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"An Open Letter to All My Countrymen"
मोदी सरकार में पूर्व मंत्री व पूर्व IAS अधिकारी आर.के. सिंह का देश के नाम 5 पन्नों का विस्फोटक खुला खत सामने आया है।
खत में उन्होंने कहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान "रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट 1950" और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
वोटर लिस्ट से नाम पहले काटे जा रहे हैं और फि�� लोगों को नए वोटर के रूप में फॉर्म-6 भरने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि नियम के मुताबिक आपत्ति साबित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है, न कि वोटर की।
यही नहीं, ECI के भीतर से भी अफसरों की चिट्ठियां सामने आ रही हैं।
महाराष्ट्र के CEO चौका लिंगम ने 24 सितंबर को ECI अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर सवाल उठाया था कि ECI Net सॉफ्टवेयर में ERO के पास से जायज वोटर को शामिल करने के अधिकार छीन लिए गए हैं।
गोवा के CEO द्वारा भी ऐसी ही अंदरूनी आपत्तियां उठाई गई हैं।
अब इसके पीछे का असली और खतरनाक खेल देखिए...
ज्ञानेश कुमार का चुनाव आयोग गरीबों, झुग्गीवालों और विपक्ष के वोटर्स के नाम धड़ल्ले से साफ कर रहा है। बंगाल ��े लेकर दिल्ली तक सवा-सवा करोड़ वोट काटने के पीछे सिर्फ़ एक ही मकसद है... विपक्ष का वोटबैंक खत्म करना!
कमाल देखिए कि ताक़तवरऔर VIP लोगों के लिए VIP MARK देकर उनके वोट सुरक्षित कर दिए गए, लेकिन गरीबों के संवैधानिक अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है।
जब राहुल गांधी इस खुली वोट चोरी का विरोध करते हैं, तब बीजेपी के मंत्री आयोग की ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं और सच बोलने वालों पर ही सवाल उठाते हैं।
📍 आली गांव, दिल्ली
“मैं कहां जाऊंगी अपने बच्चों को लेकर?”
“मेरा आदमी नहीं है, मैंने अपने सोने की चीज़ें बेच-बेच कर घर बनाया। 10,000 किराया रह���ा है। मैं किराया भरूं या कमाऊं या बच्चों को देखूं?
मेरी सरकार से यही विनती है कि ��ेरे इस आशियाने को मत तोड़ो। किसी के आशियाने को मत तोड़ो।”
आली गांव में करीब 1,800 मकान-दुकानों को खाली कराने का नोटिस दिया गया है।
मामला उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ जमीन से कथित कब्जा हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है। स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।
@MuslimVoiceCell क्या अब ये माना जाए कि @ghaziabadpolice ही इस गुंडे और पिंकी को खुलेआम गुंडागर्दी करने की छूट दे रही है जो ये ���ए दिन गरीब मजदूर मुस्लिम को देखते ही पागल कुत्ते की तरह भौंकने लगते है,
@Uppolice @dgpup थोड़ी तो इंसानियत रखे आपकी गाजियाबाद पुलिस को बोलो? थोड़ा तो डरो भगवान से?🙏
हिमांशु तेवतिया को सुनिए।
तेलंगाना में पीर खान ने आग में घुसकर 12 नवजात बच्चों की जान बचाई, लेकिन अपनी बच्ची को नहीं बचा पाया।
“इसे बोलते हैं इंसानियत। 12 माताओं की कोख सूनी होने से बचा ली इसने।”
📍 गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
2022 की शादी से शुरू हुई कहानी 2026 में हाईकोर्ट के फैसले तक पहुंची।
सोनिका चौहान और अकबर खान एक-दूसरे को करीब 9 साल से जानते थे। दोनों ने 29 अगस्त 2022 को स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। परिवार की नाराजगी के चलते दोनों अलग-अलग रह रहे थे।
मई 2025 में सोनिका अकबर के साथ चली गईं। पिता की शिकायत पर अकबर को गिरफ्तार कर सोनिका को परिवार के पास भेज दिया गया। इसी दौरान अकबर की दुकानों में करीब 60 लोगों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई और मामले में FIR भी दर्ज हुई।
जुलाई 2025 में सोनिका दोबारा अकबर के पास पहुंचीं। अकबर फि��� गिरफ्तार ��ुए। सोनिका ने वीडियो जारी कर दावा किया कि परिवार की ओर से उन पर दबाव और धमकियां दी गईं और उन्होंने अपनी मर्जी से अकबर के साथ जाने की बात कही।
बाद में अकबर पर UP गुंडा एक्ट लगाया गया और उन्हें छह महीने के लिए जिला छोड़ने का आदेश दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
22 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनिका को पिता की अभिरक्षा से मुक्त कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि सो���िका बालिग हैं और उन्हें अपना जीवनसाथी चुनने तथा अपनी पसंद की जगह रहने का मौलिक अधिकार है। अदालत ने पुलिस को सुरक्षा देने और परिवार को उनके वैवाहिक जीवन में दखल न देने का निर्देश दिया।
परिवार के आरोप अपनी जगह, लेकिन अदालत के सामने सोनिका ने साफ कहा वह अकबर के साथ अपनी मर्जी से रहना चाहती हैं।
"मोदी सरकार को मालूम था कि एक दिन चुनाव आयोग के भीतर का खेल बाहर आएगा और जनता चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने की मांग करेगी। इसीलिए दिसंबर 2023 में मोदी सरकार ने कानून बनाया कि चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया ���ा सकता। यह कानून तब बना जब दोनों सदनों के 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। सदन में कोई विपक्ष ही नहीं था। अब समझ में आ रहा है कि वह कानून किसलिए बनाया गया था।"
वडोदरा में भगवा आतंकियों का आतंक इतना बढ़ गया है की वह अब अपनी मन मर्जी से चंदा माँग रहे हैं।
ये वीडियो वडोदरा के एक दुकान की है जिसमे हिंदू संगठन के लोग घुसते हैं।
और गणेश चतुर्थी के लिए 25000₹ चंदा की माँग करते हैं।
दुकानदार जब ���तनी बड़ी रकम देने से मना करता है तो भगवाधारी गुंडे दुकानदार और उसकी बीबी समे�� उसके बेटे को पीटते हैं।
और दुकान पर तोड़ फोड़ करते हैं, ये भगवा आतंकी धर्म को ढाल की तरह इस्तेमाल कर अवैध वसूली कर रहे हैं।
उमर खालिद को सबसे पहले एंटी-नेशनल कहने वाले लोग मिडिया के दलाल थे
और उमर खालिद इसलिए जेल मे है क्युकी यूथ उनको फ्यूचर लीडर के रूप मे देखता है
#UmarSixYearsWithoutTrial