हैं।
आज पूरा देश देख रहा है कि भाजपा की शिक्षा-विरोधी नीतियाँ भारत को दशकों पीछे धकेल रही हैं।
दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने अभी दो FIR दर्ज़ की है।
पहली FIR तथाकथित क्लासरूम घोटाले की, और दूसरी तथाकथित अस्पताल घोटाले की है।
दोनों FIR में एक ख़ास बात है!!
दोनों FIR में आरोपी सिर्फ़ केजरीवाल सरकार के दो दो मंत्री हैं, एक भी अधिकारी आरोपी नहीं है!!
देश के इतिहास में शायद ये पहली भ्रष्टाचार ��ी FIR है जिसमें सिर्फ़ मंत्री नामज़द हैं, एक भी अधिकारी नहीं!!
हमारे देश का प्रशासनिक ढाँचा ऐसा है कि कोई भी नेता, चाहे वो प्रधानमंत्री हो या फ़िर निगम पार्षद, अपने आप से एक रुपये का ��ी भ्रष्टाचार नहीं कर सकता!!
अमूमन नेता और अधिकारियों की मिलीभगत से ही भ्रष्टाचार होता है।
पर हाँ, सरकारी अधिकारी अपने मंत्री और जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखकर ख़ुद से छोटा मोटा भ्रष्टाचार आसानी से कर सकते हैं।
पर बीजेपी और एसीबी की मानें तो दिल्ली में, वो भी पिछली केजरीवाल सरकार में, हज़ारों करोड़ के प्रोजेक्ट की परिकल्पना से लेकर उसके एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल अप्रूवल, एक्सप���ंडिचर सैंक्शन, डिस्बर्समेंट और सुपरविजन तक सब कुछ अकेले मंत्री ही करते थे!!
लिहाज़ा FIR भी अकेले केजरीवाल सरकार के मंत्रियों के नाम से ही हुई है!!!
हाल ही में भोपाल के एक अजीबोगरीब डिज़ाइन वाले फ़्लाइओवर का वीडियो वायरल हुआ है। भ्रष्टाचार की आशंका के चलते मध्यप्रदेश सरकार ने इस मामले में कल पीडब्ल्यूडी के 7 इंजीनियर्स को बर्खास्त किया है!!
सवाल ये है कि अगर देश में सब के लिए एक ही क़ानून ह��, मंत्रियों की समान जवाबदेही है तो फ़िर मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री के ख़िलाफ़ FIR क्यों नहीं हुई?
यानि अगर बीजेपी की डबल इंजन सरकार है तो मंत्री से सवाल भी नहीं पूछा जाएगा, और अगर डबल इंजन सरकार नहीं है तो मंत्री सीधे जेल जायेंगे!!!
अब इसके बाद भी अगर किसी को लगता है कि:
-बीजेपी देश से भ्रष्टाचार हटाना चाहती है,
-बीजेपी देश के संविधान का सम्मान करती है,
-बीजेपी भ्रष्टाचार का नाम लेकर अपने राजनैतिक विरोधियों को प्रताड़ित नहीं कर रही है
तो उसे "गांधारी" की तरह अपनी आँख पर पट्टी बांध लेनी चाहिए…
जारी किए गए अपने दो संकल्प पत्रों में बीजेपी ने क़बूल किया है और सीधे ऐलान कर दिया है कि वे दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक बंद कर देंगे और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मिलने वाली फ्री शिक्षा बंद कर देंगे।
मैंने तो पहले ही कहा था कि बीजेपी दिल्ली का चुनाव केवल और केवल दिल्ली में लोगों को मिलने वाली सभी योजनाओं को बंद करने के लिए लड़ रही ह��। इन्होंने अब कबूल कर लिया कि वे फ्री शिक्षा और फ्री इलाज (दवाईयां, टेस्ट और सर्जरी) बंद कर देंगे। लेकिन देख लेना कि ये लोग अन्य योजनाएं जैसे फ्री बिजली, पानी और महिलाओं की फ्री बस यात्रा भी बंद कर देंगे।
ग़लत बटन मत दबा देना। नहीं तो दिल्ली में रहना मुश्किल कर देंगे ये लोग।
“मेरे रहते, कोई और कैसे?”
इस सिंड्रोम से अगर मोदी जी ग्रसित न होते, तो दिल्ली ही नहीं, पूरे देश का नज़ारा कुछ और ही होता…
“केजरीवाल कुछ नया और अलग कैसे कर सकता है? केजरीवाल के आईडिया और काम को लोग क्यों नोटिस कर रहे हैं?”- मोदी जी के ये भाव ही दरअसल फ़साद की असल जड़ हैं!!
“मेरे रहते, कोई और कैसे” सिंड्रोम के दो ताज़ा शिकार हैं- योगी आदित्���नाथ और राहुल गांधी।
योगी जी ने पिछले दिनों कसाइयों वाला नारा दिया। वही, बटेंगे-कटेंगे वाला। इस पर देश के कुछ बकरे-बकरियों ने ताली बजाई।
तालियों की गड़गड़ाहट से मोदी जी का, “मेरे रहते, योगी कैसे?” वाला भाव जागृत हो गया।
तुरंत, उन्होंने भी एक नारा चेप दिया। वही, सेफ रहने के लिए झुंड में रहने वाली नसीहत वाला। और जब इस नारे पर बहुत सारी भेड़ों ने ताली बजाई, तब जाकर मोदी जी की जान में जान आई!!
फिर ���ुछ दिन पहले राहुल गांधी जी ने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में एक लेख लिखा- बिज़���ेस और सत्ता की अश्लील हमजोली पर ईस्ट इंडिया कंपनी के ज़माने से लेकर अब तक की पॉलिटिक्स का सफ़र।
इस लेख की चर्चा चारों तरह हो रही है। उन पॉइंट्स पर भी जो राहुल जी ने स्पष्ट लिखा है, और उस पर भी जिस तरफ़ उन्होंने सिर्फ़ इशारा किया है।
बस फिर क्या था। मोदी जी का वही चिर परिचित भाव जागृत हो गया- “मेरे रहते, राहुल कैसे?”
लिहाज़ा मोदी जी ने भी ताबड़तोड़, उसी इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के उसी पेज पर, अप��ा लेख लिख दिया। उनका लेख स्वर्गीय श्री रतन टाटा जी के बिज़नेस मॉडल, देश प्रेम और व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि के रूप में था, श्री टाटा जी की मृत्यु के एक महीने बाद।
चूँकि मोदी जी, योगी जी और राहुल जी से तो अपना “इनसिक्योरिटी जनित कम्पटीशन” बातों ही बातों में कर सकते थे, लिहाज़ा नारे का जवाब नारे से और लेख का जवाब लेख से देकर मामला निपटा दिया।
पर केजरीवाल जी के साथ मसला अलग था।
केजरीवाल जी के साथ सिर्फ़ बातों ��ा कम्पटीशन नहीं था, काम का कम्पटीशन था, आइडियाज़ का कम्पटीशन था। इसलिए, मोदी जी ने इसका जवाब पहले केजरीवाल सरकार के काम में अड़ंगा डाल कर दिया, फिर उन्हें जेल भेज कर।
तो मोदी जी का भाव तो बिलकुल स्पष्ट है- “ये देश सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरी महफ़िल है। यहाँ चर्चा किसी और की भी हो, ये मुझे मंज़ूर नहीं”
अब देखना ये है कि मोदी जी के "सिर्फ़ मैं" सिंड्रोम की क़ीमत देश कब तक चुकाता रहेगा…
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के यहां आज सुबह से ED छापेमारी कर रही है
ED का आरोप है कि संजीव अरोड़ा ने फर्जवाड़ा करके जमीन हासिल की
उसी ��ामले में ED की रेड चल रही है
वैसे इससे पहले भी बड़े AAP नेताओं पर ED की कार्रवाई होती रही है
अविन्द केजरीवाल को ED ने गिरफ़्तार किया था, वो गिरफ्तारी सही थी या नहीं इस पर सुप्रीम कोर्ट फ़ैसला नहीं कर पाया है
मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और विजय नायर को ED ने गिरफ्तार किया था, सबको ज़मानत मिल चुकी है
आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को हाल में गिरफ्तार किया है
दिल्ली सरकार में तत्कालीन स्वास्���्य मंत्री सत्येंद्र जैन को मई 2022 में गिरफ्तार किया था, अभी जेल में हैं
लोकसभा चुनाव 2024 में अरविंद केजरीवाल ने पहली बार दिल्ली से बाहर चुनाव प्रचार किया
हरियाणा में अरविंद केजरीवाल के चुनाव प्रचार के दौरा�� आम आदमी पार्टी से कांग्रेस का गठबंधन जमीनी स्तर पर भी मजबूत दिखा
राजनाथ जी - 72 साल
मोदी जी - 74 साल
इनको अभी रिटायर नहीं होना लेकिन युवाओं को 21-22 साल की उम्र में रिटायर करने की योजना ला��े हैं और बेशर्मी के साथ उस योजना को सही भी बता रहे हैं।
इस अहंकार का जवाब देश का युवा वोट से देगा।