‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ की घपलेबाज़ी की बात भी सामने आ गई। दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी।
आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नियुक्तियों के नाम पर बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।यक़ीनन धर्मेंद्र प्रधान और RSS मिलकर जेएनयू का संघीकरण कर रहे थे।
फरवरी 2022 में जब संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने जेएनयू की कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया, तो उन्होंने नियुक्तियों में शैक्षणिक योग्यता पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया था। चार साल बाद न्यूज आउटलेट द रिपोर्टर्स कलेक्टिव @reporters_co की जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिली है।
कुलपति पंडित के कार्यकाल में जेएनयू ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नियमों का उल्लंघन करते हुए कम से कम पांच एसोसिएट प्रोफेसर और दो प्रोफेसर नियुक्त किए हैं। यक़ीनन यह सब संघी होंगे। बात यही नहीं रुकी एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने जब दस्तावेज मांगे तो उन्हें दस्तावेज नहीं दिए गए।
ख़ौफ़नाक यह है कि जेएनयू में कुलपति पंडित के अधीन अयोग्य प्रोफेसर नियुक्त किए गए, शॉर्टलिस्ट में हेरफेर हुआ, आईक्यूएसी की शक्ति बढ़ाई गई, निर्वाचित सदस्यों की असहमति नजरअंदाज की गई और योग्य शिक्षकों की पदोन्नति रोकी गई।
बधाई आलोक राजपूत, मित्र नितिन सेठी @nit_set और पूरी टीम को इस खबर के लिए
“गुंडे भेजने के बाद एक 15 साल की लड़की को सबके सामने माफ़ी मांगने के लिए मजबूर करना और फिर उस माफ़ी को स्वीकार करना पूरी तरह बकवास है”
@RahulGandhi 🔥🔥🔥🔥
मुझे हमेशा से पता था कि यह एक निहायत अयोग्य, बड़बोला, पथभ्रष्ट सम्पादक है। बाद में पता लगा हरिबंश जैसे संपादक हैं वैसा ही उपसभापति।
मेनका गुरुस्वामी को पहली बार सुन रहा हूं। टीएमसी के चयन पर खुशी हो रही है। क्या शानदार और टू द प्वाइंट स्पीच दी है। दलित आदिवासी स्त्री विरोधी सरकार में यह द्विज किस्म के एलिट उपसभापति कह रहे हैं कि कुछ भी रिकार्ड में नहीं जायेगा।
न जाए रिकॉर्ड में लेकिन पूरी सरकार को नंगा कर दिया। कर दिया तो कर दिया।
जिस पुलिसवाले ने महिला आंदोलनकारी के साथ मॉलेस्टेशन किया, वो अभी भी ड्यूटी पर है? पत्रकारों के सवाल का जवाब देने के जगह "DGP सर फैसला करेंगे..."
जब तक DGP सर फैसला लेंगे तब तक वो फील्ड में कैसे कार्यरत है? दिल्ली पुलिस को अपने इकबाल की चिंता करनी चाहिए!
“अब हर अफसर कहता है, मैंने भी RSS की चड्डी पहनी है" - कैलाश विजयवर्गीय
RSS से जुड़ने में अफ़सरों को अफ़सरशाही का खुला लाइसेंस मिल जाएगा! फिर ये अफ़सर देश संविधान के अनुरूप नहीं RSS के इशारे से चलायेंगे, यही संघ का सपना है।
RSS भारत के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सबसे बड़ा खतरा है।
चंपत राय ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया? राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती का मामला है, चंपत राय को कौन बचा रहा है ? एक मिनट, कहीं ऐसा तो नहीं कि चंपत राय किसी को बचा रहे हैं । ED, NIA, CBI का जैकेट पहन कर किसी विपक्षी नेता के घर के बाहर दिखने वाली टीम कहाँ है? ED का छापा क्यों नहीं पड़ा? डकैती की पुष्टि होते ही FIR क्यों नहीं हुई? कैश बरामद करन वाले कौन थे? अयोध्या में कितनी ज़मीन की ख़रीद बिक्री कैश में हुई है? सबका हिसाब कौन देगा?
CBSE अध्यक्ष - ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव - ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति - गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान - सुरक्षित।
अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं - यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो - ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।
अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती - धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है।
सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।
हम परीक्षा के लिए सुबह 4:30 बजे से निकले हैं, बहुत प्रेशर है, लेकिन इन लोगों को कोई मतलब नहीं है।'
- SSC GD की परीक्षा कैंसिल होने की खबर सुनते ही एक छात्रा फूट-फूटकर रोने लगी।
छात्रों का कहना है कि पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द हुई है। एग्जाम सेंटर पर पहुंचने के बाद कहा गया- घर लौट जाओ, परीक्षा नहीं होगी।
BJP सरकार एक परीक्षा ठीक से नहीं करवा सकती। पहले NEET में छात्रों का भविष्य तबाह किया गया और अब SSC GD में धांधली की खबरें आ रही हैं।
छात्र दिन-रात पढ़ाई करते हैं, मां-बाप पेट काटकर उनकी फीस भरते हैं, परीक्षा में आने-जाने का खर्च मैनेज करते हैं और आखिर में पेपर लीक हो जाता है।
ये पाप है- जिसकी कोई माफी नहीं है
पेपर लीक की साझेदार - मोदी सरकार
गौ माता की उम्र 14 साल हो जाय तो उसको काटने में BJP को कोई आपत्ति नहीं।
घृणा आती है BJP की घटिया राजनीति से।
गाय को माँ कहने वाले भाजपाई किस बिल में छिपे हैं?
क्या माँ बूढ़ी हो जाने पर तुम्हारी जिम्मेदारी ख़त्म?
भाजपाइयों तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई गाय काटने की इजाज़त देने की?
156 पैरा में लिखा है कि आधार नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है। 198 पैरा में लिखा है कि राशन कार्ड भी नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है।
यानी- बाकी दस्तावेज भी नागरिकता का प्रमाण नहीं होंगे, जिसकी लिस्ट चुनाव आयोग ने भी दी थी। जैसे: जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता के जन्म का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, 10th मार्कशीट
ऐसे में मैं मानता हूं- अगर आधार और राशन कार्ड नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं हो सकता तो ये दस्तावेज भी नहीं होंगे। मगर चुनाव आयोग ने SIR की पूरी प्रक्रिया इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर की है।
यानी- निष्कासन पहले, निर्णय बाद में...
पश्चिम बंगाल में आंतरिक आदेशों द्वारा सुप्रीम कोर्ट ने एक सिस्टम बनाया है कि जो लोग निष्कासित हुए हैं, उन्हें एक अपील का मौका मिलना चाहिए।
रोचक बात ये है कि 6 हजार अपीलों में 4 हजार अपील allow हो गई हैं। कहते हैं कि 80% अपील allow हो रही हैं कि इन्हें नहीं हटाया जा सकता था, मगर चुनाव तो ख़त्म हो गया।
तो क्या ये चुनावों पर प्रश्न चिन्ह नहीं है। इस बात पर भी सुप्रीम कोर्ट को टिप्पणी करनी चाहिए थी।
: AICC-Law, Human Rights and RTI Department के चेयरमैन @DrAMSinghvi जी
📍 दिल्ली
चित्रा त्रिपाठी कह रही हैं कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम 7-8 रुपए बढ़ने से कोई बड़ा फ़र्क नहीं पड़ा !
ऐसी जन-विरोधी ऊल-जलूल बातें करने के कारण ही पब्लिक के बीच जाते ही ‘गोदी मीडिया हाय-हाय’ के नारे सुनने पड़ते हैं !!!