पत्रकार मोहित कुशवाह और हर्ष दुबे के बीच बहस
हर्ष दुवे: बताइए टीना डाबी जी के साथ कौनसा भेदभाव होता है?
पत्रकार: ये आप कैसे कह सकते हैं कि अपमान नहीं होता है मतलब सामाजिक भेदभाव नहीं होता है?
हर्ष दुवे: नहीं होता है
पत्रकार: फिर समाज में OBC समाज के व्यक्ति की कथावाचक बनने कर चोटी क्यों काट ली जाती है, सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर थूक को चप्पल से क्यों चटवाया जाता है?
गोंडा के करनैलगंज में निषाद समाज के नेता श्री विनोद सहनी निषाद जी की नृशंस हत्या बेहद दुखद और आक्रोशित करने वाली है।
यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
हमारी मांग है कि सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
इस दुख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ पीड़ित परिवार और निषाद समाज के साथ खड़ी है।
‘न्यायपालिका में “Black Sheep” की संख्या बढ़ रही’- जस्टिस दीपक गुप्ता
- जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- अदालतें अब स्वतंत्रता के उल्लंघन की घटनाओं की “मूक दर्शक” बनती जा रही हैं
- उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक खुद को स्वतंत्र नहीं कह सकता, जब तक उसके पास स्वतंत्र और निडर न्यायपालिका न हो
हाँ हैं।
माँ का मतलब माँ होता है!
“तेरी माँ-मेरी माँ” वाली भाषा हम नहीं जानते!
मेरी माँ माँ है और दूसरों की माँ “जर्सी गाय” वाली संस्कृति मोदी, संघ और उसके भक्तों की है।
>ब्रो का नाम सौरभ मिश्रा है
>ब्रो 2015 बैच का AGMUT कैडर का IAS अधिकारी है
>ब्रो वर्तमान में दमन का DM है
>ब्रो ने कल पूरे दमन थार और फॉर्च्यूनर चालकों को रोड पर सही से चलने की शपथ दिलाई
>ब्रो ने कार्यक्रम की चटक रील बनवा कर कलेक्ट्री निभायी
>ब्रो चाहता तो ट्रैफिक की व्यवस्था दुरुस्त करता, हर नियम को जमीन पर उतार सकता था
>नगर निगम को सड़कों की हालत सही करने की जिम्मेदारी दे सकता था
>सरकारी कर्माचारियों को भ्रष्टाचार से दूर रहने और अपनी ड्यूटी सही से निभाने की शपथ दिला सकता था
>लेकिन ब्रो ने फरमान देकर बुलाया टैक्सपेयर्स को और झाड़ी कलेक्ट्री
>और बनाई तगड़े BGM में रील, ये कर सको तो समझो राजा हो
>कमियाँ सरकारी डिपार्टमेन्ट और कर्मचारियों में तो है ही नहीं, गलती तो हमेशा जनता की है
>अगर नियम सख्त होते हैं तो जनता को भी पालन करना पड़ता है
जिस तरीके से संविधान को हाथ में लेकर देश भर में यूथ कांग्रेस ने मनुस्मृति के ख़िलाफ़ हल्ला बोल किया हुआ है यह ऐतिहासिक है !
महाराष्ट्र यूथ कांगेस ने बड़ी संख्या ने साथियों के साथ जो प्रदर्शन किया वो सफल रहा !
मनुस्मृति जलाओ संविधान बचाओ
सुप्रीम कोर्ट ने निशु आज़ाद और उनके परिवार को अविलंब सुरक्षा देने को कहा, और जिन्होंने रैकी करी, पत्थरबाज़ी करी, थ्रेट दी, उन सभी लोगों पर कार्यवाही होगी, 🔥🔥
निशु माइनर है और उसके खिलाफ़ किया गया कृत्य जघन्य क्राइम की श्रेणी में रखा है,
स्वतंत्र भारद्वाज तो लंबा गया, साथ ही वह लोग भी धरे जाएंगे जिन्होंने फोन करके या मेसेज करके धमकी दी या गाली दी, उसको डराने की कोशिश की,
@Nishuazad11 डरना नहीं है, इन जातंकियों को सबक सिखाना है, पुलिस इंक्वायरी करे तो सारे सबूत पेश करें, आपके केस को गम्भीरता से लिया जा रहा है ।
@UPPolice@dgpup@DelhiPolice@DCWDelhi से मेरा निवेदन है कि Instagram ID “Thakur Hemant Parihar” से मेरी नाबालिग बेटी के बारे में कथित रूप से बेहद आपत्तिजनक, अश्लील और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मेरे पास संबंधित Instagram प्रोफाइल, पोस्ट/मैसेज और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं। कृपया मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आरोपी की पहचान, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और लागू कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही शामली पुलिस एवं संबंधित थाना तत्काल शिकायत का संज्ञान लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें। मेरी नाबालिग बेटी की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
@BhimArmyChief
ये गाजियाबाद के लोनी विधानसभा के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और एक्टिविस्ट हाज़ी सलमान है
जिन्होंने लोनी में हुए जलभराव और ख़राब सड़कों को लेकर सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी है
लोनी से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर है हमेशा हिंदू मुस्लिम करता है, मुसलमान की दुकानों को बंद कराते हुए आपने उसे देखा होगा
अब नंद किशोर ने हाजी सलमान पर पास्को एक्ट के तहत रेप का फर्जी मुकदमा दर्ज करवाकर उसे जेल भेज दिया
FIR के अनुसार माँ बेटी के साथ कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बलात्कार होता है, रास्ते में नंद किशोर गुर्जर मिलता है वो माँ बेटी की मदद करता है
उसके बाद 8 तारीख को यानी घटना के चार दिन बाद पॉक्सो के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ और हाजी सलमान गिरफ्तार हुआ
उत्तर प्रदेश में नार्थ कोरिया वाला शासन चल रहा है यहाँ सरकार के ख़िलाफ़ बोलना यानी जान जोखिम में डालना है।
जिन दलितों को यह उम्मीद है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बन जाएगी तो सपा सरकार में दलितों को खूब सम्मान मिलेगा उन्हें ये वीडियो जरूर देखना चाहिए जो एक दिन पहले का वीडियो जिसमे समाजवादी पार्टी के नेता एक दलित महिला नेता समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कह रही हैं कि उसने 15 साल पार्टी में काम किया उसके बाद भी उनको सम्मान नहीं दिया और ज़मीन पर बैठाया और मंच पर नाम तलक नहीं बोला जिससे काफ़ी आहत हो गई और लाइव आकर समाजवादी पार्टी की दलित विरोधी नियत को उजागर किया।
कल भी समाजवादी पार्टी दलितों शोषितों से नफ़रत करती थी और आज भी करती हैं अगर इनकी सरकार बनी तो दलितों के हकों पर कैची चलाने का काम यही करेंगे जो इन्होंने पहले भी अपनी सरकार में किया था और बहुजन महापुरुषों के नाम बने बाकी जिलों का नाम बदल दे यह भी कहा नहीं जा सकता।
हापुड़ में 4 सितंबर को दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद हुए पथराव और गोलीबारी में दलित समाज के 26 वर्षीय युवा दीपक जी की दुखद मृत्यु हो गई थी।
आज जब AICC-SC विभाग के चेयरमैन और यूपी प्रभारी @AdvRajendraPal जी समाज के अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
सरकार द्वारा पुलिस-प्रशासन का ऐसा राजनीतिक इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
BJP सरकार चाहे कुछ भी कर ले, हम न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।
📍 यूपी
दिल्ली के यादव नगर के समीर की कहानी👇
• समीर का रिक्शा चोरी हो गया
• उसने ख़ुद ही मेहनत करके चोर का पता लगाया
• न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन अमित शाह की पुलिस ने मदद करने के बजाय उसी के साथ मारपीट की
वाह रे अमित शाह की दिल्ली पुलिस!
यह रोती हुई बच्ची विनोद साहनी की बेटी है… क्या सत्ता में बैठे लोग इसकी आँखों में देखकर कह सकते हैं कि यूपी में ‘क़ानून का राज’ है?
एक पिता की जान चली गई, बेटी के हिस्से में आँसू आए और परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। फिर किस मुँह से कानून-व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं?
आज गोंडा में जो देखा, उसने भीतर तक झकझोर दिया। सवाल सिर्फ़ विनोद साहनी की हत्या का नहीं है—सवाल यह है कि आखिर यूपी में सत्ता का संरक्षण किसे है और क़ानून का डर किसके लिए?
इस बिटिया के आँसू सत्ता से जवाब माँग रहे हैं—विनोद साहनी को न्याय कब मिलेगा?