राम मंदिर चोरी विवाद में वो लोग ज़्यादा व्यथित हैं जो राम के इतिहास पर प्रश्न उठाते थे। ये वही लोग हैं जो राम और रामभक्तों को गालियाँ देते थे,यही लोग आज कोट के ऊपर जनेऊ धारण करते हैं। केजरीवाल हों,राहुल हों या अखिलेश इनके पुराने भाषणों को आप सुनें, इनकी पार्टी के पूर्वमत को जाने।
It was already certain before the CJPs so‑called protest that Pradhan would either resign or be moved from his ministry; this protest only delayed that process. Along with Pradhan more ministers will also be changed, due to the BJP's internal calculations, not because of protest.
बीते दिनों बिहार में हुई भरत तिवारी की हत्या ने पुनः सत्ता की निरंकुशता को दर्शाया। शरण में आए व्यक्ति को मारना धर्म नहीं है, और फिर उस व्यक्ति ने सरकार के विरोध के अतिरिक्त ऐसा कोई कार्य नहीं किया जो ये परिणाम हुआ, ना वह खालिद की तरह आतंकवादी था और न हत्यारा। #bharattiwari
हाल ही में एक वाकया हुआ,जो कि बेहद निंदनीय व चिंताजनक है। स्त्रियों को ऑब्जेक्टिफाई करने व उनको अपने भोग की वस्तु के रूप में प्रदर्शित करने वाले समाज से और क्या ही उपेक्षा की जा सकती थी।हास्य के नाम पर लंबे समय से ऐसा होता आ रहा है जो कि गलत है और प्रतिकार का भागी है।
#biryani370
समय सबके साथ न्याय करता है। जिस ममता बनर्जी ने इतने लोगों की हत्या करवाई, हिंदुओं का जीना दुर्लभ हुआ। जिन्होंने लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया आज समय का पहिया ऐसा घूमा की अपने अस्तित्व तक को नहीं बचा पा रही हैं। याद करिए वो बात "हमसे लड़िए चलेगा राम में मत लड़िए..निपट जाएंगे"। #tmc
@MisraNityanand नित्यानंद जी आपका हाल ही में हुआ पॉडकास्ट देखा। मैं आपकी कई बातों से सहमत भी हूं, पर अधिकतम बातों से नहीं। आप अच्छा कार्य कर रहे थे, परंतु इस प्रकार के व्याख्यानों की उम्मीद आपसे नहीं थी। ज्ञान परंपरा में विज्ञान का श्रेष्ठतम स्थान रहा है वह छद्मविज्ञान नहीं है।
That recent interview of Nivedita Menon with @khanumarfa felt less like a serious discussion and more like a performance built on provocation. Public debates deserve evidence and rationality not outrage bait and careless generalizations. This is not liberalism and Feminism.Dumb!
@abhinaymaths जी। चाहें प्रधानमंत्री जी हो या अंजना जी, आप निःसंदेह ही दोनों का विरोध कर सकते हैं, उनकी बातों से असहमत हो सकते हैं पर आप शिक्षक हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग कम से कम आप जैसे लोगों को शोभा नहीं देता। अपना आंकलन आपको स्वयं एक बार बैठ कर करना चाहिए कि आप कहां गलत हैं।
DAKSHI presents Rajmata Ahilyabai Holkar Memorial Lecture 2026!🪷
Topic: Re-tracing the Indic Idea of Feminism with Respect to Indian Scriptures
Speaker: Padma Shri Dr. Nivedita Bhide Ji (Vice President, Vivekananda Kendra,Kanyakumari)
Group: https://t.co/WtLNl7wt3B
#history
बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री होना भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुवात का संकेत अवश्य है, किंतु इस परिवर्तन को समझने के लिए समय में पीछे जाना होगा, कुछ 100 वर्ष पीछे, फिर कुछ 50 वर्ष पीछे। बंगाल चार किलों में से पहला किला है; जिसका ध्वस्त होना अनिवार्य था। जय हो!🇮🇳🕉️🪷
प्रधानमंत्री जी को अपने राजनैतिक गुरु श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी से सीखना चाहिए कि जब अमेरिका आवाज़ उठाता है तो उसे कैसे दबाया जाए।कविराज का वो भाषण आज भी भारतीय के हृदय में गूंजता है।"विश्व ने देखा कि भारत शांति चाहता है;पर अब विश्व देखेगा कि भारत शांति स्थापित कैसे करता है।
UGC के नए कानून कुछ और नहीं दूसरा मंडल कमीशन है; यह एक बड़े आंदोलन की चिंगारी है,ऐसी चिंगारी जो सत्ता में बैठे उन धूर्तों को उखाड़ फेंकेगी, उनके अहम का नाश कर देगी और पुनः एक नए राज्य का निर्माण करेगी। ये सभी कृत्य समानता को बढ़ाने की जगह और द्वेष पैदा कर रहे हैं #UGCRegulations
मंदिरों और तीर्थों को पवित्र रहने दिया जाए, उन्हें घूमने फिरने की जगह में परिवर्तित करने की आवश्यकता नहीं है। चाहें फिर मणिकर्णिका घाट हो, काशी, प्रयागराज हो फिर केदारनाथ, बद्रीनाथ उनका सरल होना ही उनकी विशेषता है, वो पहले से मुक्त हैं उन्हें ईंट पत्थरों से सुशोभित-बंधित न करें।
हर जगह कुछ महानुभाव कोई भी गलत कार्य को अंजाम देकर, हिंसा करकर, तोड़ फोड़ मचाकर, जय श्री राम के नारे लगाते हैं। राम करुणा से भरे हैं, न्याय की मूर्ति हैं, उनके नाम को लेकर ऐसा कार्य करना बंद करिए, इससे न आप राम भक्त रह जाएंगे और न ही हिन्दू। प्रेम का प्रचार करिए। 2/2
आज कल मैं बड़ा ही दु:खद दृश्य देख रहा हूं। मैं नहीं चाहता कि राम का प्रचार हो;अगर राम का नाम लेकर आपको वही कार्य करना है जो दूसरे रिलीज़न के लोग करते आए हैं तो ये बहुत ही निरर्थक और अपमानजनक है। अपनी हिंसा को राम के नाम के पीछे मत छुपाइए,राम का नाम लेकर धर्म के भक्षक मत बनिए। 1/2
सरकार ये ध्यान रखे कि अगर अरावली की पहाड़ियों पर चोट की गई तो निःसंदेह ही पूरे उत्तर भारत के वातावरण पर गहरा घात होगा, प्रकृति के साथ किया गया ये खिलवाड़ एक बड़े विध्वंश का कारण बनेगा। पहाड़ों में हस्तक्षेप का विध्वंस जोशीमठ ने देखा अरावली का परिणाम पूरा भारत देखेगा @mygovindia
14 नवंबर 2025, नई दिल्ली।
रामजस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में दक्षी के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम ज्ञानपर्व'25 के अवसर पर छात्र-छात्राओं के बीच अपने विचार रखने का मौका मिला। सनातन परम्परा, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका संवाद बहुत प्रेरणादायक रहा। साथ ही सनातन महासंघ के संस्थापक श्री गौतम खट्टर जी ने भी अपने गहरे और मार्गदर्शक विचार रखे, जिसे सभी को नई दृष्टि मिली। ज्ञानपर्व'25 सच में ज्ञान, संवाद और साकारात्मक ऊर्जा से भरा एक यादगार अनुभव।