विदेश में मोहन भागवत ने समानता के संदेश दिए. लेकिन सिर्फ एक हफ़्ते में देशभर से ऐसी खबरें सामने आईं जो इस बयान से बिल्कुल विपरीत थीं. भाजपा नेता को मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप में अरेस्ट किया गया, UP में नमाज पढ़ने पर FIR दर्ज.
@nehafolksinger@NCWIndia इतने लोगों को वहां पर मौजूद होते हुए लोगों का जमीर नहीं जग की कम से कम इस नाजायज नपुंसक और हराम की पैदाइश पुलिस वाले को कोई रोक सकता था
यही वजह है कि यह आदमखोर नर पिशाच भेड़िया बनते जा रहे हैं पुलिस वाले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी,
एक रिपोर्टर ने अगर सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की घटना को रिपोर्ट किया तो उसका गुनाह क्या है ?
हक़ीक़त को दिखाना अपराध कैसे हो गया ?
@PoojaMathur01 पर FIR क्यों दर्ज की गई?
@myogioffice@Uppolice@dgpup
अंतरिम ज़मानत पर रिहा हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वीडियो में दावा किया कि एक आदमी का सिर फोड़ने के बाद भी कोई कानून उसे छू नहीं सकता. मीडिया चैनल्स ने उसे कभी एक इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर और एक 'गुंडा कार्यकर्ता' कहा. देखिए
जिस देश में वर्दीधारी गदा लेकर भगवाधारी भीड़ के साथ शोभायात्रा में शामिल होते हों , वर्दी में जमीन पर बैठकर कांवड़ियों के पैरों का मसाज करते हों , अपने दफ्तर में पंडितों और पुरोहितों को बुलाकर धार्मिक अनुष्ठान करते हों , उसी देश में एक मुस्लिम महिला आईपीएस अधिकारी को 'अस्सलाम वालेकुम' और ' इंशा अल्लाह' कहने की सजा दे दी जाती है . उसका तबादला कर दिया जाता है . पश्चिम बंगाल कैडर की IPS अधिकारी बुशरा बानो के साथ ये सरासर नाइंसाफी है .
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आदमखोर हरामखोर दंगाई तड़ीपार हत्यारे बलात्कारी भ्रष्टाचारी गुंडे जाहिल अनपढ़ नेता और मंत्री को इस देश को बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक 61 वर्षीय इब्राहिम शेख को आधी रात घर से उठाकर हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। Scroll की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार का आरोप है कि सादे कपड़ों में पहुंचे 7-8 लोगों ने शेख से भारतीय नागरिक होने के दस्तावेज मांगे और उन्हें बांग्लादेशी बताया।
परिवार का कहना है कि शेख के पास आधार कार्ड, वोटर कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर दस्तावेज भी दिखाए, लेकिन उन्हें शेख से मिलने नहीं दिया गया। बाद में पुलिस ने बताया कि उन्हें हिरासत केंद्र भेज दिया गया है। परिवार का आरोप है कि कई जगह तलाश करने के बावजूद उन्हें शेख के ठिकाने की जानकारी नहीं दी जा रही है।
नौजवान पत्रकार सीमाब अख्तर को एक न्यूज़ चलाने के मामले में पटना पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। 12 घंटे गुजर जाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया है। यह पूरी तरह गैर-कानूनी है। पटना पुलिस को सीमाब अख्तर को फ़ौरन रिहा करना चाहिए।
@ShamsTabrezQ
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डिजिटल युग का एक फायदा यह है कि अच्छे कर्म करने वाले और बुरे कर्म करने वाले दोनों हमेशा के लिए आधुनिक युग में कैद हो जाते हैं और जब समय आएगा तो इसका हिसाब लिया जाएगा
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आदमखोर हरामखोर दंगाई तड़ीपार हत्यारे बलात्कारी भ्रष्टाचारी गुंडे देश विरोधी मानसिकता वाले नेता और मंत्री क्या चाहते हैं यह आम जनता समझ चुकी है