उत्तर प्रदेश के अधिकतर जनपदों में पिछले 24 घंटो से लगातार अतिवृष्टि हो रही है,लखनऊ में भी लगातार बारिश हो रही है। विद्यालय प्रागण में पानी का जलभराव और परिषदीय नौनिहालों की स्थित को देखते हुए कल का अवकाश करने का कष्ट करें।
@CMOfficeUP@myogiadityanath@AdminLKO@danikjagaran
उत्तर प्रदेश के अधिकतर जनपदों में पिछले 24 घंटो से लगातार अतिवृष्टि हो रही है,लखनऊ में भी लगातार बारिश हो रही है। विद्यालय प्रागण में पानी का जलभराव और परिषदीय नौनिहालों की स्थित को देखते हुए कल का अवकाश करने का कष्ट करें।
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#NoTetBeforeRteAct
जो व्यवस्था देश के किसी कर्मचारी,अधिकारी या न्यायाधीश पर लागू नहीं है वो देश के बेसिक शिक्षकों पर लागू करना देश के 25 लाख शिक्षकों एवं उनके करोड़ों परिजनों के साथ अन्याय है ।
#NoTETbeforeRTEact
*IAS, IPS, IFS ,IRS,IES की exam यूपीएससी के माध्यम से भारत में आयोजित होती है। तो IMS (Indian Medical Services) के साथ-साथ IJS (Indian Judiciary Services) या IAS(J) की परीक्षा भी होनी चाहिए। जिससे सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एक समान न्याय भी मिलें। और जो पूर्व से नियुक्त अधिकारीगण/ न्यायधीश इन परीक्षाओं को पास किए बिना नियुक्त हैं। उन्हें भी 2 वर्ष के भीतर इस परीक्षाओं को पास करना चाहिए। अन्यथा उन्हें भी शिक्षकों की भाँति अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी क्या?
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मा सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेट की अनिवार्यता के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2025 को दिये गये निर्णय के बाद इस मुद्दे पर संघ द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में सबाल करने वाले साथियों को हमने सदैव कहा कि लोकतंत्र में संसद सर्वोपरि है ।हमारी समस्या का निराकरण संसद द्वारा ही होगा ।इसलिए टीएफआई द्वारा देश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंप कर अपनी बात संसद तक पहुँचायी गई ।संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के अधिकांश सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया और समस्या के निराकरण की मांग की ।टीएफआई द्वारा सभी जनपदों के मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मा प्रधान मंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किये गये ।
टीएफआई द्वारा 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करके भारत सरकार तक अपनी बात पहुँचाई गई ।रैली में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी को आमंत्रित किया गया और श्री पाल साहब ने आपकी लाखों की उपस्थिति और आप के मुद्दे की जानकारी सरकार तक पहुँचाई ।
माननीय केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी , भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष
श्री पंकज चौधरी जी एवं केंद्रीय राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद जी से मिलकर उच्च स्तरीय वार्ता एवं निराकरण की मांग की गई ।
चूँकि आदेश सुप्रीम कोर्ट से आया है इसलिए कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ना आवश्यक है ।रिव्यू स्वीकार होने पर ओपन कोर्ट में सुनवाई के लिए टीएफआई ने सीनियर एडवोकेट श्री पी एस पटवालिया एवं श्री वी गिरि जी को कोर्ट में उतारा ।श्री पटवालिया जी ने टीएफआई के महासचिव श्री राम मूर्ति ठाकुर के राज्य संगठन अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के रिव्यू में तथा श्री वी गिरी जी द्वारा उ प्र प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से श्री मेघराज सिंह एवं 232 अन्य के नाम से दाखिल रिव्यू में अपना पक्ष रखा ।जिसको आप वीडियो में देख सकते हैं ।
सुनवाई के दौरान सभी विद्वान अधिवक्ताओं ने भारत सरकार (श्री मनमोहन सिंह सरकार)के दौरान संसद द्वारा आरटीई एक्ट के लागू होने पर दिनांक 23 अगस्त 2010 के द्वारा इससे पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट देने का तर्क दिया गया ।लेकिन जज साहब भारत सरकार (श्री मोदी सरकार) के दौरान संसद द्वारा पारित किए गए संशोधन के क्रम में निर्गत राजपत्र दिनांक 10 अगस्त 2017 के द्वारा 31 मार्च 2015 को नियुक्त एवं कार्यरत सभी शिक्षकों पर टेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता लागू करने पर ही अडिग दिखे ।
सुनवाई के दौरान 10 राज्य सरकारों के अधिवक्ता मौजूद थे लेकिन किसी ने भी यह स्वीकार नहीं किया कि गत 8 वर्षों में किसी भी राज्य सरकार द्वारा सभी शिक्षकों पर टेट लागू करने हेतु कोई भी नोटिस या आदेश जारी नहीं किया है ।
कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है जिसके शीघ्र ही आने की उम्मीद है ।वकीलों का अपना मत है लेकिन हम कामना करते हैं कि निर्णय आपके पक्ष में हो ।
निर्णय अनुकूल होने पर सभी को बधाई और यदि प्रतिकूल हो तो हतोत्साहित न हो ।हम अपना आंदोलन आगे बढ़ाते हुए आगे बढ़ेंगे और श्री मोदी सरकार से कहेंगे कि जो पाप/अन्याय /संशोधन आपकी सरकार के दौरान हुआ है ।ऐसे संशोधन को वापस लेकर देश के 25 लाख शिक्षकों के करोड़ों परिजनों के साथ न्याय करें ।🙏🙏
@priyanka2bharti शर्म नहीं आती है आरक्षण की मांग करते हुए ।अब तो पूरी तरह आरक्षण बंद होना चाहिए। आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए या कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर है उसके लिए आरक्षण होना चाहिए।
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
@PMOIndia@narendramodi@jayantrld@dpradhanbjp
देश में 25 लाख शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू करने के विरोध एवं शिक्षकों को न्याय दिलाने हेतु मा @MPDharmendraYdv जी के नेतृत्व में मा सांसदों ने लोकसभा के अन्दर एवं बाहर जोरदार आबाज उठाई ।भारत सरकार को तत्काल प्रभाव से आवश्यक क़ानून बनाना चाहिए ।
मा.न्यायालय द्वारा शिक्षको के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य बना दिया गया है जबकि जिन शिक्षकों ने टीईटी लागू होने से पहले ही नियमित प्रक्रिया द्वारा नियुक्ति प्राप्त की है उन्हे आज वर्षो बाद टीईटी पास करने का आदेश देना अन्यायपूर्ण है। @Aamitabh2@DrDCSHARMAUPPSS
@AmitShah हमें तो नहीं लगता कि यह देश संविधान के हिसाब से चल रहा है। यहां अमीरों के लिए अलग संविधान है और गरीबों के लिए अलग । भीमराव अंबेडकर जी ने तो एक ही संविधान बनाया था सबके लिए फिर यह अंतर क्यों??????
YES I'M IN ISLAMABAD
And yes, I praised PM Modi's #MissionLiFE
Why should anyone be surprised
Air, water, pollution & emission know no boundaries, our efforts should also not...
And good initiatives anywhere must be appreciated!
We Shall Overcome!
@narendramodi
#sonamwangchuk #india #saveglaciers #savehimalayas #saveladakh #trending #Pakistan #NEWS #viral