@MediaHarshVT गांधी परिवार सभ्य, संस्कारी परिवार है उन्हें शब्दों और भाषा की मर्यादा पता है।उनमें सड़क छाप आवारा छिछोरापन मवालियों वाले पैदाइशी गुण नहीं है।कु्छ लोगों में यह गुण जन्म जात आनुवांशिक होते हैं।
"कोविड-19 वैक्सीन से TTS सिंड्रोम जैसे दुर्लभ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं"
◆ एस्ट्राजेनेका ने यूके HC में दिए गए अपने अदालती दस्तावेजों में पहली बार माना
◆ TTS सिंड्रोम शरीर में खून के थक्के जमने की वजह बनती है
◆ इसके चलते व्यक्ति में ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट होने की आशंकाएं बढ़ जाती है
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@nupursharma1_ मैं सुप्रीम कोर्ट से मांग करता हूं कि लोकतंत्र और न्याय को जीवित रखने के लिए बलात्कारियोंऔर उनको संरक्षण देने वाले राजनैतिक आकाओं को सरेआम फांसी पर लटका कर जमीन के दस फुट नीचे गाढ़ कर ऊपर भव्य शौचालय बनवाने की कृपा करें।चाहे वो किसी भी जाति धर्म के हों ।
@MediaHarshVT@ECISVEEP एक सलाह सम्माननीय प्रधानमंत्री जी को भी दीजिए की सरकार बने अथवा न बने पर महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से खिलवाड़ करने वाले दरिंदों को राजनीतिक संरक्षण न दें।पिछले दस वर्षों में ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है।कृप्या पीड़ित महिलाओं को न्याय न दिला सकें तो उन्हें बदनाम न करें।
@Maithilishri__ आह मैथिली जी,
किससे उम्मीद कर रही हैं।
गूगल पर प्रज्ज्वल रेवन्ना लिखिए।2700 लाचार बेबस महिलाओं की आबरू से खेलने वाला दरिंदा इनका विशेष कृपा पात्र है।
आगे आप खुद पढ़ी लिखी समझदार हैं।पिछले दस वर्षों में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अवांछनीय समझौते की बाढ़ आ गई है।
नरेंद्र मोदी, प्रज्वल रेवन्ना द्वारा किए गए यौन शोषण के बारे में सबकुछ जानते थे।
- दिसंबर 2023 में BJP के नेता देवराज गौड़ा ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह को चिट्ठी लिखकर पेनड्राइव और प्रज्वल रेवन्ना के यौन शोषण के बारे में जानकारी दी और उसे उम्मीदवार बनाने से मना किया।
- जब गृहमंत्री अमित शाह कर्नाटक दौरे पर गए, तब भी पूर्व BJP विधायक प्रीतम गौड़ा समेत कार्यकर्ताओं ने उनसे प्रज्वल रेवन्ना को टिकट देने से मना किया।
लेकिन सब जानते हुए भी नरेंद्र मोदी ने हासन सीट से उसे अपना उम्मीदवार बनाया।
कर्नाटक महिला आयोग ने जब इस मामले का संज्ञान लिया और SIT गठित हुई, प्रज्वल रेवन्ना यह देश छोड़कर भाग गया।
: @SupriyaShrinate जी
@narendramodi बड़े ही शर्म की बात है जिस प्रज्ज्वल रेवन्ना के लिए कुछ दिन पहले आपने वोट मांगे वो तो संदेशखाली के गुनहगार का भी बाप निकला।
निवेदन है कुछ लोकसभा सीटों के लिए ऐसे दरिंदो का साथ और समर्थन बंद कीजिए।इनकी परछाईं भी आपके पास भटकना आपकी छवि को धूमिल करने के बराबर है।
@narendramodi रोटी कपड़ा मकान कुछ नहीं चाहिए।केवल बगैर धार्मिक भेदभाव के महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान दीजिए।आपकी पार्टी और गठबंधन के नेताओं पर लगे महिला उत्पीड़न के आरोपों की जांच एक हफ्ते में करवाकर दोषियों को दंडित कीजिए।यही मौका है खुद को साबित करने का।
@RubikaLiyaquat थोड़ी सी हिम्मत करके प्रज्ज्वल रेवन्ना पर भी एक सवाल पूछिंए।
संदेश खली पर छाती पीटने वाले दोगले अब मुंह में दही जमा कर बैठे हैं।क्या सिर्फ मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की सुपारी ली है प्रधानमंत्री और उनके प्रवक्ताओं समर्थकों ने।
@suryapsingh_IAS यदि सारे कामों की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है तो फिर गुजरात से बैंक लोन लेने वाले जितने भी भगोड़े भागे हैं उन सभी के लिए बीजेपी सरकार ही दोषी है क्यूंकि पिछले दो दशकों से वहाँ बीजेपी की ही सरकार है
@ShivamSanghi12 हम वही मुस्लिम हैँ जिन्होंने गाँधी जी को चुना और जिन्ना को लात मारकर भगा दिया, हमारे बुजुर्गो ने हस्ते हस्ते फांसी के फंदे चुम लिए थे और आज आप लोग हमको घुसपैठिया कहकर सम्बोधित करते हो बड़ी शर्म की बात हैँ :- हाजी नाज़िम खान प्रवक्ता पीस पार्टी
@PrabhuPateria कार्यकर्ता प्रवासी पक्षियों को यजमान बनाने से नाराज है।जनता को अच्छा काम करने के बाद भी नरेंद्र मोदी और उनके नेताओं प्रवक्ताओं की भाषा पर आपत्ति है।ये लोग अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने लाने में नाकाम रहे हैं। ये केवल विपक्ष के ट्रोल बन कर रह गये हैं।