कुछ लोग कह रहे हैं “general category को target किया जा रहा है”। सवाल ये है: अगर आपने discrimination किया ही नहीं, तो डर किस बात का?
सवाल simple है: अगर caste discrimination exist नहीं करता, तो फिर ये rules किसे परेशान कर रहे हैं?#UGC#EqualityInEducation
“UGC New Rules का सच”
UGC के नए rules को लेकर जो हंगामा हो रहा है, वो असल में equality से डर है। UGC ने सिर्फ इतना कहा है: हर campus में Equity Cell होगा, complaint system होगा, और discrimination पर action होगा। इसमें गलत क्या है?
UGC के डेटा के मुताबिक caste discrimination complaints पिछले 5 साल में 118% तक बढ़ी हैं — 2019-20 में 173 से बढ़कर 2023-24 में 378 तक। यह बताता है कि समस्या सिर्फ अफ़वाह नहीं है।
@narendramodi While 'Modi's Guarantee' sounds heroic in a rally, why is that same guarantee missing when it comes to investigating the Electoral Bonds or the corporate monopolies that have allegedly 'stolen' from the common man's pocket? Is justice in India now dependent on which party wins ?
@Dev_Fadnavis Maharashtra leaders fly to Davos, sign MoUs worth lakhs of crores, Where are the jobs for the local youth of Gadchiroli? Or is the plan to turn them into low-wage laborers in the very factories built on their ancestral lands?
@ZeeNews ज़ी न्यूज़ जिस तरह इसे 'बड़ा संकेत' बता रहा है, ऐसा लगता है जैसे तिरुवनंतपुरम से सीधे दिल्ली तक का रास्ता साफ हो गया हो। पत्रकारिता का काम 'संकेत' डिकोड करने के नाम पर सत्ता की मार्केटिंग करना नहीं,
@BJP4India मिट्टी को माथे पर लगाना आसान है, पर मिट्टी से जुड़े लोगों (किसानों और मज़दूरों) की बात सुनना मुश्किल क्यों है?𝐭𝐫𝐮𝐞 लीडर वो होता है जो मज़दूरों को काम दे न कि सिर्फ कैमरे के लिए उसे माथे पर लगाए।"
@ChouhanShivraj आप कांग्रेस के कल्याण की चिंता छोड़िये और देश के बेरोजगार युवाओं के कल्याण पर ध्यान दीजिये। 2026 में भी आपकी सरकार 'पेपर लीक' और 'भ्रष्टाचार' के दलदल से बाहर नहीं निकल पाई है। क्या 'अद्भुत ज्ञान' सिर्फ ट्वीट करने के लिए बचा रखा है?
@RubikaLiyaquat एक न्यूज़ एंकर का काम सत्ता के 'सांस्कृतिक विंग' का पोस्टर गर्ल बनना नहीं, बल्कि हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बनना है। आप उन लोगों के साथ मंच साझा कर रही हैं जो अक्सर आपकी ही पहचान को 'दोयम दर्जे' का बताते हैं। यह 'कॉम्बिनेशन' फिट नहीं बैठता, यह 'सरेंडर' (आत्मसमर्पण) कहलाता है।
@narendramodi The truth is that your policies have opened the floodgates for Corporate Deep-Sea Trawlers. While big businesses loot the ocean floor, the traditional fisherman's net comes up empty. Is this 'welfare' or a calculated move to hand over our seas to your billionaire friends?
@AmitShah बंगाल में नेताजी के परिवार के सदस्यों का नाम मतदाता सूची (SIR) से हटाना और उन्हें नोटिस भेजना यह साबित करता है कि आपके लिए नेताजी सिर्फ एक 'चुनावी ब्रांड' हैं। ?
@myogiadityanath 'माँ गंगा' से प्रार्थना तो ठीक है, लेकिन 2026 में भी गंगा के पानी की गुणवत्ता (Water Quality) 'स्नान' के लिए कितनी सुरक्षित है, इसका डेटा कभी सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता? आस्था के नाम पर पर्यावरण की बलि देना भी एक पाप ही है।"
@RajatSharmaLive बालासाहेब की निर्भीकता का सबसे बड़ा गुण यह था कि वे सत्ता के सामने झुकते नहीं थे, बल्कि सत्ता को झुकाते थे। आज की पत्रकारिता—जिसका आप एक चेहरा हैं—क्या वैसी ही निर्भीकता दिखा पा रही है? क्या आपमें सत्ता से वैसे ही तीखे सवाल पूछने का साहस है?
@narendramodi हकीकत यह है कि आपने उनकी बनाई 'शिवसेना' के दो टुकड़े कर दिए। जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, उसे 'रिमोट कंट्रोल' से दिल्ली से चलाना और उनके बेटे को किनारे कर 'कठपुतली सरकार' बिठाना—क्या यही बालासाहेब के प्रति आपका सम्मान है?
10 शहीद और 11 घायल। ये आंकड़े किसी युद्ध के नहीं, बल्कि एक 'हादसे' के हैं। अगर हम 2026 में भी अपने जवानों को सुरक्षित परिवहन नहीं दे सकते, तो हमारे 'विश्वगुरु' और 'मॉर्डन आर्मी' के दावे खोखले हैं। जवाबदेही तय होनी चाहिए!#Accountability"
"जवानों के लिए मौत के रास्ते, उद्योगपतियों के लिए रेशमी कालीन!"
डोडा के खन्नी टॉप पर हुआ हादसा कोई इत्तेफाक नहीं, 2026 में भी हमारे जवान उन रास्तों पर बुलेटप्रूफ कैस्पर जैसे भारी वाहनों में चलने को मजबूर हैं जहाँ बुनियादी सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है
#ArmySafety"
अमित शाह जी कल ही J&K की सुरक्षा समीक्षा बैठक कर रहे थे। क्या उस बैठक में इन दुर्गम रास्तों पर चलने वाले जवानों की सुरक्षा के लिए 'ऑल वेदर रोड्स' या बेहतर ट्रांसपोर्ट तकनीक पर चर्चा हुई? #DodaAccident #