लड़का अनुसूचित जाति का है और अपनी कावड़ में जय भीम का झंडा लगाकर 61 लीटर पानी कंधे पर रखकर हरकी पैड़ी से बागपत तक परिवार की सूख समृद्धि के लिए संघर्ष करते हुए पहुंचेगा।
लड़के की उम्र अभी 16 साल की है, इसलिए अभी ये रील की दुनिया में खोया हुआ है इसने जय भीम के अर्थ को नहीं समझा है और ना ही बाबा साहेब के विचारों से प्रभावित हुआ हैं, जिस दिन प्रभावित होगा उस दिन शिक्षा को प्राथमिकता देगा।
बाकी इस युवा की इच्छा पूरी हो और अगले साल इस ब्लॉगर की भोले बाबा इच्छा पूरी करें ताकि ये भी ऐसे कावड़ उठाकर अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करेगा क्योंकि इस साल इस पर कृपा नहीं हुई है इसलिए इस कावड़ नहीं उठाई है।
योगीजी ने बोला था ना....
अपराध किया तो अगले चौराहे पे यमराज़ मिलेंगे
नहीं माना... बबलू... और मुज़फ्फरनगर में
महिला के कान से कुंडल खींचकर भागने लगा..
और मिल गए यमराज़... निपट गए दोनों पैर 🔥
WellDone @muzafarnagarpol ✊
🚨 Nepal’s south-eastern Tarai region has witnessed serious communal violence.
The clashes began on 26 July in Kaptanganj, Sunsari, during preparations for the Bol Bam Yatra, where a dispute over DJ music, amid already existing tensions over a religious flag, escalated into violence.
Police later opened fire to disperse the crowd. Om Prakash Mehta and Jay Prakash Mehta died in the firing, while 15-year-old Ganesh Yadav was killed as the unrest spread to Siraha.
📊 Nepal is 81% Hindu and 5% Muslim, but the violence began in Sunsari, where Muslims constitute about 12.3% of the population.
Authorities imposed curfews, deployed security forces and launched an investigation.
अहमद नाम का जेहादी सनातनी लड़की को मेसेज भेज भेज कर रोज परेशान कर रहा था.।
जागृत लड़की ने #जिहादी को मिलने बुलाया साथ में बजरंग दल के कार्य कर्ताओं को भी बुला लिया.
सुखद #परिणाम सामने है. हिन्दू महिलाएं जाग रही हैं। 🥰
कल विजय जुलूस में जुनैद मियाँ नहीं दिखे क्योंकि उनका पूरा ख़ानदान थाने के चक्कर काट रहा है, अब्बा से लेकर बहन के ससुराल वाले तक
और कॉकरोच सब खा-पीकर निकल लिये, केजरीवाल के असली शिष्य साबित हुए 😎
और तो और, जो लोग जुनैद को “लंगर पॉइंट” बनाकर जंतर मंतर में भंडारा चला रहे थे, उनको भी अब जुनैद की याद अगले आंदोलन में आएगी 😉
पर जुनैद मियाँ को सब क़बूल है, उन्हें भला कॉक्रोचों या धर्मेंद्र प्रधान से क्या लेना देना, वो तो अलग ही एजेंडे पर डटे है, मुद्दा कोई भी हो ~ शाहीन बाग, किसान आंदोलन या जंतर मंतर 🤨
दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) के सामने हुई यह घटना पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।
वायरल वीडियो में एक कैमरामैन पर हमला होता दिखाई दे रहा है, जिसमें उसका सिर फूट गया। एक महिला के साथ भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब भीड़ के बीच और पुलिस की मौजूदगी में हुआ।
@DelhiPolice@DCPNewDelhi
यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह किसी भी संगठन, विचारधारा या समूह से जुड़ा हो
कानून अपने हाथ में लेकर हिंसा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होना लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए आवश्यक है।
किसी भी आंदोलन, सभा या विरोध के दौरान पत्रकारों, महिलाओं और आम नागरिकों पर हमला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के नाम सामने लाए जा रहे हैं।
यदि जांच में उनकी भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि अन्य लोग भी इस हिंसा में शामिल थे,
तो उनकी पहचान सीसीटीवी, वायरल वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कर सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
दिल्ली पुलिस से मांग है कि:
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
सभी वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए जाएं।
घायल कैमरामैन और महिला का बयान दर्ज किया जाए।
हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
किसी भी दोषी को राजनीतिक, सामाजिक या वैचारिक संरक्षण न दिया जाए।
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा का अधिकार किसी को नहीं है। कानून सबके लिए समान होना चाहिए।
@CJP_for_India@Cockroachisback
#DelhiPolice #ConnaughtPlace #CPDelhi #JournalistSafety #WomenSafety #RuleOfLaw #JusticeForVictims #StopViolence