व्यावसायिक प्रशिक्षक केवल शिक्षक नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के कौशल और भविष्य के निर्माता हैं।
जब समान कार्य और समान जिम्मेदारियाँ हैं, तो फिर समान अधिकार, सेवा सुरक्षा और सम्मान क्यों नहीं?
हमारी माँगें स्पष्ट हैं— ✔️ नियमितीकरण
✔️ सेवा सुरक्षा
✔️ समान कार्य का सम्मान
"व्यवसायिक शिक्षक की सबसे बड़ी त्रासदी यह नहीं कि उसे वेतन देर से मिलता है...
बल्कि यह है कि उसके वर्षों का समर्पण भी उसके भविष्य की गारंटी नहीं बन पाता।"
असुरक्षित नौकरी और अधूरे सपने NEP 2020 की शायद नींव यहीं है ,,,
@GajendraYdvBJP@bhupeshbaghel@ChhattisgarhCMO