@KESCoHQ no power supply in Baraa 2 near Ram Janki Mandir.
Vidhut colony sub division.
One phase supply has been interrupted since 5:00 pm.
Mobile no.9451160394.
आज़मग��़ में तहसीलदार “शैलेश कुमार” को चढ़ा सिंघम बनने का बुख़ार
काला चश्मा, पुलिस सुरक्षा और रील बनवाते हुए गुमटी की जाँच करने पहुँचे तहसीलदार
पहले गुमटी के पेपर माँगे, मोबाइल पर पेपर दिखाने से पहले जड़ा “झन्नाटेदार तमाचा”
दुकान के CCTV में क़ैद हुआ तहसीलदार शैलेश कुमार के जाँच करने का तरीक़ा
@dmazamgarh @CMOfficeUP @ChiefSecy_UP
नौजवानों का पसंदीदा ग��ल्ड फ्लैक भी इज़रायली प्रोडक्ट है, इसलिए इसका बॉयकॉट भी ज़रूरी है ,
जो भी इसको पिएगा समझो वह फिलिस्तीनी लोगों का खून पिएगा,
#FreePalestine
#Boycot
चाहे कैंसर हो या गठिया, चाहे लिवर फेल हो या किडनी सबका एक मात्र चमत्कारी उपाय 🧵
ज्वारों के रस द्वारा उपचार से 350 से अधिक रोग मिटाने के आश्चर्यजनक परिणाम देखने में आये हैं। जीव-वनस्पति शास्त्र में यह प्रयोग बहुत मूल्यवान है।
योगी जी के साथ बैठकर “खाना खाया„ तो लगा, जैसे 4, 5, घण्टे ही ड्यूटी किया हूँ!
महाकुम्भ में लगे पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों, का कैसे मनोबल बढ़ाया जाता है... कोई योगी जी से सीखे-
🫡🙏
आप का एक रीट्वीट शिकायत - @CMO_Odisha तक पहुँचा सकता है
उड़ीसा वन विभाग की ज़मीन पर क़ब्रिस्तान कैसे बन गया?
कब होगा देश का जंगल अतिक्रमण मुक्त?
@BhaiPreetSingh जी आख़िरी सांस तक लड़ते रहेंगे| आप कब तक चुप रहेंग�� ?
अगर जीवन इतना तकलीफदेह हो जाए कि इंसान बिना हड़बड़ी के ठंडे दिमाग से पूरे इत्मीनान से अपनी बात कहे-लिखे और मर जाए तो सच बात ये हैं कि समाज को भी चेक करना चाहिए कि वो हैं या वो भी मर गया। #AtulSubhash
https://t.co/yPET8ZsPDP
सेवा में,
महामहिम @rashtrapatibhvn
विषय- सुश्री रीता कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, जौनपुर (उत्���र प्रदेश) के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ करने का अनुरोध
अत्यंत सम्मानपूर्वक प्रस्तुत है:
1. आपका ध्यान ��क दुर्भाग्यपूर्ण घटना की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसमें 34 वर्षीय अतुल सुभाष नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक कलह और आगामी मुकदमे के कारण बेंगलुरु (कर्नाटक) में आत्महत्या कर ली है।
2. अपने हस्ताक्षरित सुसाइड नोट में, उक्त अतुल सुभाष ने अन्य बातों के साथ-साथ, सुश्री रीता कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, जौनपुर (आईडी: यूपी 5728) पर रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और उत्पीड��न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
3. अपने सुसाइड नोट में, मृतक ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उक्त न्यायाधीश श्रीमती रीता कौशिक ने मृतक से उसकी पत्नी के साथ उसके मामले का अंतिम निपटारा सुनिश्चित करने के लिए 21.03.2024 को 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी और जब मृतक ने उक्त रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो उसके खिलाफ उसके के�� नंबर 108/2022 में एक प्रतिकूल आदेश पारित किया गया। मृतक ने आगे आरोप लगाया है कि उक्त न्यायाधीश ने उसे आत्महत्या करने के लिए भी उकसाया।
4. एक कार्यरत न्यायाधीश पर भ्रष्टाचार के उपरोक्त आरोप ने न्यायपालिका में भारत के आम लोगों के विश्वास को हिला दिया है और हमारी न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता को काफी हद तक कम करने की संभावना है। साथ ही, यदि पूरी तरह से जांच नहीं की जाती है और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई नहीं की जाती है, तो इससे अन्य लोगों को भी इस तरह के कदाचार में शामिल होने का साहस मिलेगा।
5. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस संबंध में मृतक की पत्नी, सास, साले और चाचा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने आदि के लिए पीएस - मराठाहल्ली पुलिस स्टेशन, बेंगलुरु में बीएनएस की धारा 108 और 3 (5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। भले ही मृतक के सुसाइड नोट में उक्त न्यायाधीश को मुख्य आरोपी के रूप में नामि�� किया गया हो।
6. यह सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया जाता है कि बहुत सारे निर्णयों में, इस माननीय न्यायालय ने सुसाइड नोट को मृत्यु पूर्व कथन के रूप में माना है और सुसाइड नोट के आधार पर दोषसिद्धि को बरकरार रखा है।
7. उपरोक्त के मद्देनजर, यह सादर प्रार्थना की जाती है कि न्यायपालिका में आम जनता का विश्वास बहाल करने तथा न्याय के हित में, कृपया उपरोक्त सुश्री रीता कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्य���यालय, जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के विरुद्ध अनुकरणीय कार्रवाई की जाए, जिसमें अनुशासनात्मक जांच, निलंबन, निष्कासन तथा अभियोजन की कार्रवाई शामिल है, परंतु यह इन्हीं तक सीमित नहीं है।
सभी लोग इस तरह इसको ट्वीट करें ई मेल करें।