पेट्रोल डीजल और गैस की बढ़ती महंगाई पर विपक्ष के हमले का एक मात्र जवाब यही है कि इसे भी जीएसटी के दायरे में लाकर पूरे भारत में एक समान दर तय कर दिया जाए।जरूरत हो तो इसके लिए अध्यादेश लेकर आए।खासतौर पर रसोई गैस की महंगाई आने वाले समय में बीजेपी के लिए बहुत घातक सिद्ध होने वाली है।
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सरकार ने गरीबों और ग्रामीण महिलाओं को गैस में कितना सब्सिडी दिया या कितना मुफ्त कनेक्शन दिया उससे मध्यम वर्ग को फर्क नहीं पड़ता। उनकी कमर इस महंगाई में टूट रही है। BJP का कोर मतदाता इसी वर्ष से आता है। इसके पहले कि उनका मोहभंग हो पेट्रोलियम पदार्थों पर जीएसटी लागू कर दिया जाए।