socio-political activist | writer | Ambedkarite | MIS executive | Ex. taekwondo player |
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आज बाल गंगाधर तिलक का जन्मदिन है इसका कोई एक काम बता दो जो राष्ट्रहित में किया है, इन्हें ब्राह्मणवादी इतिहासकारों ने क्रांतिकारी बताया क्योंकि यह ब्राह्मण थे 🔥
1889 में, बंगाल में नाबालिग लड़की फूलमोनी दासी की मौत हो गई; शादी की रात उसके 35 वर्षीय पति ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे, जिससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं और उसकी मौत हो गई,
इस घटना पर हुए आक्रोश के कारण 'एज ऑफ़ कंसेंट एक्ट, 1891' बना, जिसके तहत 12 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना बलात्कार माना गया, बाल गंगाधर तिलक ने Age of consent act 1891 का विरोध किया यह कहकर कि यह हमारे हिन्दू धर्म के खिलाफ़ है,
बाल गंगाधर तिलक ने विधवाओं के पुनर्विवाह पर भी आपत्ति जताई और इसे हिंदू धर्म की परंपराओं में दखल माना, तिलक ने महिलाओं की वैदिक शिक्षा पर भी आपत्ति जताई, उन्होंने महात्मा फुले द्वारा बहुजनो के लिए खोले गए स्कूलों को भी राष्ट्र के लिए खतरा बताया ।
हेलो @bandapolice आखिर ये संविधान का अपमान करने वाला कब तक गिरफ्तार होगा ?
आरोपी को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है ?
@rangechitrakoot कृपया संज्ञान लें!!
यह अभिषेक राजावत नाम का लड़का ग्राम नादांदेव थाना जसपुरा का रहने वाला बताया जा रहा है। उक्त पोस्ट में भारतीय संविधान का अपमान कर जनभावनाओं को आहत कर माहौल बिगाड़ रहा है। कृपया संज्ञान लेकर दोषी पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई करें।
If those belonging to reserved categories were to practice casteism just like the upper castes, would anyone from the General category ever be able to reach Parliament?
इंस्टाग्राम अकाउंट Reservation Hatao Andolan पर इस समय 1.8M followers हो गए है। 🔥
जिस स्पीड से फॉलोवर्स बढ़ रहे है। उसे देखकर लगता है कि कल तक 5M का आंकड़ा भी पार हो जाएगा?
यह अभिषेक राजावत नाम का लड़का ग्राम नादांदेव थाना जसपुरा का रहने वाला बताया जा रहा है। उक्त पोस्ट में भारतीय संविधान का अपमान कर जनभावनाओं को आहत कर माहौल बिगाड़ रहा है। कृपया संज्ञान लेकर दोषी पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई करें।
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
2.वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।
3.इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुडा़ मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।
4.संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।
5.साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।
अमित गोरखे व जितेश अंतापूरकर हि संघाची पिलावळ सोडून इतर 27 SC आमदारांनी आपला स्वाभिमान जिवंत ठेवल्याबद्दल त्यांचे अभिनंदन !!इतिहासात याची नोंद नक्कीच होईल!
#उपवर्गीकरन_रद्द_झालेच_पाहिजे
27 आमदारांनी उपवर्गीकरणाला विरोध दर्शवला..... हीं आहे आपल्या लढ्याची ताकद
अजून जोर लावूया आणि हा उपवर्गीकरंनाचा डाव उलथून लावूया!जय भिम
✊✊✊🇪🇺🇪🇺🇪🇺
#उपवर्गीकरन_रद्द_झालेच_पाहिजे
चलो मुबंई चलो मुबंई
CM तुम्हारे साथ हे तो क्या हुआ ईस देश का cm से pm बनाने वाला संविधान और उसे बनाने वाला बाप हमारे साथ हें, उनका नाम तो पता हीं होगा
डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर ✊🇪🇺✊
#उपवर्गीकरण#विरोधीमोर्चा#maharashtra#mumbai#महामोर्चा
चलो मुबंई चलो मुबंई
CM तुम्हारे साथ हे तो क्या हुआ ईस देश का cm से pm बनाने वाला संविधान और उसे बनाने वाला बाप हमारे साथ हें, उनका नाम तो पता हीं होगा
डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर ✊🇪🇺✊
#उपवर्गीकरण#विरोधीमोर्चा#maharashtra#mumbai#महामोर्चा
हरियाणा के नूंह जिले के ऐतिहासिक गांव घासेड़ा (गांधीग्राम) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अभद्रता करने का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है. कारवाय कब होगी ?
माननीय अधिकारियों से अनुरोध है कि इस मामले की जांच की जाए। इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में दो व्यक्ति तालाब में विस्फोटक पदार्थ फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों को गंभीर नुकसान पहुँचने की आशंका है।
कृपया दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
समस्या जब दिल्ली की हो तो पुणे लेवल पर सोचकर काम नहीं चलेगा- (जब मास प्रॉब्लम हो तो मास लेवल पर ही सोचना पड़ेगा.)
मान्यवर साहेब कांशीराम जी
घटना है 1971 की. पुणे शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर खेड शिवपुर इलाके में एक कुंवारी लड़की के साथ बलात्कार घटना घटी और अख़बारों की सुर्खियाँ बन गई. साहेब ने खबर पढ़ी और अपने कुछ साथियों के साथ साइकिल पर उन गाँवों में पहुँचे. लेकिन गाँव में दहशत ही इतनी थी कि किसी ने भी इस घटना पर जुबान खोलना मुनासिब नहीं समझा. साहेब ने मनोहर आटे को साथ लिया और उस पीड़ित महिला की झोंपड़ी में पहुँचे. साहेब झोंपड़ी में इस उम्मीद के साथ दाखिल हुए थे कि क्यूंकि हम नौकरी कर रहे हैं तो उनकी कुछ आर्थिक मदद कर देंगे और कानूनी लड़ाई लड़ने में भी मदद देने का भरोसा देंगे. लेकिन पीड़ित लड़की के पिता ने आगे से प्रतिक्रिया में पूछा, ‘बताओ, तुम हमारे लिए क्या कर सकते हो? और लोगों की तरह तुम भी आओगे और चले जाओगे लेकिन होगा कुछ भी नहीं, क्यूंकि जब तक हमारी माताएं, बहनें, बेटियाँ रोज़ी-रोटी के लिए ज़मींदारों के खेतों में जाती रहेंगी, तब तक अत्याचार होता रहेगा और आबरू लुटती रहेगी. यह मामला एक-आध दिन का नहीं है बल्कि हर रोज़ का है.
उस साधारण से दिखते पिता द्वारा कही बातों ने साहेब को गहन चिंतन में उतार दिया. साहेब ने मनोहर आटे और डी.के.खापर्डे को कहने लगे- आटे! यह मामला बहुत गंभीर है. यह मामला एक-आध गाँव का भी नहीं है. यह मामला तो 5 लाख 76 हज़ार गाँवों का है.
साहेब ने आगे कहा- जब मास प्रॉब्लम हो तो मास लेवल पर ही सोचना पड़ेगा. मतलब यदि समस्या दिल्ली लेवल की हो तो पुणे लेवल की सोच से काम नहीं चलेगा.
साहेब उस समय पुणे लेवल पर एक एस.सी/एस.टी/ओ.बी.सी एंड माइनॉरिटी एम्प्लाइज एसोसिएशन नाम का संगठन चला रहे थे जिसके अध्यक्ष साहेब खुद ही थे. मधु परिहार इसके जनरल सेक्रेटरी, भीम राव दलाल ट्रेज़रर और मनोहर आटे जॉइंट सेक्रेटरी थे. साहेब के द्वारा पुणे छोड़कर दिल्ली आने की एक वजह यह भी रही.
दिसम्बर 1973 को उन्होंने करोल बाग़ के कम्युनिटी हॉल में भविष्य में एक नेशनल संगठन (जिसका नाम बामसेफ था) बनाने का इरादा ज़ाहिर किया. इस मीटिंग में कुल 71 लोग शामिल हुए. दिलचस्प बात यह है कि इस मीटिंग में दिल्ली से शामिल इकलौते दौलत राम बंगड़ ही थे. बाकी के 70 लोग पुणे से ही संबंधित थे. इस मीटिंग को संबोधन करने के लिए एक स्वतंत्र पार्टी से जुड़े हुए पीलू मोदी (पारसी पृष्ठभूमि) और एक राजस्थान के अनुसूचित जाति से संबंधित एक मंत्री भी आये थे. इस मीटिंग के पश्चात् ही 1978 तक भारत के अलग अलग राज्यों में बामसेफ के नाम पर बड़े-छोटे कई कार्यक्रम आयोजित किये गए.
हम अपने ही देश में सम्मान के साथ जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं-मान्यवर साहेब कांशीराम जी @AnandAkash_BSP
Shekhar Patil,a boy from Navi Mumbai,has been on a ventilator for several days.The family is unable to bear the financial burden.The family has requested my help.I have provided as much assistance as possible.The family would be grateful if you could also provide some assistance.