Ye vkti mere number pe call krke sbi card se bat kr raha hu aur paise tera baap dega jabki maine koi loan liya hi nhi ,aur misbehave kar raha hai kya gunde pal kr rakhe ho kya
Ki jo man me aaye kisi bhi vkti ko kuch bhi bol do
@SBICard_Connect
TRE 1 और 2 में आरक्षण के नियमों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन हुआ था:-
१) कक्षा 1 से 8 में 50% आरक्षण को क्षैतिज के बदले वर्टिकल लागू कर दिया गया। इससे महिलाओं का रिजल्ट 70% हुआ जबकि पुरुष अभ्यर्थियों का रिजल्ट मात्र 30 परसेंट हो सका। कभी भी महिला आरक्षण वर्टिकल लागू नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसका सरासर उल्लंघन किया गया।
२) आरक्षण का लाभ केवल बिहार की महिलाओं को देना था लेकिन अन्य राज्य की महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ देते हुए 90 से कम अंक CTET में रहने के बावजूद उनका चयन हुआ। 50% महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर भी अन्य राज्य की महिलाओं का चयन हुआ जो की सामान्य प्रशासन के नियम के विरुद्ध है।
३) कक्षा 1 से 8 में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया किस आधार पर किया यह आज तक स्पष्ट नहीं है। इस समय के लगभग हुई प्रधान शिक्षकों की परीक्षा में कक्षा 1 से 5 में मात्र 35% आरक्षण दिया गया। फिर विद्यालय अध्यापक में 50 परसेंट आरक्षण किस आधार पर दिया गया?
केवल इन बिंदुओं पर अगर शिक्षक अभ्यर्थी धरने पर बैठ जाएं तो एक लाख पद खाली हो जाएंगे। फिर बहाली के लिए 32000 के बदले 1 लाख से अधिक पदों पर परीक्षा होगी।
लेकिन अफसोस की बात है कि कोई छात्र नेता इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा!
#WATCH | Patna, Bihar: Khajekalan SHO Vidyanand Varma suffered injury on his head after being allegedly attacked by people while he, along with the Police force, was trying to stop a Chehlum procession which was moving reportedly without permission. Police later used mild force to bring the situation under control.
He says, "A scuffle had broken out between two groups, I suffered injuries while trying t resolve it."
जब विधानसभा में विधायक सोनू सिंह ने की थी EO विमल कुमार के खिलाफ शिकायत
विधायक सोनू ने डेहरी-डालमियानगर परिषद के EO विमल कुमार पर उठाए थे सवाल
सोनू सिंह ने सदन में कहा था ‘EO घोर लापरवाह हैं’
सोनू सिंह ने कहा था उनको बार-बार कहने पर भी काम नहीं हो रहा
50 लाख के भवन में उन्होंने 3 करोड़ का ऑफिस बनाया,लेकिन नगर भवन नहीं बनाया
EO विमल कुमार की पत्नी बोली- डेहरी विधायक ने करवाई हत्या, फोन कर मांगता था 50 लाख रूपये
एक छुट्टी के लिए क्या कोई ड्राइवर अपने मालिक की हत्या कर सकता है? वह भी तब, जब वह कई वर्षों से उनके साथ काम कर रहा हो? यह बात आसानी से पच नहीं रही....!!
डेहरी के विधायक सोनू सिंह पर EO की पत्नी ने हत्या कराने का आरोप लगाया और 50 लाख रुपये की मांग किए जाने का दावा किया। इसके कुछ ही समय बाद IG विकास वैभव सामने आए और बताया कि ड्राइवर ने हत्या की बात कबूल कर ली है तथा पुलिस का दावा है कि वारदात उसी ने अंजाम दी....!!
हालांकि, EO की पत्नी पुलिस की इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर रही हैं...उनका कहना है कि ड्राइवर मिथिलेश ऐसा नहीं कर सकता...उनके मुताबिक, इस हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश है....!!
वह लगातार विधायक सोनू सिंह का नाम ले रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि उनके पति के पीछे पूरा एक सिंडिकेट लगा हुआ था....!!
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मामला वास्तव में इतना सीधा है, जितना अभी बताया जा रहा है, या फिर जांच में अभी कई परतें खुलनी बाकी हैं?
@appuaman ये कभी समाप्त नहीं होगा, यही अंतिम सत्य है, हो सकता है कि मैं नकारात्मक हूं, लेकिन अगर आप आम लोगों से पूछो उनको हर बार ऐसी स्थिति का सामना हर रोज करना पड़ता है
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बिमल कुमार की हत्या के विरोध में बिहार के नगर प्रशासनिक महकमे में आक्रोश देखने को मिल रहा है.. बिहार नगर सेवा संघ के आह्वान पर आज से राज्यभर के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.. अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक वे प्रशासनिक और विकास कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगे...
#SamratChoudhary #EOVimalKumarCase #Rohtas #BiharPolice #Sasaram #BiharNews #BiharCrime #Bihar #LiveCities #BiharLawAndOrder
@mkrtiwari_bjp@BiharEducation_
सर एक बात बताईये कुछ जिले ऐसे हैं जहां अन्य राज्य के शिक्षकों को दे दिया गया है कि एक भी सीट खाली नहीं है कि कोई म्युचुअल ट्रांसफर के लिए आवेदन कर ही नहीं पा रहा है महिला शिक्षक का क्या ? जो अपने जिले में या अपने गृह पंचायत में नहीं जा सकती ,
@Team_BRVAS मेरे विद्यालय में एक ही संस्कृत के शिक्षक हैं उनको भी दे दिया सरप्लस मुझे जबकी उसी विद्यालय में एक महिला अध्यापिका जो 500 किमी दूर से है उनको वही रखा गया
सेवा में,
माननीय , मुख्य सचिव,
शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, पटना।
विषय: समायोजन (Surplus Adjustment) प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन एवं शिक्षक हित में आवश्यक सुधार किए जाने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि वर्तमान में चल रही समायोजन (Surplus Adjustment) प्रक्रिया के संबंध में प्रदेश के शिक्षकों के बीच अनेक व्यावहारिक समस्याएँ एवं असंतोष उत्पन्न हो रहे हैं। शिक्षा विभाग से विनम्र अनुरोध है कि निम्नलिखित बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक संशोधन करने की कृपा करें—
1. विद्यालय स्तर पर स्वैच्छिक चयन का अवसर दिया जाए।
जिन विद्यालयों में PTR के अनुसार शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहाँ विभाग द्वारा सीधे किसी शिक्षक को सरप्लस घोषित करने के बजाय संबंधित विद्यालय के शिक्षकों को स्वयं यह अवसर दिया जाए कि जो शिक्षक स्वेच्छा से समायोजन कराना चाहते हैं, वे आवेदन करें। इससे अनावश्यक विवाद समाप्त होंगे तथा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं न्यायसंगत होगी।
2. हाल ही में स्थानांतरित शिक्षकों को सरप्लस घोषित न किया जाए।
जो शिक्षक हाल ही में स्थानांतरण लेकर अपने गृह जिला अथवा अन्य प्रखंड में आए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सरप्लस घोषित किया जा रहा है। यह उनके साथ न्यायसंगत नहीं है। इस नियम में आवश्यक शिथिलता प्रदान की जाए।
3. म्यूचुअल ट्रांसफर से संबंधित तकनीकी समस्या का समाधान किया जाए।
कई शिक्षकों को संदेश प्राप्त हो रहा है कि पिछले एक वर्ष में स्थानांतरण होने के कारण वे म्यूचुअल ट्रांसफर के पात्र नहीं हैं, जबकि SOP की कंडिका-4 में सभी पात्र शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर का अवसर देने का स्पष्ट प्रावधान है। अतः इस तकनीकी त्रुटि का शीघ्र समाधान किया जाए।
4. मॉडल विद्यालय के शिक्षकों के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।
मॉडल विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के समायोजन एवं स्थानांतरण के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ, ताकि उनके हित सुरक्षित रह सकें।
5. सरप्लस शिक्षकों के लिए पुनः स्वैच्छिक विकल्प का अवसर दिया जाए।
विभाग विद्यालयवार सरप्लस सूची जारी कर शिक्षकों को पुनः स्वेच्छा से समायोजन हेतु आवेदन करने का अवसर प्रदान करे। इच्छुक शिक्षक स्वयं आवेदन करेंगे, जिससे अनावश्यक असंतोष एवं विवाद समाप्त होंगे।
6. पति-पत्नी वरीयता का प्रावधान समायोजन में भी लागू किया जाए।
स्थानांतरण नीति संकल्प संख्या 656/2026, दिनांक 25.06.2026 के अनुलग्नक-1 के बिंदु 14(क) एवं 14(ख) में पति-पत्नी को वरीयता अंक प्रदान करने का प्रावधान है। किंतु समायोजन प्रक्रिया में ऐसा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया है। अतः नीति की भावना के अनुरूप समायोजन में भी पति-पत्नी वरीयता का प्रावधान लागू किया जाए।
7. दिव्यांग शिक्षकों को सरप्लस सूची से बाहर रखा जाए।
दिव्यांग शिक्षक विशेष परिस्थितियों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अतः मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें सरप्लस सूची से बाहर रखा जाए अथवा समायोजन से यथासंभव छूट प्रदान की जाए।
8. विषयवार आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समायोजन किया जाए।
कई विद्यालयों में केवल एकमात्र उर्दू शिक्षक को ही सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इससे संबंधित विषय की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होगी। इसलिए समायोजन करते समय केवल PTR ही नहीं, बल्कि विषयवार आवश्यकता का भी ध्यान रखा जाए।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि शिक्षक हित, विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित तथा स्थानांतरण नीति की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए उपर्युक्त सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक संशोधन करने की कृपा करें, ताकि समायोजन प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायपूर्ण, मानवीय एवं व्यावहारिक बन सके।
सधन्यवाद।
भवदीय,
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ (BRVAS)
@BiharEducation_@Mkrtiwari_bjp