यूपी में योगी सरकार द्वारा संत रविदास नगर का नाम पुनः बहाल करना, कन्नौज मेडिकल कॉलेज को फिर से बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से जोड़ना तथा केंद्र सरकार द्वारा जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत गुरु रविदास जी और अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखना.. निस्संदेह ये सभी स्वागतयोग्य निर्णय हैं।
दलित विरोधी अखिलेश यादव शायद हमारे पूज्य संत रविदास जी के नाम से ही नफ़रत करते थे। उन्होंने उनके नाम पर रखे जिले का नाम बदलकर फिर से भदोही कर दिया। बहन जी के कार्यों को मिटाने की कोशिश की गई थी। इसलिए आज जब योगी सरकार ने वही नाम पुनः बहाल कर सराहनीय कार्य किया, तो बहन जी ने भी इसकी सार्वजनिक रूप से सराहना की।
योगी जी ने बहुजन महापुरुषों के सम्मान में जो स्पष्ट पक्ष लिया है, उसके लिए हम सभी आभारी हैं। सरकार से विनम्र निवेदन है कि रमाबाई नगर, कांशीराम नगर, महामाया नगर, भीमनगर, प्रबुद्ध नगर, पंचशील नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर और ज्योतिबा फुले नगर के नाम भी पुनः बहाल किए जाएं। यही हमारे महापुरुषों के प्रति सच्चा सम्मान होगा।
इन नामों में केवल पहचान नहीं, बल्कि भारत के महान समाज सुधारकों, संतों और सामाजिक न्याय के प्रतीकों का सम्मान निहित है। आशा है कि सरकार इस विषय पर भी सकारात्मक निर्णय लेकर सामाजिक समरसता और सम्मान का संदेश देगी। #DalitVirodhiSP
आप लोगों के सहयोग व आशीर्वाद से मेरी बिटिया अंजली गौरव का नामांकन IIT KANPUR में हुआ अंजली गौरव की मेहनत परिश्रम लगन की जितनी प्रशंसा की जाए कम है अपने पहले ही प्रयास में JEE ADVANCE परीक्षा पास किया है बिटिया की उज्वल भविष्य की कामना करता हूँ आप सभी को जय भीम नमो बुद्धाय।🙏🎉
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
2.वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।
3.इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुडा़ मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।
4.संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।
5.साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।
दिल्ली पुलिस ने कल जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठियां चलाई थीं, छात्राओं के साथ बदतमीजी और बदसलूकी की थी।
आज वह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं अन्य नेताओं के साथ बदसलूकी कर रही है। यह तानाशाही नहीं तो और क्या है?
मोदी और अमित शाह की कायरता पूरी दुनिया देख रही है।
“जय भीम और इंक़लाब जिंदाबाद के नारों से गूंज उठी पूरी दिल्ली”🔥
भाजपा सरकार अब कभी भविष्य में इन छात्रों की आवाज़ को हल्के में नहीं लेगी
अगर इन छात्रों की मांगों को अगर सरकार ने नहीं स्वीकार किया तो ये युवा वर्ग सत्ता से बेदखल भी कर देगा आने वाले चुनाव में और फिर सत्ता के लिए तरस भी जाएगी।
बागेश्वर धाम की गुंडागर्दी! 🚨
धीरेंद्र शास्त्री का भाई शालिग्राम किसानों को उनकी जमीन बेचने के लिए धमका रहा था। मोतीलाल कुशवाहा नामक एक हिंदू किसान ने मना किया तो उसने उन्हें गोली मार दी।
इससे पहले भी वह एक दलित परिवार पर पिस्टल तान चुका है। लेकिन विडंबना देखिए, लोग इन्हें "बाबा" समझते हैं।
वह व्यक्ति जाति से ब्राह्मण है, ऊपर से कथावाचक (बाबा) बना हुआ है और सत्ता पक्ष का प्रिय है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बागेश्वर धाम के कार्यक्रमों में शिरकत कर चुके हैं। प्रशासन के अधिकारी तो स्वयं ही उसके भक्त बने घूमते हैं; क्या पता न्यायाधीशों के परिवार भी बागेश्वर धाम की महिमा के भजन गाते हों। आखिर तभी तो जो गुंडा शालिग्राम पहले ही आर्म्स एक्ट, BNS एवं SC-ST एक्ट की गंभीर धाराओं में मुख्य आरोपी है, वह तमाम वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद जमानत पर बाहर खुलेआम घूम रहा है। आज उसने फिर से OBC समुदाय के एक किसान पर गोली चलाई है।
मजे की बात देखिए कि बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री देश को 'हिंदू राष्ट्र' बनाने निकले हैं, और इधर उनका छोटा भाई बागेश्वर धाम के संरक्षण में हिंदुओं पर ही गुंडागर्दी कर रहा है, धमका रहा है तथा उन पर गोलियां चला रहा है। यही इनके हिंदू राष्ट्र की असलियत है। अगर ऐसा नहीं है, तो फिर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने गुंडे भाई को संरक्षण क्यों दे रहे हैं?
आमरण अनशन के बावजूद भीड़ नही जुट रही है. कॉकरोच जनता पार्टी को जन समर्थन नही मिल रहा है.
अभिजीत दीपके चाहता है ASP नेता चंद्रशेखर आजाद उनके आंदोलन में आकर जान फूंक दें.
मित्रों, आमरण अनशन लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. आमरण अनशन एक तरह की ब्लैकमेलिंग पद्धति है, इस ब्लैकमेलिंग पद्धति से ही 1932 में SC-ST से कम्युनल अवार्ड छीन लिया गया.
मान्यवर कांशीराम ने हमें लोकतांत्रिक व्यवस्था में ब्लैकमेलिंग करना नही सिखाया है. उन्हें साईकल चलाकर ही बहुजन समाज को संगठित किया,
BAMCEF, DS-4 और BSP के माध्यम से राजनीतिक आंदोलन चलाया. रैलियां, यात्राएं और धरना प्रदर्शन कर BSP को देश की राष्ट्रीय बना दिया. यह सब बिना आमरण अनशन के हासिल किया.
बहुजन समाज को कॉकरोच जनता पार्टी से 100 किलोमीटर दूर रहना चाहिए.
SSP अविनाश पांडेय को बर्खास्त करो।
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड में पुलिस ने दलितों के साथ जिस तरह का अपमानजनक एवं तानाशाही से भरा हुआ रवैया अपनाया है, इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाऐगा।
CM योगी से हमारी मांग है कि SSP अविनाश पांडेय को तत्काल बर्खास्त किया जाए। @myogiadityanath