भले ही हर महीने का 50,000/- का खर्च हो, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री और आर्मी को गाली देने वालों को नहीं छोड़ेंगे, उनके ख़िलाफ़ केस करेंगे‼️
अपनी कमाई से खर्च कर के इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे ! 💪
पूरा समर्थन है मोहित कब्डवाल भाई आपको, इस देश का मजाक बनने नहीं देंगे !!
#CJP
हल्के मजाक के कुछ उदाहरण:
'देश का युवा रोता है, मोदी का लं* छोटा है'
'मेरे सर में दर्द है, मोदी तो नामर्द है'
'इस्तीफ़ा नहीं दे सकते तो अपनी गां* ही दे दो'
प्रिय भारतवासियों,
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था।
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी।
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए।
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक
PM मोदी का Epstein files में नाच गाने वाला वीडियो लीक हुआ है
जिसको लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है😡
इस वीडियो को Repost कीजिए ताकि PM मोदी को एक्सपोज किया जा सके कि Israel में क्या नाच गाना हुआ था
UGC impact , कारण धर्मेंद्र प्रधान, मोदी को गाली क्यों
क्या मोदी जी के खिलाफ उनके अपने ही षड्यंत्र रच रहे हैं । पूरा सुने और शेयर करें
#ShameOnUGC#Rollback_UGC
हिंदुओं वो अगर फिलिस्तीन के लिए एक हो सकते है
तो हम बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए एक क्यों नहीं..?
बांग्लादेश जा नहीं सकते तो फिर आवाज तो उठाओ
लगाओ जोर दिखाओ भारत के हिंदुओं की एकता
हमारे पीड़ित हिंदू भाइयों के लिए लिखते रहो👇
#AllEyesOnBangladeshiHindus
प्रिय @priyankagandhi जी,
नमस्कार।
लोकसभा में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वंदे मातरम् पर दिए गए ऐतिहासिक संबोधन को मैंने पूरे ध्यान से सुना। उसके बाद आपका यह कथन भी आया कि नेहरू जी पर ऐतिहासिक चर्चाएँ और आलोचनाएँ अब समाप्त हो जानी चाहिए...यहीं पर एक राष्ट्रभक्त नागरिक होने के नाते मुझे आपसे कुछ बातें बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहनी आवश्यक लगती हैं..
पहली बात- इतिहास किसी नेता, परिवार या पार्टी की सुविधा से नहीं चलता..इतिहास का काम है सत्य को सामने लाना, और राष्ट्र का काम है उससे सीख लेकर आगे बढ़ना...न तो इतिहास अपनी आँखें बंद करता है, और न ही वह उन गलतियों को भूलता है जिनकी कीमत पीढ़ियाँ चुकाती रही हैं..
दूसरी बात - जवाहरलाल नेहरू देश के प्रथम प्रधानमंत्री थे, पर उनकी नीतियाँ और निर्णय इस राष्ट्र पर भारी पड़े।
चाहे वह कश्मीर का सवाल हो, चीन नीति हो, या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्णय...इनके परिणाम देश आज भी झेल रहा है...यह केवल किसी राजनीतिक मतभेद का प्रश्न नहीं है, यह भारत के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय का रिकॉर्ड है, जिसे दबाना या बंद करना किसी के बस में नहीं है।
तीसरी बात - भविष्य की पीढ़ियाँ इतिहास से प्रश्न पूछने का अधिकार रखती हैं।
यह राष्ट्र किसी एक परिवार की धरोहर नहीं है कि उसके अध्यायों पर “चर्चा समाप्त” का ठप्पा लगा दिया जाए..
यदि गलतियाँ हुई हैं, तो उनका उल्लेख होगा..
यदि निर्णय चूके गए हैं, तो उनकी समीक्षा होगी..
और यदि राष्ट्र को नुकसान हुआ है, तो जवाब भी मांगे जाएंगे...आज भी, आने वाले समय में भी।
प्रियंका जी,
इतिहास का संवाद कभी बंद नहीं होता।
जो नेता जितना बड़ा होता है, उसकी गलतियाँ भी उतनी ही बड़ी होती हैं और उनका मूल्यांकन भी उतना ही आवश्यक। इसलिए नेहरू जी पर विमर्श न आज रुकेगा, न भविष्य के भारत में रुकेगा। यही लोकतंत्र की आत्मा और राष्ट्र के प्रति ईमानदारी है।
सादर 🙏🏻
@AjiHaaan
एक भारतीय नागरिक.