@JM_Scindia आपके व आपकी पूज्य माताजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगल कामना करते हुए ईश्वर से यही प्रार्थना है कि आप शीघ्र जनता के दुख दर्द करने में सहभागी बन जावे।
@AmitShah@narendramodi@rajnathsingh@narendramodi क्या भारत में लार्ड मैकाले की शैक्षणिक प्रणाली समाप्त कर गु��ुकुल आधारित आधुनिक शिक्षा व्यवस्था नहीं लागू की जा सकती है?जिससे आत्म निर्भर भारत का सपना साकार हो सके।
@rajnathsingh@narendramodi क्या भारत में लार्ड मैकाले की शैक्षणिक प्रणाली समाप्त क�� गुरुकुल आधारित आधुनिक शिक्षा व्यवस्था नहीं लागू की जा सकती है?जिससे आत्म निर्भर भारत का सपना साकार हो सके।
@PMOIndia क्या भारत में लार्ड मैकाले की शैक्षणिक प्रणाली समाप्त कर गुरुकुल आधारित आधुनिक शिक्षा व्यवस्था नहीं लागू की जा सकती है?जिससे आत्म निर्भर भारत का सपना साकार हो सके।
@ChouhanShivraj@CMMadhyaPradesh इन्दौर, उज्जैन, भोपाल बड़े व्यवसायिक शहर है। यहां पर आवागमन की सुविधा के बिना मध्यम वर्गीय आम जन अत्यन्त परेशान है। इसकी उपयुक्त व्यवस्था का अनुरोध है।
अब तो आर्टिकल 30 पर विचार होना ही चाहिए। कि हमारी गौरव��ूर्ण संस्कृती को इतने वर्षों से किस तरह से आगे नहीं आने दिया। क्या अब भी हमे समानता के अधिकार मिलेगे।
कोराना के इस संकट में मानवता की सेवा में निस्वार्थ भाव से लगे सभी आदरणीयों को प्रणाम। सेवा के लिए इन बड़े हुए हाथो में साक्षात ईश्वर के दर्शन होते है।मेरे एक मित्र उमेश शर्मा इंदौर में इस संकट के समय 7000 लोगो के प्रतिदिन भोजन व्यवस्था समाज के सहयोग से कर रहे है। अभिनंदन है उनका
@anjanaomkashyap यदि देश के हर धर्म स्थल से प्रतिदिन लाउड स्पीकर से प्रार्थना,अज़ान,आरती होने लगे तो सोचे कि क्या हालत होगी। धर्म के नाम पर दिखावा / प्रदर्शन जाने कब बंद होगा।
अच्छा लगता है जब हम किसी के काम आ पाते है। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के पोस्टमास्टर के रूप में आधार एनेबल पेमेंट सर्विस ��ी सेवाएं एक आत्मिक संतोष का अनुभव करा रही है।जनता प्रशासन,प्रेस सभी से सराहना मिल रही है।
@CMMadhyaPradesh महोदय,आगामी दिसम्बर माह तक नर्सरी से कक्षा 5 तक की क्लास मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से लेने के आदेश जारी करना उपयुक्त होगा। क्योंकि छोटे बच्चों में संक्रमण का ज्यादा भय है।
@PMOIndia महोदय,आगामी दिसम्बर माह तक नर्सरी से कक्षा 5 तक की क्लास मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से लेने के आदेश जारी करना उपयुक्त होगा। क्योंकि छोटे बच्चों में संक्रमण का ज्यादा भय है।