सुबह 8:15 से 🌃 रात 8:15 तक...
कंधे पर: उम्मीदों का भारी बैग
मन में: ज़िम्मेदारियों का अटूट बोझ
दिनभर: 'यस सर, यस सर' की गूँज
रात को: थका हुआ शरीर और खाली मन
💔 जो पीछे छूट जाता है:
✨ मेरे अपने अधूरे सपने
👨👩👧👦 परिवार के साथ हँसते पल
🧘♂️ खुद के लिए थोड़ा सा सुकूँ
@LakhanmeenaIND भाई आरक्षण वाले तुमलोग अपनी बात करो जिसको फ्री मे डिग्री और एडमिशन मिलता हैँ. वर्ल्ड के सबसे बड़े-बड़े कंपनी मे ब्राह्मण ही सीईओ हैँ...