जिन्हें अब भी PDA पर संदेह है, उन्हें @yadavakhilesh के नेतृत्व में @samajwadiparty की संगठनात्मक संरचना को गंभीरता से देखना चाहिए। प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर तक सामाजिक न्याय को ठोस रूप दिया गया है। वीरांगना फूलन देवी जी की बहन रूक्मणी देवी जी को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाना स्पष्ट करता है कि PDA केवल नारा नहीं, बल्कि सम्मान, भागीदारी और वैचारिक प्रतिबद्धता का सशक्त आधार है।
मऊ(जहानाबाद) - आज़मगढ़ की निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख (संजय यादव की पत्नी) ने पति संजय यादव को फर्जी पुलिसकर्मी बनकर उठाए जाने का लगाया गंभीर आरोप
कुछ महीने पहले ही जेल से छुटकर आए थे संजय यादव
गाजीपुर जेल में इनक�� एनकाउंटर करने की कोशिश की बात निकलकर आई थी सामने
वाराणसी में बसपा नेता अजय यादव की हत्या भी फर्जी STF बनकर की गई थी... लोग आशंका जता रहे हैं कि वही स्क्रिप्ट दोहराई जा सकती है
पत्नी का आरोप गाजीपुर के एक मंत्री के इशारे पर हो रहा है पूरा खेल, ठेकेदारी विवाद और गाली वायरल मामले से जुड़ा बताया जा रहा है
ऐसे में सवाल उठता है अगर अपराधी भी हैं तो क्या पुलिस की आड़ में फर्जी कार्रवाई संवैधानिक है?
ह���्या होगी तो मुकदमा और जांच महज़ औपचारिकता बन जाएगी, और बड़े माफिया जेल से छूट जाएंगे?
ओबीसी, SC-ST वर्ग पर लगातार दमन क्यों किया जा रहा?
"पूरा देश यह देख रहा है कि जो वाइस प्रेसिडेंट थे वह क्यों चले गए। भारतीय जनता पार्टी इस्तेमाली पार्टी है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
पंजाब के बाढ़ पीड़ित इलाकों में राहत सामग्री की ढेर लगी हुई है,
सामग्री ज्यादा है, लेने वाले कम हैँ,
10 फीसदी बाढ़ पीड़ित ही राहत सामग्री ले रहे हैँ,
हमारे UP, बिहार में तो सामान लेने के लिए लाठियाँ चल जाती हैँ,
#PunjabFloods
बीते दिनों लोकसभा क्षेत्र में यमुना नदी के बढे हुए जलस्तर के कारण प्रभावित हुए क्षेत्रों का विधायक भाई नाहिद हसन जी के साथ दौरा किया। इस संकट की घड़ी में हम पूर्ण रूप से हर प्रभावित किसान और जनमानस के साथ खड़े है।
#IqraHasan#NahidHasan#yamunaflood#Kairana
अखिलेश जी ने पहले ही कहा था अब्बास अंसारी की सदस्यता जानबूझकर ली गई है, आज अब्बास की विधायकी बहाल कर दी गई
योगी सरकार जानबूझकर विपक्षी नेताओ को परेशान कर रही है
खेल और खेल के नियम यही रहेंगे याद रखना
सुनने में आया है कि भूतपूर्व राज्यपाल और वर्तमान कैबिनेट मंत्री महोदया जी के बुलाने के बावजूद भी आगरा में अधिकारी किसानों की सुनवाई से दूर रहे। अब अधिकारी मासूम बनकर बहाना मारेंगे क��� जाम लगा था, पानी भरा था और बीच सड़क में सांड खड़ा था, इसीलिए हम नहीं आ पाए। भाजपा डिमोशन के बाद भी डिमोशन करने का मौका नहीं चूकती।
अधिकारी किसके इशारे पर कैबिनेट मंत्री जी की अवमानना, उपेक्षा और अपमान करने का साहस कर रहे हैं, ये गहरी खोजबीन का विषय है। कहीं ये भी किसी आपसी खींचातानी की कहानी तो नहीं है?
दिल्ली-लखनऊ वाय�� आगरा!
धर्म और धर्म की सियासत में बुनियादी फ़र्क़ है. धर्म की आड़ में पाखंड और अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसलिए ज़रूरी है कि हम तर्क-विवेक व वैज्ञानिकता से सोचें. जागरूक रहें और हर छलावे से सावधान व सतर्क बने रहें.
बनारस में आयोजित पीडीए जागरण मंच से बहुजन समाज को जागरूक करने और एकजुट करने के लिए उन ��़तरों और चुनौतियों से आगाह कराना ज़रूरी है, जिनकी गिरफ़्त में धोखा हो रहा है. बनारस में हों और संत कबीर याद न आएँ!
“मोको कहाँ ढूँढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास में.”
बेरोज़गारी के मारे उप्र के युवा बेचारे इतने हल्के हो गये हैं कि पुलिस उन्हें गोदी में उठाकर ले जा रही है लेकिन भाजपा याद रखे युवाओं का आक्रोश बहुत भारी पड़ेगा।
इस नौजवान ने मा.अखिलेश जी के कामों की तारीफ की और खास कर उन लोगों को बताने का काम किया, जो बीजेपी के पढ़े लिखे लोगों को उनका काम नहीं दिखता है।
@yadavakhilesh