क्या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी बताएंगे—
शिक्षक भर्ती 2018 के पहली काउंसिलिंग के बाद बचे 8172 पद आखिर कहां गायब हो गए ?
प्रदेश का युवा पूछ रहा है—
8172 पदों का हिसाब दो या कुर्सी छोड़ो!!!
#TeacherRecruitment#जयभीम@CMMadhyaPradesh@udaypratapmp
मध्य प्रदेश में OBC वर्ग के बच्चों के साथ पिछले 7 साल से BJP सरकार अन्याय कर रही है।
OBC के 13% होल्ड किए गए बच्चों को आज तक जॉइनिंग नहीं दी गई।
हैरानी की बात यह है कि सरकार कोर्ट में अपने वकील तक ठीक से नहीं भेजती।
क्या यही सामाजिक न्याय है? @DrMohanYadav51@NationalDastak
@mukeshdeshka समस्याएं बीजेपी नहीं,बल्कि समस्याओं को बढ़ाने वाले OBC SC ST समाज के वे तथाकथित नेता लोग हैं जो अपने स्वार्थ में लिप्त व्यक्तिवादी परिवारवादी पार्टीयों बनाकर अलग-अलग कुआ खोदने में लगे पड़े हैं
जिन्हें बढ़ती समस्याओं से कोई मतलब नहीं #UGC_लागू_करो#ugc_बहाल_करो#UGCRegulations2026
उच्च शिक्षण संस्थानों मे व्याप्त जातिगत असमानता,भेदभाव, उत्पीड़न को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी बिल 2026 आया है जिसे promotion of equality in higher education institutions regulation 2026भी कहा जा सकता है, 15जनवरी 2026से लागू हो गया है, जिस पर समाज का श्रेष्ठि वर्ग और उनको खाद-पानी दे रहे जातिवादी तत्व सोशल मीडिया से लेकर सामाजिक धरातल पर गदर काटे हुये हैं,ध्यान दीजिये ये वही लोग हैं जो वर्णाश्रम व्यवस्था,सनातन की जय-जयकार एवं संविधान का धिक्कार करते हैं। यूजीसी के इस समतावादी कानून मे एससी एसटी तो पहले से शामिल थे, अब इसमे ओबीसी,दिव्यांग, ईडब्ल्यूएस को शामिल कर इसे समावेशी बनाने की पहल की गई है।इस तरह का विरोध बे लोग कर रहे हैं जो अनुच्छेद 18 का खुलेआम उल्लंघन करते हैं और अन्याय को परम्परा मान लिये हैं, संविधान की लाठी भी इनके छद्म श्रेष्ठताबोध का उन्मूलन नही कर पा रही, यूजीसी की ओर से संसदीय समिति एवं सुप्रीम कोर्ट मे जो डाटा पेश किये हैं उसके मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों मे 2019-20 से 2023-24 तक 118.4%शिकायतों मे वृद्धि हुई है जातिगत भेदभाव की,यानि शिकायतों की संख्या 173 से 378 तक पहुंच गई हैं, क्या ये विश्वगुरु के लिए चिंताजनक स्थिति नही है?क्या हम व्यवस्था के विषधरों के आगे रोहित वेमुला,पायल तड़वी, मुत्थू कृष्णन, सुनील देवांगन जैसे होनहार बच्चो को जिंदगी से हाथ धोते हुये देखते रहें?मुझे याद है जब मंडल आयोग की रिपोर्ट 1990 मे व्हीपी सिंह ने लागू की थी उस समय भी पिछड़ा वर्ग ने चुप्पी साध ली थी और आज भी सन्नाटा पसरा हुआ है,मुट्ठीभर वर्चस्ववादी समूह के लोग अपने जातीय वर्चस्व को टूटता देख सड़कों पर उतर आये हैं और हम इस यूजीसी बिल 2026के समर्थन मे खुलकर मैदान मे नही आ रहे हैं,सनद रहे!"अगर चुप रही जबान-ए खंजर तो लहू पुकारेगा आस्तीन का"।इस बिल की खासियत ये है कि इसमे एक इक्विटी कमेटी होगी जिसमे एससी,एसटी,ओबीसी,महिला एवं दिव्यांग समूह से सदस्य होंगे,एक ईओसी (equality opportunity center)होगी,24×7शिकायत निवारण केन्द्र होगा,प्रत्येक छ माह मे बैठक कर प्रतिवेदन यूजीसी को भेजना होगा, अन्यथा उस संस्थान, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय की मान्यता,संबद्धता खत्म की जा सकेगी, फंडिंग रोकने, ग्रेडिंग निर्धारण मे इन मानकों के क्रियान्वयन को कसौटी पर कसा जायेगा।यूजीसी ने फर्जी शिकायत (fake complaint)वाला डराने वाला प्रावधान हटा दिया है ताकि पीड़ित चुप न हो और भेदभाव को अपनी नियति न मान ले। गाजियाबाद की डासना पीठ के यति नरसिंहानन्द गिरी,एवं बाबा साहब अम्बेडकर का अपमान करने वाला आनन्दस्वरूप जैसे मठाधीश भी अपना मूल काम छोड़कर यूजीसी के नये नियम का विरोध कर रहे हैं तब एससी,एसटी,ओबीसी के लोग कौन से पीले चावल का इंतजार कर रहे हैं?याद रखें जो कौम अपने हक-अधिकारों के लिये मुंह नही खोल सकती, अन्याय अत्याचार उसकी नियति बन जाती है। I SUPPORT UGC
अरावली पर्वतमाला को तोड़ने के नुकसान (जो बहुत गहरे और लंबे समय तक चलने वाले हैं)
1. रेगिस्तान का फैलाव
अरावली थार रेगिस्तान के लिए प्राकृतिक दीवार है
इसे तोड़ने से राजस्थान का रेगिस्तान हरियाणा और दिल्ली तक फैल सकता है।
2. जल संकट
अरावली वर्षा जल को रोककर भूजल रिचार्ज करती है
पहाड़ टूटे → पानी बहकर चला गया →
कुएँ सूखेंगे
दिल्ली-NCR में जल संकट और गंभीर होगा
3. जलवायु पर प्रभाव
तापमान में वृद्धि (Heat Island Effect)
मानसून पैटर्न बिगड़ सकता है
धूल भरी आँधियाँ और प्रदूषण बढ़ेगा
4. जैव विविधता का नुकसान
तेंदुआ, सियार, नीलगाय, पक्षी और औषधीय पौधों का आवास नष्ट
कई प्रजातियाँ स्थायी रूप से खत्म हो सकती हैं।
5. प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएँ
खनन से:
हवा में धूल
पानी में भारी धातुएँ
दमा, टीबी, त्वचा रोग, आँखों की बीमारियाँ बढ़ेंगी
6. प्राकृतिक आपदाओं का खतरा
बाढ़ और मृदा अपरदन (Soil Erosion)
भूस्खलन और ज़मीन धँसने की घटनाएँ
7. भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान
कल की भारी कीमत
आने वाली पीढ़ियों को:
पानी नहीं, शुद्ध हवा नहीं
स्थिर जलवायु नहीं
2% वालों का गजब डिमांड है !!
UP के राजपूतों को योगी जी पसंद है पर वहा चाहते है कि...
मौर्या-केशव प्रसाद मौर्य को नकार दे..
कुर्मी-अनुप्रिया पटेल को नकार दे...
मुस्लिम-ओवैसी को नकार दे...
मल्लाह-संजय निषाद को नकार दे...
राजभर-OP राजभर को नकार दे...
दलित-मायावती जी को नकार दे...
और सब मिलकर योगी को नेता माने...
2% वाला मुख्यमंत्री बनेगा और 98% उसको नेता मानेंगे...
माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी सात सालों से अधुरी है मध्य प्रदेश शिक्षकभर्ती2018। कब तक पूरी होगी लाखों युवा नियुक्ति के इंतजार में बैठे हैं हज़ारों पद ख़ाली हैं अतः आपसे निवेदन है कि मध्य प्रदेश शिक्षकभर्ती2018 पद वृद्धि और तीसरी काउंसिलिंग के साथ पूरी करने की कृपा करें।