जिस सड़क पर आज अतीक अहमद के बेटे की लाश पड़ी है, उसे देखकर एक पुराना किस्सा याद आ गया...
करीब दो दशक पहले एक व्यक्ति की जमीन पर अतीक अहमद की नजर पड़ी। उसे अगवा किया गया, जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया गया।
किसी तरह जान बचाकर वह व्यक्ति मुंबई भाग गया,
लेकिन वहां से भी पकड़कर प्रयागराज लाया गया। उसे रस्सियों से बांधा गया, बेरहमी से प्रताड़ित किया गया और अधमरी हालत में कोतवाली के बाहर फेंक दिया गया।
वक्त बीत गया...
आज वही अतीक अहमद इस दुनिया में नहीं है, और उसका बेटा भी सड़क पर कुत्ते की मौत मरा पड़ा हुआ।
समय का पहिया किसी के लिए नहीं रुकता।
सत्ता, पैसा, दबंगई और आतंक हमेशा नहीं चलते। अंत में हिसाब वक्त ही करता है।
"निर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय।
मुई खाल की साँस से, सार भस्म हो जाय॥"
यही दुनिया का सबसे बड़ा न्याय है - कर्मों का फल देर से सही, मिलता जरूर है।
का समझे....?
#यूपी के #गोंडा जिले अंतर्गत इतियाटोक गांव #गजधारपुर मैं संगठित होकर मुसलमानों ने अल्पसंख्यक हिन्दुओं के घरों में बोला हमला।
गांव में फैला दहशत का माहौल
कोई मुझे इनकी जीविका का साधन बता दो…? इनका Monthly जीवनयापन कैसे चलता है ?
कोई Business ? दुकान ? Salary ? नौकरी ? Startup ? कोई Art ? ब्याज पे पैसा ? Trading ? कोई FD ? कोई Property का Rent ? कोई ज़मीन का मुआवजा ?
ये Fashion… ये Travelling…Movement…ये सब का खर्चा कहा से ?
₹1.1 लाख की अमृत व्हिस्की की एक पेटी।
एक तरफ दावा “लोअर मिडिल क्लास” परिवार का, दूसरी तरफ घर की पार्टी में लाखों की शराब।
और कोई ₹1.18 करोड़ सालाना किराया चुका रहा है।
लगता है, सत्ता परिवर्तन का कारोबार वाकई खूब कमाई वाला है।
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Thanx
@airtelbank
21 छात्रों की मौत के बाद इस तरह का जश्न , मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया इससे क्या भला हो गया ? जब विपक्ष पेपर लीक पर कठोरतम क़ानून पर सहमत ही नहीं है बस छात्रों को बरगला कर उनके नाम पर तोड़ फोड़ करने से किसी छात्र का भला नही होगा
बताया जा रहा है कि सीजेपी वालो ने कल 5 स्टार होटल में जो पार्टी दी है 200 से ज्यादा लोग आये थे और उनके डिनर की प्लेट करीब 5000 रुपये पर हेड थी.... बाकी पीने पिलाने का खर्चा अलग।
अब सवाल ये उठता है कि इसका खर्चा आया कहाँ से??
दिल्ली पुलिस ने छात्रों के आंदोलन में घुसकर उसे हिंसक बनाने वाले 989 अपराधियों की पहचान कर ली है और अब उनकी धरपकड़ जारी है।
इन अपराधियों पर पहले से ही, हत्या, हत्या के प्रयास, रेप, डकैती, पोक्सो जैसे गम्भीर मामले दर्ज है।
आप स्वयं समझ लीजिये विपक्ष ने किस हद तक अराजकता फैलाने की तैयारी की थी।
जिन औजारों से काटे जाते हैं मुर्गे और बकरे, उन्हें लाया गया था कॉकरोचों के प्रदर्शन में,
बिहार में DIG सारण ने किया वो खुलासा जिसने उधेड़ कर रख दिया साजिश की परतें,
खुद सोच कर बताएं कि चिकन और मटन की ज्यादातर दुकानों के मालिक कौन हैं..
#Bihar#Protest@SaranPolice