आज दिनांक 09/03/2025 को दिन दहाड़े कानून को चुनौती देते हुए
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता का उसके कमरे से अपहरण करने का प्रयास किया गया सफल न होने पर जान से मारने की धमकी देते हुए हमलावर भाग निकले।
@CMOfficeUP@Uppolice@prayagraj_pol@dgpup
कृपया कार्यवाही करें।
SCST Special Component Plan से बने UP में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन आरक्षण खत्म कर दिया BJP सरकार, high court ने।
Please take action urgently otherwise #SCST students would left to get admission in this colleges.
@UPGovt@asim_arun@Mayawati@ramjigautambsp@AnandAkash_BSP
'NTA को बैन करो'
इस मांग के साथ आज NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में युवा साथियों ने NTA के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
पहले NEET पेपर लीक और अब UGC-NET 2026 में गड़बड़ियों के चलते एग्जाम्स को रद्द करना दिखाता है कि NTA पूरी तरह से नाकाम है।
NTA देश के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है और मोदी सिर्फ तमाशा देख रहे हैं। हमारी मांग है कि इस संस्था को बैन किया जाए।
📍 दिल्ली
मोदी सरकार और उसके नाकाम NTA ने छात्रों का भविष्य तबाह करने की कसम खा रखी है।
NTA ने जून में हुई UGC NET 2026 की English, Commerce और Sociology की परीक्षाओं को कैंसिल कर दिया है।
⦿ कारण- English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में ढेरों गलतियां मिली हैं। साथ ही बड़ी संख्या में वो सवाल भी थे, जो पिछली परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं
⦿ नतीजा- अब NTA इन विषयों की परीक्षा सितंबर में फिर से करवाएगा
NTA की गलती और लापरवाही ने फिर एक बार हजारों छात्रों की मेहनत और समय पर पानी फेर दिया है।
बच्चों ने कड़ी मेहनत की, परीक्षा के फॉर्म भरे, दूर-दराज के सेंटरों तक गए... लेकिन उन्हें क्या मिला- परीक्षा रद्द होने की खबर और अगली तारीख।
नरेंद्र मोदी जवाब दें कि आखिर कब तक छात्रों को उनकी सरकार और NTA के निकम्मेपन का खामियाजा भुगतना होगा।
मोदी सरकार का ये 'छात्र विरोधी' सिस्टम अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता- हमें मिलकर इसे बदलना होगा।
अविनाश पांडे का प्रमोशन होना चाहिए क्योंकि दंगाइयों और उपद्रवियों को कंट्रोल करने में इन्होंने PHD हासिल कर रखी है हमेसा लट्ठ तैयार रखते है उपद्रवियों और दंगाइयों के स्वागत में 😅 ऐसे ही अधिकारी यदि 2 चार सौ और हो जाएं तो तुम्हारा उपद्रव भारत मे शून्य हो जाएगा और भारत मे शांति स्थापित हो जाएगी
UP मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज़ उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार और साथ बैठे अन्य लोगों के साथ किया गया दुर्व्यवहार और बल प्रयोग अत्यंत निंदनीय है।
लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है। सरकार और प्रशासन से माँग है कि न्याय की मांग कर रहे लोगों से वार्ता कर दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करें।
#NirmalChoudhary
उत्तरप्रदेश- मेरठ।
"हमारी छाती पर कप्तान-डीएम चढ़ाये गाड़ी!"
रवि गौतम, दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय युवा शक्ति दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष है. एक जमाने में चन्द्रशेखर आजाद का साथी था. मगर बाद में राहें जुदा हो गयी. रवि गौतम के खिलाफ 4 केस दर्ज है.
मेरठ के ललिता गौतम मर्डर केस में तमाम मांगों को लेकर रवि गौतम ने भीड़ को भड़काया और कलैक्ट्रेट गेट के सामने सड़क जाम कराई.
रवि गौतम के साथ भारतीय किसान यूनियन (BR Ambedkar गुट) अमरोहा का नेता दिग्विजयसिंह भाटी भी मौजूद था. भाटी पर SCST एक्ट समेत 9 केस दर्ज है और वह अमरोहा का जिलाबदर अपराधी है. इस भीड़ के बीच बैठे समाजवादी पार्टी के नेता हिमांशु सिद्धार्थ योगी-मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे.
पुलिस ने रवि गौतम समेत 5 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की है. केस दर्ज हुआ और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिशें दे रही है.
ललिता मर्डर केस में मुख्य आरोपी के अलावा साक्ष्य मिटाने के आरोपी खेत मालिक और मुख्यारोपी के भाई को पुलिस ने सह-अभियुक्त बनाया है.
क्या यह कार्रवाही सिर्फ इसलिए है कि क्योंकि प्रदर्शनकारी दलित
समाज से थे ?
क्या स्थिति इतनी खराब थी कि SSP को खुद हाथ उठाना पड़ा ? और सड़क की इतनी ही चिंता है तो मेरठ मंडल की अन्य सड़कों का भी ध्यान दीजिए जो बनने के कुछ ही दिन बार खराब हो जाती हैं। 2/3
मेरठ का वायरल वीडियो भयावह है ।
मेरठ ssp को बर्खास्त करो ।
इनका पद पर बने रहना IPS जैसे सम्मानजनक सेवा का अपमान है ।
विरोध प्रदर्शन तो हर जगह होते है लेकिन ऐसी क्या स्थिति बन गई जो
SSP ने #जालियांवाला कांड दोहरा दिया । 1/3
1. यू.पी. के अयोध्या में श्री राम मन्दिर के बाद अब उत्तराखण्ड स्टेट में भी बद्रीनाथ धाम चढ़ावा में चोरी व ग़बन आदि होने का मामला काफी सुर्ख़ियों में हैं। इन दोनों विख्यात धार्मिक स्थलों में इनके ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबन्धकों की भी सही से जाँच होनी चाहिये वरना फिर आगे चलकर इनकी आड़ में इनके स्थान पर दूसरे बने मुख्य प्रबन्धक भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। क्योंकि ऐसी आम चर्चा है कि निचले स्तर पर जो भी गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए या तो मुख्य प्रबन्धकों की मिलीभगत है या फिर उनकी लापरवाही की वजह से यह सब कुछ हुआ है। अतः इस प्रकरण की अब सही से जाँच होनी बहुत ज़रूरी है तथा इस मामले में सरकार व एस.आई.टी. को भी विशेष ध्यान देना है।
2. साथ ही सपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी आदि के जिन वरिष्ठ नेताओं द्वारा यहाँ (श्री राम मन्दिर) चढ़ावे में काफी मोटी रकम की चोरी व ग़बन आदि होने की बात कही जा रही है तो उनसे भी इसके पुख़्ता सबूत लेने चाहिये, ताकि कोई भी चोरी व ग़बनकर्ता बच ना सके, वरना इसकी आड़ में इसे कोरी राजनीति ही माना जायेगा अर्थात् श्रद्धा नहीं, जो जनहित के मुद्दों को दरकिनार करके, अब इस मुद्दे की आड़ में ये पार्टियाँ चुनाव में जाना चाहती हैं, ऐसी भी आम चर्चा है।
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आये, इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मन्दिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो वहाँ व्यवस्था है तो उनका यहाँ अयोध्या में भी अनुशरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिये तो यह उचित होगा।
इतना ही नहीं बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा, ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील।