हार की परवाह करता, तो मैं जीतना छोड़ देता, लेकिन जीत मेरी जिद हैं, और जिद का मैं बादशाह हूँ।
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खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाली पार्टियों के लिए परीक्षा की घड़ी आ गई है। उन्हें तय करना होगा कि वे देश के संविधान और धर्मनिरपेक्षता के साथ खड़े हैं या उन लोगों के साथ जो इसे खत्म करने पर तुले हुए हैं। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने पहले ही घोषणा कर दी है कि अगर इस विधेयक को रोकने के लोकतांत्रिक प्रयास विफल हो गए तो वे इसके खिलाफ कानूनी संघर्ष शुरू करेंगे। यह विधेयक देश के संविधान पर सीधा हमला है, जो न केवल सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है बल्कि उन्हें पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी भी देता है। यह विधेयक मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता को छीनने की एक खतरनाक साजिश है। इसलिए, जो लोग इस साजिश को हराने के प्रयास में मुसलमानों के साथ खड़े होंगे, वे वास्तव में संविधान और धर्मनिरपेक्षता के असली रक्षक माने जाएंगे। इसके विपरीत, जो लोग इस साजिश को सफल बनाने में सरकार का समर्थन करते हैं, वे देश के संविधान और धर्मनिरपेक्षता के खुले दुश्मन माने जाएंगे। सभी संसद सदस्यों से अपील है कि वे अपने विवेक का उपयोग करते हुए इस विधेयक के खिलाफ मतदान कर के संविधान और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करें।
#IndiaAgainstWaqfBill | #RejectWaqfBill #SayNoToWaqfBill | #Waqfbill
सांकेतिक विरोध के रूप में, खुद को सेक्युलर कहने वाले नीतीश कुमार, नायडू और चिराग पासवान जैसे नेताओं की इफ्तार, ईद मिलन और अन्य आयोजनों में शामिल नहीं होगी जमीयत उलमा-ए-हिंद। ये लोग सत्ता के लिए मुसलमानों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार पर चुप्पी साधे हुए हैं और देश के संविधान के खिलाफ सरकार का समर्थन कर रहे हैं. वक्फ संशोधन बिल पर इन नेताओं का रवैया इनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है। उन्हें देश के संविधान और धर्मनिरपेक्षता की कोई परवाह नहीं है; वे केवल अपने राजनीतिक हितों में रुचि रखते हैं।
#WaqfBoardAmendmentBill
ग़ाज़ीपुर शिक्षा विभाग द्वारा परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद विद्यालय का नाम बदला जाना निंदनीय है, वीर अब्दुल हमीद साहब के परिजनों से आज मेरी फोन पर बात हुई, पूर्व में विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा एैसी कोशिश हो चुकी है, सरकार से अनुरोध है कि जिस विद्यालय में 5th तक अब्दुल हमीद ने पढ़ाई की है कम से कम उस विद्यालय को तो उनकी यादों के स्मारक के तौर पर बचा कर रखा जाये, पुनः विद्यालय का नाम वीर अब्दुल हमीद किया जाये और बार बार एैसा प्रयास करने वाले ज़िम्मेदारों पर शिक्षा विभाग कार्यवाही सुनिश्चित करे।
संभल हिंसा : मुस्लिम महिला जिकरा को पत्थर मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया अभी तक इस मामले में 3 मुस्लिम महिलाओं और 52 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया।
मुस्लिम युवकों को ज़ैल मे सड़ाने के बाद अब मुस्लिम महिलाओं को जेल में सड़ाया जाएगा।
क़ातिल ने किस सफ़ाई से धोई है आस्तीन
उसको ख़बर नहीं कि लहू बोलता भी है।
एक बार इंसान बनकर संभल के इन पीड़ितों का दर्द सुनिये, समझ आ जायेगा कि प्रशासन ने कितनी झूठी कहानियॉं गढ़ी हैं।
संभल जैसी घटना को रोकने के लिए जमीयत उलमा-ए-हिंद सुप्रीम कोर्ट गई है।
संभल में पुलिस की अराजकता, अन्याय, क्रूरता और दरिंदगी की जीती जागती तस्वीर है, देश में वर्षों से फैली नफरत अब गोलियों तक पहुंच गई है।
पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के बावजूद निचली अदालतें मुस्लिम पूजा स्थलों का सर्वेक्षण करने के आदेश जारी कर रही हैं जो इस कानून का उल्लंघन है । पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए कानून का पालन न करने से देश की शांति बिगड़ रही है ।
जमीयत उलमा-ए-हिंद संभल में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग और बर्बरता का शिकार हुए लोगों के साथ में खड़ी है।
#SambhalJamaMasjid
संभल में गोली लगने के बाद कैफ़ (17) की इलाज के दौरान मौत, एक और अयान (18) नामक युवक की इलाज के दौरान मौत हुई है, अब तक गोली लगने से 5 लोगों की हो चुकी है मौत!
ऑन कैमरा फायरिंग करने वाली पुलिस ने कह दिया है कि हमने कोई गोली नही चलाई, यानी मृतक अपनी जेब में गोली रखकर लाये थे और बिना हथियार के उन्होंने जेब से गोली निकालकर अपने शरीर में घुसा ली जिसके बाद उनकी मौतें हो रही है!
संभल जामा मस्जिद घटना
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा, पथराव और आगजनी की घटना पर जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये जो हो रहा है अच्छा नहीं हो रहा।
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संभल में अब तक 5 युवकों की मौत हो चुकी है , 2 युवकों कैफ़ (18) औऱ अयान (19) की आज रात इलाज के दौरान मौत हुई!
पुलिस ने अब तक 23 के क़रीब लड़कों को उठाया है संभल में इंटरनेट बंद कर मुस्लिमों के घरों में छापेमारी चल रही है, आज की ख़बर के मुताबिक़ पुलिस ने खोखे औऱ हथियार मुस्लिमों के घरों से बरामद होना दिखाया है ये बात अलग है कि गोली भले पुलिस ने चलाई हो लेकिन खाली खोखे और हथियार मुस्लिमों के घरों से बरामद हो रहे है!
आतंकवादी गोपाल मिश्रा अपने खुद के गलती से मरा, भाजपाइयों ने पूरा शहर जला दिया।
आज 3 देशभक्त मासूम मुसलामानों को मार दिया गया और मुसलामानों के विरूद्ध नरसंहार कि शुरुवात की गई पर कोई बोलने वाला नही है।
उल्टा कुछ देशद्रोहियों द्वारा जश्न मनाया जा रहा है।
#AllEyesOnIndianMuslims
संघी जज एक घंटे के भीतर सैंकड़ों साल पुरानी मस्जिदों का ‘सर्वे’ का हुक्म दे देते हैं।
जय श्रीराम के नारों के साथ ‘सर्वे टीम’ मस्जिद की ओर कूच करती है।
संघी पुलिस बिना किसी लॉ एंड ऑर्डर के गोली चला रही है।
अब देश कानून से नहीं संघ से चल रहा है।
#AllEyesOnIndianMuslims#Sambhal