यह जंतर मंतर या रांची नहीं है। उड़ीसा का भुवनेश्वर हैं। युवक कांग्रेस अमित शाह और नरेंद्र मोदी के इस्तीफे को लेकर सड़क पर उतर आई है।
युवा अब बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। पूर्व से पश्चिम तक उत्तर से दक्षिण तक आग लगी हुई है। उड़ीसा के युवा पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा मांग रहे हैं।
Pellet guns, Nail-studded lathis, tear gas fired at students who were peacefully asking questions about their own future.
Young women beaten by policemen, many injured on their private parts. Minors with broken bones. This is how the Modi government answers a question.
And the Home Minister? Nearly 20 days and Amit Shah has not come to Parliament to answer for it. Every Opposition motion for a discussion has been rejected.
His silence is not an oversight - it is approval of the violence. He is either culpable or incompetent.
We demand a Supreme Court monitored inquiry. And we will not stop fighting until he is held accountable.
Poll Tracker Survey OF MOOD OF INDIA 2026
⚫️ युवा अपने भविष्य के लिए किसे अपना नेता मानते हैं?
▪️नरेंद्र मोदी - 23
▪️राहुल गांधी - 69
▪️क्षेत्रीय नेता - 2
▪️कोई अन्य नेता - 6
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देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
रिजिजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा - महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ।
सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?
2023 का क़ानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।
सबसे ख़तरनाक आंदोलन बिहार में हो रहा है
यहां पुलिस परेशान हैं कि रोके कैसे?
बैरिकेड को साईकिल कि तरह चला रहें हैं
वाटर कैनन चलाया तो पानी वाला डांस करने लगे
लोग खुद पुलिस से पुछ रहें हैं कि आंसू गैस कब चलेगा?
रस्सी से घेरा तो टग ऑफ वार खेलने लगें
गेट बंद किया तो गेट तोड़ दिया
जब लठ्ठ चलाया तो जन गण मन गाने लगें
आंदोलन पर भोजपुरी गाना बना दिया
बिहार का अलग ही अंदाज है।
@Baliyan_x प्रदर्शन लोकतंत्र की बुनियाद है लोकतंत्र में जिम्मेवारी तय होना चाहिए चाहे परचा लीक,चढावा चोरी| ये सरकार की कायरता है अगर प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही कहा जायेगा तो वह अपनी मांग किससे करेंगे ? परन्तु अगर सरकार तानाशाही पर उतर जाए तो क्या करना चाहिए आप इसका उत्तर जरुर देंगे ?
@NationalDastak पुलिस के करवाई में बिना बैच के तथा सादे कपडे में लोग जो डंडा चला रहे थे क्योंकि यह सब दिल्ली पुलिस के द्वारा कराया गया इसके अतिरिक्त दिल्ली पुलिस द्वारा पत्थरबाजी की यह घटना की जाँच निष्पक्ष जाँच एजेंसी से करवाना सरकार की जिम्मेवारी है छात्रों तथा LOP के साथ व्यव्हार निंदनीय है