माननीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath की सरकार में नियुक्त हुए पंचायत सहायकों का अपमान करते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर...जी
इनका कहना है पंचायत सहायकों को न्यूनतम वेतन भी नहीं देना चाहिए और इसका सपना देखना छोड़ देना चाहिए।
9000 मानदेय करके अहसान कर दिया है...! इन्होंने जहां अन्य राज्य अपने ग्राम स्तर के कर्मचारी को मजबूती देते हैं वही उत्तर प्रदेश में ये मंत्री पंचायत सहायकों को अनपढ़ काम न करने वाला बताते है अपनी कमियां भूलकर..!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
अगर उत्तर प्रदेश सरकार पंचायत सहायकों पर न्यूनतम मजदूरी 15224 नहीं लागू करती है।
तो पंचायत सहायकों को स्थाईकरण और वेतनमान देने वाली पार्टी के घोषणा पत्र पर समर्थन का विचार किया जाएगा।
आपके पास अभी वक्त है 9000 के बजाय न्यूनतम मजदूरी लागू करिए।
अन्यथा पंचायत सहायक और उनका परिवार आपके पक्ष में नहीं रहेंगे। ये प्रण है 57000 से अधिक युवा पंचायत सहायकों का
@oprajbhar@CMOfficeUP
यूपी के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हुआ है. सरकार ने उनका मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिमाह करने का फैसला किया है. इसके अलावा सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश मिलेगा. आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने और कार्रवाई में हटाए गए सहायकों को बहाल करने की भी घोषणा की गई है.
पूरी ख़बर: https://t.co/OAXHu1zdg4
#Uttarpradesh #PanchayatSalaryHike | @iSamarthS
यूपी में 58,000 पंचायत सहायक पिछले कई वर्षों से मात्र 6,000 रुपये प्रति माह में काम कर रहे हैं। 6,000 रुपये में कोई नौजवान अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे कर सकता है? इनकी मांग है कि मानदेय 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए। @myogiadityanath जी को इनकी मांगें तुरंत मान लेनी चाहिए। @AamAadmiParty सड़क से संसद तक पंचायत सहायकों की मांगों का समर्थन करती है।
"केशव मौर्या के डेलिगेशन ने हमारी बेइज्जती की, मांग��� नहीं मानी"....युवा शख्स ने कहा
◆ देखिये माहौल क्या है राजीव रंजन के साथ
#MKH | #MaholKyaHai | @rajeevranjanMKH
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी विभिन्न जायज मांगों (नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि आदि) को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 'पंचायत सहायक कर्मचारियों' के समर्थन में व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा जी का संबोधन 🙌
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पंचायत सहायक कर्मचारियों के संघर्ष की आवाज अब सड़क से लेकर संसद तक उठेगी।
पंचायत सहायकों की नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि समेत अन्य मांगें पूरी तरह जायज हैं। आम आदमी पार्टी उनके इस संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
आज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने ईको गार्डन पहुंचकर आंदोलनरत पंचायत सहायकों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।
मैं स्वयं 14 सितंबर को ईको गार्डन पहुंचकर पंचायत सहायकों से मुलाकात करूंगा और उनके हक-अधिकार की इस लड़ाई को मजबूती से उठाऊंगा।
सरकार से मेरी स्पष्ट मांग है कि पंचायत सहायकों की जायज मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में अयोध्या प्रान्त अध्यक्ष विनय पटेल जी, निवर्तमान ��्रदेश महासचिव दिनेश पटेल जी, प्रांत महासचिव अतुल सिंह जी, व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा जी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव नूर सिद्दीकी जी, प्रांत महासचिव अभिषेक सिंह जी, सुधीर पटेल जी, सुरभि जी, प्रेरणा जी सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायक साथियों को इस कदर मजबूर कर दिया गया है।
उनके आंखों से आंसू निकल रहे हैं उनको अपना दर्द बयां करने के लिए अधिकारियों और मंत्रियों तक से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
इतना अहम किसी के अंदर पद और कुर्सी को लेकर नहीं होना चाहिए कि वे अपने लोगों के दर्द को भी नजर अंदाज कर दे।
#WATCH | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, "उत्तर प्रदेश के लगभग 58 हजार पंचायत सहायक अपना मानदेय बढ़ाकर उसे सम्मानजनक करने तथा संविदा व्यवस्था के बजाय स्थायीकरण आदि अपनी मांगों के समर्थन में, वे पिछले कुछ दिनों से राजधानी लखनऊ में इको गार्डन के पास आंदोलनरत हैं। सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार अवश्य करे तो ये बेहतर होगा।"
पंचायत सहायकों के महा आंदोलन का आज सातवां दिन 13/9/2026 है पंचायत सहायकों की आवाज़ बुलंद करने कल हमारे बीच उपस्थित होंगे माननीय संजय सिंह जी हम सब उनका तहेदिल से स्वागत करते है और सारे पंचायत सहायक से अपील है धरना को शांति पूर्वक ही चलने दे
@psunionup
आज लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम ईको गार्डन में धरनारत पंचायत सहायकों से मुलाकात कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया। ₹30,000 प्रतिमाह मानदेय और स्थायी किए जाने की मांग की।
अपनी कड़ी मेहनत से ग्राम पंचायतों को संभालने वाले पंचायत सहायक आज सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, और बेपरवाह बनी भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। स्थिति यह है कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे साथी कर्मचारियों का पेट भरने के लिए पंचायत सहायकों को आपस में चंदा इकट्ठा करके भोजन का इंतजाम करना पड़ रहा है।
जो पंचायत सहायक गांव-गांव जाकर व्यवस्था की रीढ़ बनते हैं, उन्हें मानदेय और अधिकारों के नाम पर सिर्फ अनदेखी मिली है। योगी जी, गांव-देहात की नींव संभालने वाले इन युवाओं की अनदेखी करना भाजपा को भारी पड़ने वाला है; क्योंकि जब 'ग्राम पंचायत की रीढ़' ही आपकी तानाशाही के खिलाफ खड़ी हो जाएगी, तो सत्ता का धराशायी होना तय है।
यूपी: पंचायत सहायकों का
तनख्वाह को लेकर विरोध प्रदर्शन
Uttar Pradesh, Lucknow: पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेशभर के अलग-अलग जि��ों से पंचायत सहायक लखनऊ पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने मानदेय बढ़ाने, संविदा व्यवस्था खत्म करने और स्थायी सेवा नियमावली लागू करने समेत कई मांगें उठाईं. पंचायत सहायकों की मांग है कि इनकी सैलरी 6 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 30 हज़ार किया जाए.
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📍 इको गार्डन, लखनऊ
पंचायत सहायकों के धरने का आज दूसरा दिन।
अपने हक, सम्मान और भविष्य की मागों को लेकर ��्रदेशभर से आए पंचायत सहायकों के साथ हम भी इस संघर्ष में मजबूती से शामिल है।
संघर्ष जारी रहेगा। 💯
~~ अजित सिंह राष्ट्रवादी 🇮🇳
लखनऊ में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सहायक अपनी मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह वही प्रतिभाशाली युवा हैं। जिनका पंचायत सहायक पद पर चयन मेरिट के आधार पर सर्वाधिक अंक पाने वालो का हुआ है। किंतु मानदेय मात्र 6 हजार रुपये दिए जाते है। जो दैनिक मजदूरी से भी बहुत कम है। सरकार से मांग करते हैं, पंचायत सहायकों की मेहनत और जिम्मेदारियों को सम्मान दीजिए। ₹30,000 मानदेय तथा नियमित करते हुए सकारात्मक निर्णय लेकर इस संघर्ष को समाप्त कराइए।