@ndtvindia@MinakshiKandwal बकवास कंटेंट क्रिएटर हैं, कमाई करने के लिए बेहूदा और गिरी हुई स्क्रिप्ट पर लोगों को हंसाने का काम करते हैं, नैतिक आचरण की कमी हैं इनमें, ऐसे शो बंद होना चाहिए।
@ANI This incident has cast doubt on the fair and clean election process mandated by our Constitution. It has tainted our electoral process with suspicion. Candidates should have been given a fair opportunity to correct any errors in their RS nomination, election forms.
उज्ज्वला योजना में कटौती नहीं करनी थी, क्योंकि जो परिवार चूल्हे पर लकड़ी जलाते थे यह योजना उनके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास थी, इसलिए सरकार को ऐसे कमजोर तबके के नागरिकों को अपने हाल पर नहीं छोड़ना चाहिए था, इसे उसी तरह सुचारू रूप से जारी रखना चाहिए जिस उद्देश्य के लिए इसे लागू करा था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी सरकार को एक व्यक्ति को मुआवजे के रूप में ₹2,00,000 का भुगतान करने का निर्देश दिया, जिसे शांति भंग करने के कथित आरोप में BNSS के निवारक निरोध प्रावधानों के तहत 8 दिनों के लिए अवैध रूप से जेल में रखा गया था।
BNSS के तहत निवारक निरोध प्रावधान (preventive detention provision under the BNSS) के दुरुपयोग पर कड़ी आलोचना करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्थिति को “चौंकाने वाली स्थिति” करार देते हुए, कहा कि प्रयागराज और गाजियाबाद जैसे जिलों में पुलिस आयुक्तों को दी गई मजिस्ट्रेट शक्तियों का “पूरी तरह दुरुपयोग” किया जा रहा है।
माननीय न्यायालय ने आगे निर्देश दिया कि यह मुआवजा राशि औपचारिक अनुशासनात्मक जांच के बाद दोषी सहायक पुलिस आयुक्त (Assistant Commissioner of Police) के वेतन से सीधे वसूल की जाए।
यह देखते हुए कि याचिकाकर्ता को 8 दिनों तक गैर-कानूनी न्यायिक हिरासत में रखा गया था, कोर्ट ने यह नतीजा निकाला कि उसे हर दिन ₹25,000/- के हिसाब से हर्जाना दिया जाना चाहिए, जो 2 लाख रुपये के बराबर है, और यह हर्जाना 6 हफ़्ते के अंदर देना होगा।
Case title - Mansoor Ahmad @ Lallu and another vs State of U.P. and 4 others 2026 LiveLaw (AB) 321
Source : @livelawlndia
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@Profdilipmandal पंडित नेहरू और सरदार पटेल दोनों कांग्रेस के ही नेता थे, कोई भी बनता कांग्रेस का ही होता, क्योंकि उस समय सिर्फ कांग्रेस ही सबसे बड़ी पार्टी थी, आज भी जो अन्य पार्टियां हैं अधिकतर कांग्रेस से ही निकल कर उत्पन्न हुई हैं। इसलिए उनकी तुलना नहीं की जा सकती।
@ABPNews सियासत बदल रही है, एक बड़ा परिवर्तन होने जा रहा हैं, TMC का कांग्रेस में विलय होने से कांग्रेस को तो फायदा होगा ही, ममता बनर्जी भी आगे राजनीति में बनी रहेंगी, नहीं तो TMC तो टूट चुकी हैं।
@khuchrep सच बोल रहे हैं, वो जो हजारों लोग रात रात भर लाइन लगाकर गैस सिलेंडर के लिए इंतजार कर रहे थे, वो सभी अपना काम काज छोड़कर सरकार को बदनाम करने आए थे, मंहगाई और बेरोजगारी भी अफवाह हैं, असल में भारत में सभी करोड़पति बन गए हैं, बस सरकार को बदनाम करने के लिए गरीबी का नाटक करते है।
@PMishra_Journo आम नागरिक को विदेश यात्रा से बचने की सलाह इसलिए दी गई है ताकि कही वो लोन लेकर विदेश यात्रा ना करले, मगर सरकारी धन को खर्च करने की कोई मनाही नहीं हैं, उसपर कोई परिसीमा नहीं हैं।
@aajtak ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन क्या बहुत महंगा आता है जो उसमें भी पानी मिला दिया ? हेल्थ और मेडिकल सेवा में इतनी गंभीर लापरवाही, जो लोगों की जान चली गई, इसके लिए सबसे ज्यादा राज्य सरकार जिम्मेदार है, जिसके लिए आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं है ?