#bhagatsingh
भगत सिंह सिर्फ़ इतिहास का एक पन्ना नहीं हैं, वो हर उस इंसान की आत्मा में जिंदा हैं, जो अन्याय के खिलाफ लड़ने की हिम्मत रखता है।
इंकलाब जिंदाबाद!
@brajbhushandub1 नमस्कार सर 🙏
मेरा नाम सुमित उपाध्याय है। मैं आपको काफी समय से सुनता और देखता आया ह��ँ। आप जिस तरह ब्राह्मण समाज और आम लोगों की समस्याओं की बात रखते हैं, उसी उम्मीद से आपसे संपर्क कर रहा हूँ।
मेरे साथ भी कुछ गलत हुआ है। मैं बस चाहता हूँ कि आप एक बार मेरी बात सुन लें।
42 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा! 🥉🔥 54.75 सेकंड में Vithya Ramraj ने रचा इतिहास!
एशियन गेम्स 2026 में Vithya Ramraj ने 400 मीटर हर्डल्स 54.75 सेकंड में पूरी कर ब्रॉन्ज मेडल जीता और पी. टी. उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया
नमस्ते आचार्य जी,
मेरा नाम शिल्पा है, और मैं इस समय यूएसए में रहती हूँ। जब मैं पहली बार भारत से यहाँ आई थी, तो मैं भीतर से बहुत खोई हुई, डरी हुई और अकेली महसूस करती थी। उसी समय मुझे गीता सत्र मिले, और कई मायनों में वे सत्र उस अकेलेपन में मेरे साथी बन गए।
आपकी शिक्षाओं के माध्य�� से मैंने खुद को और साफ़ देखना शुरू किया—अपनी कंडीशनिंग, अपने डर, और वे मान्यताएँ जो चुपचाप मुझे पीछे खींचे हुए थीं। आपके शब्दों ने मुझे इन सीमाओं का सामना करने का साहस दिया और सत्य के लिए बोलने की ताकत दी।
मैं खेलों में कभी अच्छी नहीं रही, और समय के साथ मैंने किसी भी खेल को सीखने के विचार को पूरी तरह छोड़ दिया था। मैं खुद से कहा करती थी कि मैं एथलेटिक नहीं हूँ और खेल मेरे लिए बने ही नहीं हैं। लेकिन आपको सुनने के बाद, मैंने अपने लिए मज़बूत बनने का महत्व और अपनी सीमाओं को लगातार आगे धकेलते रहने की बात समझनी शुरू की।
करीब 10 महीने पहले, मैंने खुद को चुनौती देने का फैसला किया और आत्मरक्षा सीखने तथा अपनी ही बाधाएँ तोड़ने के लिए ताइक्वांडो जॉइन किया। इस यात्रा में कई म���के आए जब मुझे लगा कि छोड़ दूँ—कंपटीशन्स से बचना, स्पैरिंग सेशन्स स्किप करना—लेकिन फिर आपके शब्द मेरे पास लौट आते: “श्रृंगार करती स्त्री से ज़्यादा सुंदर है संघर्ष करती स्त्री।” वह याद मुझे आगे बढ़ाती रही।
आज, 10 महीनों की निरंतरता के बाद, मैंने एक टूर्नामेंट में भाग लिया और स्पैरिंग में सिल्वर मेडल और ट्रेडिशनल फॉर्म्स में ब्रॉन्ज जीता। मैं ये मेडल आपको समर्पित करती हूँ, क्योंकि आपकी शिक्षाओं के बिना यह यात्रा संभव नहीं होती। प्रतियोगिता से पहले, मैंने खुद को परिणाम में उलझते हुए देखा—हल्के-हल्के अपनी पहचान को जीत या हार से जोड़ते हुए।
मैंने वही पैटर्न दूसरे प्रतिभागियों में भी देखा; कई डर के मारे काँप रहे थे, दबाव में अपने स्टेप्स भूल रहे थे। उस अवलोकन से साफ़ हुआ कि अहंकार वहाँ ��ुस आता है जहाँ उसकी ज़रूरत नहीं होती, और जो चीज़ सरल और स्वाभाविक हो सकती थी, उसे जटिल बना देता है।
30 की उम्र में, आपने मुझे ऐसा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जिसे करने की हिम्मत मैं पहले कभी नहीं कर पाती। इसके लिए मैं दिल से बहुत आभारी हूँ। मेरे हीरो बनने के लिए धन्यवाद।
#Grateful
#AcharyaPrashant
#AcharyaPrashant #Sports #WomenEmpowerment
Posted by SHILPA SHARMA on Acharya Prashant's Gita Mission App.
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हिम्मत है तो सच को मिटा कर दिखाओ,
एक को नहीं—लाखों को दबा कर दिखाओ।
ये लड़ाई किसी एक की नहीं है,
ये चेतना की आवाज़ है।
जहाँ जागृति खड़ी होती है,
वहाँ हिंसा ही जवाब बनती है।
पर याद रखो—सच कभी मरता नहीं।
#StopThreatsToAP#IndiaWithAP#ProtectFreeVoices
जो सच बोलता है, उसे धमकियाँ मिलती हैं; और जो अंधविश्वास फैलाता है, उसे पुरस्कार।
इसीलिए कबीर साहब कह गए हैं —
साँच कहे तो मारन दौड़े,
झूठे जग पतियाना।
#StopThreatsToAP#IndiaWithAP#ProtectFreeVoices
जो खुद मुक्त है,
वो प्रेम बाँटने चला—
और तुम उसे डरा रहे हो?
जिसके पास खोने को कुछ नहीं,
उसे धमकी कैसी?
डर उनका होता है
जो झूठ में जीते हैं।
सच चलता रहेगा—निर्भीक।
#StopThreatsToAP#IndiaWithAP#ProtectFreeVoices
हिम्मत है तो सच को मिटा कर दिखाओ,
एक को नहीं—लाखों को दबा कर दिखाओ।
ये लड़ाई किसी एक की नहीं है,
ये चेतना की आवाज़ है।
जहाँ जागृति खड़ी होती है,
वहाँ हिंसा ही जवाब बनती है।
पर याद रखो—सच कभी मरता नहीं।
#StopThreatsToAP#IndiaWithAP#ProtectFreeVoices