ये हैं करणी सेना के कार्यकर्ता जो बड़े भाई माननीय चंद्रशेखर आजाद जी को बाराबंकी आने नहीं देगा इस मामले @Barabankipolice संज्ञान ले अन्यथा माहौल बिगड़ेगा तो जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के घाटमपुर में आयोजित “दलित–पिछड़ा समाज भाईचारा बनाओ सम्मेलन” में अपनों के बीच।
मैं सभी से समानता और बंधुत्व की इस लड़ाई में एकजुट होकर अधिकारों के लिए संघर्ष का आह्वान करता हूँ।
आइए, हम सभी मिलकर बहुजन महापुरुषों की इस वैचारिक लड़ाई को आगे बढ़ाएँ।
(विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025 पर लोक सभा में चर्चा के दौरान
मैं तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मनरेगा के नाम बदलने को लेकर चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए यह सुझाव देने वाला था कि इसे “परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी” का नाम दिया जाए, लेकिन माननीय सदस्य ने बीच में ही टोक दिया।
लगता है बुरा लग गया — लगना ही था।जिन्होंने बाबा साहेब के जीते-जी उनकी शव-यात्रा निकाली हो, वे यह सहन नहीं कर सकते हैं।
#ParliamentWinterSession
#ParliamentWinterSession2025
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषित-वंचित समाज और महिलाओं के महान मुक्तिदाता, ज्ञान के अप्रतिम प्रतीक विश्व रत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के परिनिर्वाण दिवस पर आज मध्य प्रदेश के दतिया ज़िले में आयोजित “आदरांजलि सभा” में उन्हें विनम्र आदरांजलि अर्पित की।
बाबा साहेब का जीवन हमें न्याय, समानता और सामाजिक सम्मान के लिए निर्भीक संघर्ष करने का मार्ग दिखाता है।
हम उनके सपने—भेदभावमुक्त और बराबरी पर आधारित भारत—को साकार करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।
जय भीम, जय भारत, जय संविधान।
#babasahabambedkar
मुज़फ्फरनगर की धरती आज गवाह बनी—जब लाखों संविधानवादियों ने एक स्वर में: “संविधान की शपथ ली।”
आज संविधान दिवस के पर आयोजित “संविधान बचाओ,भाईचारा बनाओ महारैली” को ऐतिहासिक बनाने वाले हर साथी, हर पदाधिकारी, हर छात्र, हर माता-बहन, हर वरिष्ठ नागरिक और हर कार्यकर्ता को हृदय से आभार।
आपकी उपस्थिति सिर्फ़ भीड़ नहीं थी—यह चेतना थी, यह संकल्प था, यह एक नए आंदोलन का जन्म था। आज आपने साबित कर दिया कि—“जब जनता संविधान के लिए निकलती है, तो इतिहास बदलता है।”
आपकी ऊर्जा, अनुशासन और एकता ने इस रैली को सिर्फ सफल ही नहीं बनाया बल्कि यह संदेश पूरे देश तक पहुँचा दिया—“हम अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे—लेकिन लड़ेंगे संविधान की रोशनी में, भाईचारे की भावना से।”
आपकी इस ऐतिहासिक एकजुटता को शत-शत नमन। यह आंदोलन अभी शुरू हुआ है—और अब इसे कोई रोक नहीं सकता।
जय भीम! जय भारत!संविधान ज़िंदाबाद।
सामाजिक न्याय और भाईचारा अमर रहे।
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह न केवल दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि आम नागरिकों की जान की कीमत पर शासन की लापरवाही भी उजागर करता है।
राजधानी के ऐतिहासिक और उच्च सुरक्षा क्षेत्र में इस तरह का धमाका कोई साधारण घटना नहीं — यह राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र की विफलता का संकेत है।
हम मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से प्रार्थना करते हैं। और @mygovindia से माँग करते हैं कि —
1. धमाके की उच्च स्तरीय जाँच NIA या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
2. घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया जाए।
3. देश की राजधानी में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा तत्काल की जाए।
@PMOIndia@narendramodi@HMOIndia@AmitShah
उत्तर प्रदेश के जिला अमेठी के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के चकदहिरामऊ गांव में जातंकवादी ने दलित मजदूर हौसिला प्रसाद सरोज को अपनी मजदूरी के पैसे मांगने पर इस बेरहमी से पीटा कि कई दिनों तक इलाज चलने के बाद कल उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और दण्डनीय है।
परिजनों के अनुसार, 26 अक्तूबर को हौसिला प्रसाद मजदूरी के पैसे मांगने आरोपी के घर गए, तो जातंकवादी ने उन्हें बुरी तरह पीटकर घायल अवस्था में घर के पास फेंक दिया।
गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी फुरसतगंज से रायबरेली जिला अस्पताल और फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के बाद बृहस्पतिवार को उन्हें घर भेजा गया, लेकिन तबीयत बिगड़ती रही और शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की, जिससे आरोपी को बचाने की कोशिश की गई। यह पुलिस की लापरवाही और जातिवादी मानसिकता को उजागर करता है।
हम शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकसंतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि —
1. आरोपी पर SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और हत्या की कठोर धाराएँ लगाई जाएँ।
2. पीड़ित परिवार को 50 लाख रूपए का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा दी जाए।
3. शुरुआत में हल्की धाराएँ लगाने वाले पुलिस अधिकारियों पर निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के जिला झांसी के मोंठ क्षेत्र के ग्राम कुम्हरार में 60 वर्षीय किसान कमलेश यादव ने कर्ज लेकर फसल बोई थी। हालिया बारिश से फसल बर्बाद होने और बढ़ती परेशानी से तंग आकर उन्होंने फांसी लगा ली — यह घटना अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली है।
परिजनों के अनुसार, मात्र 15 दिन बाद उनकी बेटी की सगाई थी, लेकिन उससे पहले ही एक पिता ने अपनी बेबसी और टूटे हुए हालात के बीच यह आत्मघाती कदम उठा लिया। फसल के नुकसान और कर्ज के दबाव ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था।
यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं — बल्कि व्यवस्था की हार है।
गोरखपुर, मिर्जापुर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बंगाल से लेकर पूरे उत्तर भारत तक बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान “मोंथा” ने लाखों किसानों की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया है।
किसान आत्महत्या नहीं करना चाहता — वह जीना चाहता है।
पर जब उसकी फसल, उसकी ज़मीन और उसकी मेहनत सब डूब जाती है, तो सरकार की खामोशी उसे मार देती है।
अब सवाल यह है, प्रधानमंत्री @narendramodi जी से — कब तक हर बेमौसम बारिश और तूफान का बोझ अकेला किसान उठाएगा?
@mygovindia से हमारी माँगें:
1. प्रभावित किसानों को तात्कालिक आर्थिक सहायता दी जाए।
2. फसल क्षति का ऑन-ग्राउंड सर्वे तत्काल कराया जाए।
3. कर्जमाफी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रम शुरू किए जाएँ।
हर किसान की मौत हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
अब यह सिर्फ मौसम नहीं — यह नीतिगत विफलता है।
@PMOIndia@AgriGoI@ChouhanShivraj
आईसीसी महिला विश्व कप के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने अपने जज़्बे, आत्मविश्वास और संघर्ष से पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
कठिन लक्ष्य और बड़े दबाव के बावजूद टीम इंडिया की हर खिलाड़ी ने मैदान पर जो जुझारूपन और एकजुटता दिखाई है, वह भारत की बेटियों की असली पहचान है।
यह मुकाबला सिर्फ़ क्रिकेट का नहीं, बल्कि मेहनत, साहस और नारी शक्ति की कहानी है।
हर चौका, हर रन और हर कैच में भारत के 140 करोड़ लोगों का हौंसला शामिल है।
टीम इंडिया को हमारा सलाम — जीत भले स्कोरबोर्ड पर तय हो, पर जज़्बा पहले ही जीत चुका है।
पूरी भारतीय महिला टीम को जीत के लिए अनंत मंगलकामनाएँ!
#ICCWomensWorldCup2025
#INDWvsAUSW #JemimahRodrigues
#WomensWorldCup2025
उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान एक बार फिर सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।
राज्यभर की चीनी मिलें पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं, लेकिन अब तक सरकार द्वारा गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है। किसानों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं, पर हर बार की तरह इस बार भी उन्हें अनिश्चितता और उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
गन्ना किसान अपनी मेहनत, पसीने और परिवार की आजीविका को इस फसल पर निर्भर रखते हैं। आज जब खेती की लागत कई गुना बढ़ चुकी है — खाद, डीज़ल, बिजली और मज़दूरी सभी महंगी हो चुकी हैं — तब सरकार का चुप रहना अन्यायपूर्ण है।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि —
1. इस सीज़न के लिए गन्ने का 450 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
2. जिन चीनी मिलों ने पिछले वर्ष के गन्ना मूल्य का भुगतान अब तक नहीं किया, उनसे ब्याज सहित भुगतान तत्काल कराया जाए।
3. और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसानों को तय अवधि के भीतर उनका पूरा मूल्य मिले।
किसान सिर्फ़ अन्नदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की रीढ़ हैं।
उनकी मेहनत का उचित मूल्य देना सरकार का कर्तव्य है, कोई एहसान नहीं।
यदि सरकार गन्ना किसानों की इस न्यायपूर्ण माँग की अनदेखी करती है, तो बड़ा आंदोलन अपरिहार्य होगा।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र, पुरानी बाजार, शीतला मंदिर में RSS कार्यकर्ता द्वारा दलित बुजुर्ग रामपाल पासी को पेशाब चाटने के लिए मजबूर करना — सिर्फ़ एक अपराध नहीं, बल्कि जातिवाद व सामंतवाद की वर्षों पुरानी दलित विरोधी मानसिकता का नंगा प्रदर्शन है।
बीमारी से पीड़ित एक बुजुर्ग को, जिनसे पानी पीते समय गलती से थोड़ा पानी नीचे गिर गया था, आरोपी ने कहा कि “तुमने पेशाब किया है” और पानी मंगवा कर उससे धूलवाया। साथ ही जातिसूचक गालियाँ देकर अपमानित किया गया — यह न केवल मानवता के लिए कलंक है, बल्कि संविधान की आत्मा पर भी प्रहार है।
शरीर पर सत्ता का जोर, आत्मा पर जातिवाद का विष।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि —
1. आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कठोरतम सजा दी जाए।
2. पीड़ित रामपाल पासी को सरकारी सुरक्षा, सम्मानजनक मुआवज़ा और इलाज की सुविधा दी जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के 232 जर्जर प्राथमिक विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मंज़ूरी मिलने के छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक धनराशि जारी नहीं हुई। यह देरी डबल इंजन वाली भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
टूटी दीवारों, गिरती छतों और बदहाल भवनों में बच्चे रोज़ाना अपने जीवन और भविष्य दोनों को जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या यही “नया उत्तर प्रदेश” है — जहाँ शिक्षा की योजनाएँ फाइलों में दबी हैं और बच्चे खंडहरों में कैद हैं?
यह सिर्फ बजट की देरी नहीं — यह आने वाली पीढ़ी के सपनों का गला घोंटना है।
अगर बच्चों की नींव कमजोर रहेगी, तो प्रदेश की इमारत कब तक टिकेगी?
शिक्षा पर निवेश नहीं, शिक्षा से खिलवाड़ — यह शर्मनाक है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की सरकार की प्रदेश भर में फैलती ड्रोन उड़ने की अफवाहों और चोरी की घटनाओं को रोकने में नाकामी अब जानलेवा हो चुकी है।
जिला रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र में अपनी पत्नी से मिलने जा रहे फतेहपुर निवासी हरिओम बाल्मीकि की जिस निर्ममता और बर्बरता से भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी, उसे बताने के लिए शब्द नहीं हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश की सरकार और प्रशासन की नाकामी, संवेदनहीनता और जातिवादी मानसिकता का भयावह उदाहरण है।
मेरा सवाल है मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से — कब तक निर्दोष नागरिक सड़कों पर भीड़ की हिंसा में मारे जाते रहेंगे?
कल मेरी पीड़ित शोकाकुल परिवार से बात हुई — उन्होंने सिर्फ एक ही बात कही, “हमें न्याय चाहिए।”
@UPGovt से हमारी माँगें हैं —
1. हरिओम बाल्मीकि के सभी हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
2. मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवज़ा और सरकारी नौकरी दी जाए।
@CMOfficeUP
बाराबंकी ज़िले के ग्राम मऊथरी, थाना जैदपुर में हुई दुखद घटना दलित-बहुजन समाज और न्यायप्रिय नागरिकों के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय है।
अशोक कुमार जी, जो भीम आर्मी में तहसील न्याय पंचायत अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे, मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उन्हें झूठे मामले में छोड़ने के लिए ज़बरन 75,000 रूपए की रिश्वत माँगी गई और पैसे न देने पर उन्हें NDPS एक्ट जैसे गंभीर मुक़दमे में फँसाने की धमकी दी गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अशोक कुमार जी यह रकम नहीं दे पाए। उन्होंने ज़मीन बेचने की कोशिश भी की, लेकिन तत्काल कोई खरीदार नहीं मिला।
लगातार होने वाले उत्पीड़न, अपमान और झूठे मुक़दमे की आशंका से गहरे आहत होकर अशोक कुमार जी ने 1 अक्टूबर की रात गाँव से बाहर एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी लाश सुबह खेतों में पेड़ से लटकी हुई मिली। मरने से पहले उन्होंने एक पत्र लिखा और कई लोगों को व्हाट्सएप संदेश भेजे, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए थाना जैदपुर के पुलिसकर्मी संतोष इंस्पेक्टर और निर्मल दरोगा सहित अन्य को जिम्मेदार ठहराया है।
इसके बावजूद, उनकी पत्नी और परिवार की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस उल्टा दबाव बना रही है कि अगर मृतक द्वारा नामज़द आरोपी पुलिसकर्मियों के नाम हटाएं तभी FIR दर्ज की जाएगी। यह न केवल अमानवीय है बल्कि कानून और संविधान की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाना है।
हम @UPGovt से तत्काल निम्नलिखित माँग करते हैं:
1. मामले में लिप्त सभी के खिलाफ सख्त धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
2. मृतक के परिवार को कम-से-कम ₹50 लाख मुआवज़ा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
3. मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच किसी उच्च-स्तरीय समिति या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
4. थाना जैदपुर के दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर गिरफ़्तार किया जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
ज़िला गाज़ियाबाद की खोड़ा कॉलोनी की 12 लाख की आबादी प्यास और अपमान से तड़प रही है, लेकिन सरकार चैन की नींद सो रही है। पीने के पानी की किल्लत हो या श्मशान घाट का अभाव — यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों का खुला हनन है।
इस अन्याय के खिलाफ़ भीम आर्मी—आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) 3 अगस्त 2025 से आईटीआई सर्विस रोड पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी है।
आज मैंने भी इस धरने में शामिल होकर खोड़ा कॉलोनी की जनता की आवाज़ को मज़बूती दी है।
खोड़ा की जनता का दर्द मेरा दर्द है, और मैं वादा करता हूँ कि जब तक खोड़ा की जनता को उसका हक़ — पानी और श्मशान घाट — नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष बिना रुके चलता रहेगा।