हॉल में पेपर लीक पर चर्चा रोकने
पहुंच गई पुलिस, संजय सिंह भड़के
Prayagraj: सर्किट हाउस में प्रतियोगी छात्रों से AAP सांसद Sanjay Singh संवाद कर रहे थे. संवाद के दौरान हॉल में ADM सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य पहुंच गए. और हॉल में हो रही पेपर लीक पर चर्चा को रोकने को कहा.
इस पर संजय सिंह भड़क गए और अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई. कहा कि 'बंद कमरे में चल रही चर्चा के लिए कोई परमिश�� नहीं लगती. जिस परीक्षा पर हो रही चर्चा को आप रोकने के लिए आए हैं वही परीक्षा पास करके आप अधिकारी बने हैं…'
देखिए वीडियो...
विनम्र अनुरोध है कि कृपया सरगरा कॉलोनी,जोधपुर (जो सरदारपुरा AEN Office के अधिकार क्षेत्र में आती है) में विद्युत आपूर्ति बहाल करवाने की कृपा करें।
पूरे मोहल्ले की शाम 7 बजे से बिजली बंद है, जिससे निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🙏 @ccc_jdvvnl@JodhpurDm
बात इतनी सी है कि कुछ हराम*खोर टाइप के यात्री भी होते हैं जिन्हें टिकट तो लेनी नहीं है सुविधाएं चाहिए वर्डक्लास की? अरे भाई आपको सीट मिल गई है बच्चे साथ मे हैं स्लीपर कोच में जा रहे, टिकट जनरल का है और आपको स्लीपर का टिकट भी नहीं बनवाना है?
अरे वो तो TTE तिवारी जी हैं ब्राह्मण ईमानदार होते हैं इसीलिए इतनी तुम्हारी व��वास सुनी वरना और कोई होता दो कान के नीचे फटके देता और RPF के हवाले कर देता।
व्हिसिल ब्लोअर हो तो शशिकांत सुथार जैसा हो
शशिकांत सुथार सीकर में केमिस्ट्री के टीचर है
नीट एग्जाम खत्म होने के बाद शाम को उनका एक पड़ोसी उनके पास आया और अपने टेलीग्राम पर कुछ गेस पेपर दिखाते हुए कहा कि यह गेस पेपर हमारे टेलीग्राम ग्रुप में 15 -20 दिनों से घूम रहा है और जब शशिकांत सुथार ने उस गेस पेपर का बारीकी से निरीक्षण किया तब देखा कि 180 में से 140 क्वेश्चन हूं बहू है कोई कॉमा फूल स्टॉप भी फर्क नहीं है
फिर वह सीकर पुलिस स्टेशन गए लेकिन तब पुलिसकर्मियों ने कोई रिपोर्ट नहीं लिखी
उसके बाद उन्होंने ट्विटर पर NTA को ट्वीट किया मेल डाल पीएमओ में मेल डाला भारत के राष्ट्रपति को मेल डाला सीबीआई को मेल डाला तब जाकर राजस्थान सरकार को आदेश आया कि आप इस मामले की जांच करिए
��सके बाद राजस्थान पुलिस ने एक स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप बनाया शुरू में यह मामला बहुत छोटा लग रहा था लेकिन जब यह पता लगा कि इसके कई राज्यों में नेटवर्क है
तब यह मामला सीबीआई को दिया गया और नीट का परीक्षा रद्द कर दी गई
उसके बाद यह सारे नेटवर्क का खुलासा हुआ की जो व्यक्ति पेपर बना रहे था वह सब के सब पेपर लीक के मास्टरमाइंड थे
Special Intensive Revision – Phase III
SIR to be conducted in a phased manner across 16 States and 3 UTs.
Check the State wise schedule here 👇🏼
#SIR2026#ElectoralRoll#SIR@DIPRRajasthan
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Yesterday’s welcome by the Indian diaspora in the Netherlands was remarkable. The welcome included a dance performance covering Kathak, Odissi, Bharatanatyam, Kuchipudi and Mohiniyattam. It also included a Garba performance.
कल जोधपुर के महाराजा गज सिंह और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सेना के हेलीकॉप्टर में सवार हुए।
दरअसल कल राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत और राव दूदाजी मूर्ति के अनावर�� कार्यक्रम था जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए थे।
शायद राजनाथ सिंह सेना के हेलीकॉप्टर में मौजूद थे और उन्हीं के कारण ये हेलीकॉप्टर आया हो।
सड़क पर कई गाड़ियाँ खड़ी थीं,
लेकिन कार्रवाई सिर्फ हमारी गाड़ी पर हुई।
जो दरोगा खुद बिना हेलमेट ड्यूटी कर रहे थे और उन पर नशे में होने का भी शक था,
पहले उनकी जा���च होनी चाहिए।
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
@upprpb
@AshokMeghwal_ क्योंकि उनके पास न तो पैसा होता है और न ही ऐसे गलत रास्तों का सहारा लेने की क्षमता। पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था और ईमानदार छात्रों ��े भविष्य के साथ खिलवाड़ है।(2/2)
@AshokMeghwal_ वीडियो में जो व्यक्ति बोल रहा है, वह अप्रत्यक्ष रूप से पेपर लीक जैसी गलत और गैरकानूनी गतिविधि को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है। इस तरह की बातें युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित कर सकती हैं। सच यह है कि सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मेहनत करने वाले छात्रों का होता है, (1/2)
आपका नाम मंजूनाथ षणमुगम था।
आप कोई नेता नहीं थे।
कोई बड़े अफसर नहीं थे।
आप Indian Oil Corporation में एक ईमानदार अधिकारी थे।
आपने IIM Lucknow से पढ़ाई की थी।
आप चाहें तो आरामदायक कॉर्पोरेट जिंदगी चुन सकते थे।
लेकिन आपने सरकारी तेल कंपनी में काम चुना जहां आपकी जिम्मेदारी थी कि जनता को मिलावटी पेट्रोल-डीजल न बेचा जाए।
2005 में आपकी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी क्षेत्र में थी।
वहां एक पेट्रोल पंप पर मिलावट की शिकायतें थीं।
आपने जांच की।
गड़बड़ी पकड़ी।
और पेट्रोल पंप को सील कर दिया।
लेकिन मिलावट का धंधा बंद नहीं हुआ।
आप दोबारा जांच करने पहुंचे।
यहीं से ईमानदारी की कीमत शुरू हुई।
जिस माफिया का धंधा आपने रोका था, उसी ने आपकी जान ले ली।
आपकी ग���ली मारकर हत्या कर दी गई।
आप सिर्फ 27 साल के थे।
एक मां-बाप ने अपना बेटा खो दिया।
IIM ने अपना छात्र खो दिया।
देश ने एक ईमानदार अधिकारी खो दिया।
सवाल पेट्रोल पंप का नहीं था।
सवाल यह था कि इस देश में मिलावट रोकने वाला अधिकारी भी सुरक्षित नहीं है।
मंजूनाथ षणमुगम की कहानी बताती है ...
भारत में ईमानदारी सिर्फ तारीफ नहीं मांगती,
कई बार जान मांग लेती है।
पश्चिम ब��गाल में भाजपा की यह रिकॉर्ड जीत हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के दशकों के अथक प्रयास और संघर्षों का परिणाम है। मैं उन सभी को नमन करता हूं। उन्होंने जमीनी स्तर पर निरंतर कड़ी मेहनत की है और अनेक चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने हमारे विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। वे हमारी पार्टी की असली ताकत हैं।
@BJP4Bengal
बेनेट यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा में लड़कियों का गिरोह जूनियर्स को रैगिंग के नाम प�� बुरी तरह पीट रहीं है। थप्पड़ मार रहे, गालिया�� दे रहे, परिवार की इज्जत तक पर सवाल उठा रहे।
ये शिक्षा नहीं, गुंडागर्दी है। प्रशासन और पुलिस फौरन एक्शन ले, वरना ये कल्चर पूरे कैंपस को बर्बाद कर देगा।
आपका नाम संजुक्ता पराशर है।
आपने UPSC में Rank 85 हासिल की। आपके पास IAS बनने का विकल्प था, लेकिन आपने IPS चुना।
क्योंकि आ���को कुर्सी के पीछे नहीं , जमीन पर काम करना था।
2006 में आप IPS में शामिल होने वाली पहली असमिया महिला बनीं।
2008 में आपकी पोस्टिंग असम के माकुम में हुई—पूर्वोत्तर के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक। उस दौर में बोडो उग्रवादी आम लोगों की हत्या कर रहे थे, गांव जला रहे थे और हथियारों का नेटवर्क चला रहे थे।
लेकिन आपने फाइलों से नहीं, मैदान से जवाब दिया।
सिर्फ 15 महीनों में आपने जंगलों में 16 counter-operations लीड किए��
64 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद जब्त किया।
आप कमांड सेंटर में बैठकर आदेश देने वाली अधिकारी नहीं थीं।
आप CRPF जवानों के साथ AK-47 लेकर जंगल में उतरने वाली अधिकारी थीं।
घर पर आपका चार साल का बच्चा था।
पति की पोस्टिंग अलग थी।
आप उनसे दो महीने में एक बार मिल पाती थीं।
JNU से International Relations में PhD करने वाली महिला कोई भी आरामदायक करियर चुन सकती थी।
लेकिन आपने सबसे कठिन रास्ता चुना।
आज आप National Investigation Agency में Inspector General हैं।
भारत के पास एक संजुक्ता पराशर है।
लेकिन इस देश ��ो ऐसी हजारों संजुक्ता पराशर चाहिए।