आज ही के दिन बाबूजी, आप हमें छोड़कर हमेशा के लिए उस अनंत यात्रा पर चले गए थे। साल बीत गए, लेकिन मेरे लिए आज भी ऐसा लगता है जैसे कल ही आपका स्नेह भरा चेहरा, आपकी आवाज और आपका साथ मेरे आसपास था। आपने जो प्यार, संस्कार और जीवन जीने की सीख दी, वही आज मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।